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हताश ममता की बौखलाहट

Sun, 23 Nov 2014 08:11 PM IST
नई दिल्ली
नई दिल्ली Updated Sun, 23 Nov 2014 08:11 PM IST
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Mamta's frustration

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी जुझारू छवि के लिए जानी जाती हैं, लेकिन शारदा चिटफंड घोटाले में अपने सांसद की गिरफ्तारी के बाद केंद्र सरकार पर हमला बोलकर उन्होंने अपनी हताशा का ही परिचय दिया है। वह इस कदर हताश हैं कि सृंजय बोस की गिरफ्तारी के बाद आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में उन्होंने मंच से एक अनाम विपक्षी नेता को अपशब्द कह दिया, फिर तत्काल वह शब्द वापस लिया।

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केंद्र सरकारों द्वारा सीबीआई का दुरुपयोग करने का उनका आरोप गलत नहीं, पर यह कहना सच से मुंह मोड़ना है कि चूंकि वह कांग्रेस द्वारा आयोजित नेहरू जयंती सम्मेलन में भाग लेने गई थीं, इसलिए उनके सांसद की गिरफ्तारी की गई। शारदा घोटाले की जांच केंद्र में मोदी सरकार के आने से पहले से चल रही है, लिहाजा इसे नई सरकार द्वारा बदले की कार्रवाई नहीं मान सकते।
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यह आरोप भी बेतुका है कि राज्यसभा में संख्याबल न होने के कारण केंद्र तृणमूल के राज्यसभा सांसदों की गिरफ्तारी करवा रहा है, ताकि महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करवा सके। क्या दीदी को बताना पड़ेगा कि कुणाल घोष के खिलाफ कार्रवाई न सिर्फ उनके कहने पर की गई, बल्कि पिछले दिनों आत्महत्या का प्रयास करते घोष को मुंह खोलने तक नहीं दिया गया, ताकि शारदा घोटाले का सच सामने न आ जाए? फिर सेक्यूलर राजनीति का डंका पीट रहीं ममता यह क्यों छिपा रही हैं कि नेहरू जयंती समारोह में भाग लेने के बाद दिल्ली में उन्होंने किसी कांग्रेस नेता से नहीं, बल्कि लालकृष्ण आडवाणी, राजनाथ सिंह और अरुण जेटली से मुलाकात की थी! ऐसे में, यह कहकर वह आखिर किसे बेवकूफ बना रही हैं कि ऐसे धर्मनिरपेक्ष सम्मेलनों में मैं हजार बार जाऊंगी?
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दीदी की ईमानदारी असंदिग्ध हो सकती है, पर शारदा घोटाले में उनकी पार्टी से जुड़े लोगों की जिस तरह गिरफ्तारियां हो रही हैं, उन्हें देखते हुए कौन मानेगा कि वह चिटफंड कंपनी मुख्यमंत्री की जानकारी के बगैर सूबे में अपना विस्तार कर रही थी? सिर्फ यही नहीं कि करीब साढ़े तीन साल के अपने मुख्यमंत्री काल में दीदी राज्य की तस्वीर जरा भी नहीं बदल पाई हैं, बल्कि शारदा घोटाले और बर्दवान बम विस्फोट मामलों में अगंभीरता का परिचय देने के बाद अब वह उनका ठीकरा जिस तरह केंद्र सरकार पर फोड़ रही है, वह गैरजिम्मेदार राजनीति का ही नमूना है।

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