फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Other Archives ›   mc meeting postpone

हंगामें के डर से निगम हाउस की बैठक स्थगित

Tue, 09 Sep 2014 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक Updated Tue, 09 Sep 2014 02:14 AM IST
विज्ञापन
आचार संहिता लगने से पहले निगम हाउस की सोमवार को होने वाली बैठक, हंगामा होने के डर से स्थगित कर दी गई।
विज्ञापन


अब अगली बैठक मंगलवार 16 सितंबर को तय की गई है। लेकिन तब तक आचार संहिता लगने से यह बैठक होना मुश्किल नजर आ रहा है। बैठक रद होने से पार्षदों की तैयारियों पर भी पानी फिर गया है। कुछ पार्षदों ने कहा कि ऐसा ड्रामा पहले भी लोकसभा चुनावों में हुआ था।

वहीं, कुछ ने कहा कि उन्हें पहले ही पता था कि बैठक नहीं होगी। मेयर द्वारा जारी पत्र में बैठक स्थगित करने के आवश्यक कारण बताए गए हैं। लेकिन उनके पति का कहना है कि मेयर बीमार हैं और वे गुड़गांव में दाखिल हैं। इसलिए बैठक को रविवार को ही स्थगित कर दी गई थी।
विज्ञापन


आचार संहिता से पहले नगर निगम हाउस की बैठक का मामला शुरू से विवादों में रहा है। बैठक की तिथि से लेकर एजेंडे में शामिल कार्यों की सूची को लेकर पार्षद शुरू से स्वयं को ठगा महसूस कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके चलते पार्षदों ने मेयर रेणु डाबला और निगम प्रबंधन को घेरने की रणनीति तैयार की थी। लेकिन सोमवार सुबह करीब 10 बजे पार्षदों को बैठक स्थगित करने का फोन आ गया। इस बैठक के लिए 13 अगस्त को पार्षदों से विकास कार्यों की सूची मांगी गई थी और 28 को मेयर रेनू डाबला ने 16 प्वाइंट्स का एजेंडा जारी किया था।
निगम अधिकारियों ने कहा था बैठक रद करने को
सूत्रों के अनुसार बैठक के बारे में मेयर और कुछ कांग्रेसी पार्षदों के साथ निगम के आला अधिकारियों की बैठक में चर्चा हुई थी। निगम प्रशासन के अधिकारियों ने ही मेयर को यह बैठक  नहीं कराने को कहा था। इन अधिकारियों को बैठक में ज्यादा हंगामा होने की आशंका थी।

ये बोले पार्षद...
बैठक जानबूझ कर स्थगित कर दी गई। यह सोची समझी राजनीति के तहत किया गया है। बैठक नहीं करनी थी तो इतना सब क्यों किया गया। इस मामले को बैठक में उठाया जाएगा।
ममता रानी, पार्षद, वार्ड-2

बैठक को लेकर शुरू से ही संशय था। यह केवल पार्षदों के दबाव के कारण हो रहा था। मेयर की ओर से जानबूझ कर बैठक की तारीख आचार संहिता की संभावना के चलते 8 सितंबर रखी गई थी, लेकिन नहीं लगी तो बैठक स्थगित कर दी। अगली तारीख भी जानबूझ कर इतनी लंबी दी गई है। यह बैठक होनी ही नहीं थी, इसका पहले ही पता था।
नीरा भटनागर, पार्षद, वार्ड-14

‘मेरे पास तो मेयर की ओर से एजेंडा ही नहीं भेजा गया है। बैठक भी जानबूझकर स्थगित की गई है। इसी तरह का ड्रामा मेयर की ओर से पहले भी किया जा चुका है। लोकसभा चुनावों के दौरान भी बैठक को इसी तरह स्थगित कर दिया गया था। बाद में आचार संहिता लग गई तो बैठक रद्द कर दी गई थी। यह सीधे तौर पर पार्षदों के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया गया है।’
बलराज ‘बल्लू’, पार्षद, वार्ड 9

बैठक जानबूझ कर सोची समझी रणनीति के तहत स्थगित की गई है। इसलिए बैठक का एजेंडा भी महज खानापूर्ति के लिए तैयार किया गया था। पार्षदों के मान-सम्मान के साथ खिलवाड़ विधायक और निगम प्रशासन के कहने पर किया गया है।
पूनम किलोई, पार्षद, वार्ड 18।

मेयर ने जानबूझ कर बैठक स्थगित किया है। इसके पीछे नगर निगम प्रशासन और मेयर की नीयत ठीक नहीं है। जानबूझकर बैठक के लिए 8 सितंबर की तारीख रखी थी। उन्हें तब तक आचार संहिता लगने की उम्मीद थी। अगली बैठक की तिथि देरी से रखी गई है। इस बात को बैठक में उठाया जाएगा।

अशोक खुराना, पार्षद, वार्ड 10

विवार को ही स्थगित कर दी थी बैठक
मेयर रेणु डाबला की तबियत खराब है। उन्हें गुड़गांव के अस्पताल में दाखिल कराया गया है। बैठक रविवार को ही स्थगित करने के बारे में निगम आयुक्त और प्रशासन को सूचित कर दिया गया था। अब यह बैठक अगले मंगलवार को की जाएगी। मेयर रेणु डाबला को सोमवार शाम को अस्पताल से छुट्टी मिली है।
संदीप कुमार, मेयर रेणु डाबला के पति
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed