फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Other Archives ›   Market of changing time

बदलते दौर का बाजार

Tue, 07 Oct 2014 08:48 PM IST
नई दिल्ली
नई दिल्ली Updated Tue, 07 Oct 2014 08:48 PM IST
विज्ञापन
Market of changing time

ऑनलाइन बिजनेस पोर्टल फ्लिपकार्ट ने महज दस घंटे में छह सौ करोड़ रुपये का कारोबार कर बदलते बाजार की तस्वीर दिखाई है। हालांकि देश के 2.35 लाख करोड़ रुपये सालाना के कुल खुदरा कारोबार में अभी ई-कॉमर्स की हिस्सेदारी एक फीसदी से भी कम है, मगर यह भी सच है कि शहरी मध्य वर्ग में ऑनलाइन कारोबार के प्रति रुझान तेजी से बढ़ता जा रहा है।

विज्ञापन


अमूमन भारतीयों के लिए बाजार जाना किसी सांस्कृतिक यात्रा से कम नहीं रहा है और जब तक वह चीजों को उलट-पुलट कर देख न लें, हाथों से उसे छूकर देख न लें, किसी भी सामान पर उनका भरोसा जमता नहीं है! मगर ऑनलाइन कारोबार इस चलन को बदल रहा है। खुदरा सामानों की खरीद के बढ़ते सिलसिले ने ई-कॉमर्स के कारोबार में नई संभावनाएं पैदा कर दी हैं, जिसमें इसी मध्यम वर्ग की बड़ी भूमिका कही जा सकती है।
विज्ञापन


इस बाजार में कारोबार की बढ़ती गुंजाइश का पता इससे चलता है कि हर छह महीने में औसतन पांच ई-कॉमर्स कंपनियां मैदान में उतर रही हैं। यही नहीं, भारत में दस्तक दे चुकी अमेजन के प्रमुख जेफ बेजोस ने भारत में दो अरब डॉलर के निवेश की घोषणा कर रखी है और कई दिग्गज कंपनियां इस बाजार में उतरने को उतावली हैं। ई कॉमर्स से खुदरा बाजार को अभी बड़ी चुनौती भले न हो, लेकिन इसने खरीदारों की राह आसान कर दी है और उसके पास विकल्प भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन इसका दूसरा पक्ष यह भी है कि अभी 60 फीसदी ई कारोबार देश के सिर्फ दस बड़े शहरों तक ही सीमित है और पचास हजार करोड़ रुपये के इस कारोबार में से 80 फीसदी कारोबार हवाई जहाज, ट्रेन और बसों से होने वाली यात्रा के सिलसिले में किए जाने वाले भुगतान के रूप में होते हैं।


इसके अलावा ऑनलाइन खुदरा कारोबार करने वाली कंपनियों की अपनी सीमाएं भी हैं, जिसका नजारा फ्लिपकार्ट की बिग बिलियन डे योजना के दौरान मची अफरा तफरी के रूप में दिखा, जब एक साथ इस साइट पर इतने लोग आ गए कि यह साइट ही कई बार क्रैश हो गई! मगर इससे भी अहम बात यह है कि अभी देश में महज 25 करोड़ लोग तक ही इंटरनेट की पहुंच है। यानी ई कॉमर्स के विस्तार के लिए जरूरी यह भी है कि इंटरनेट का भी विस्तार हो।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed