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खरपतवार बना खूनी संघर्ष का सबब, 8 घायल
सोनीपत
Updated Tue, 12 Aug 2014 11:57 PM IST
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गांव शामड़ी भूरान में खेत के पड़ोसी किसानों का मात्र इस बात को लेकर झगड़ा हो गया कि वह खेत से निकले खरपतवार को उनके तरफ बनाए गए बांध (ढोले) पर क्यों रख रहे हैं।
इस मामले को लेकर पहले हुई कहासुनी बाद में दोनों पक्षों के बीच खून संघर्ष में तब्दील हो गई और दोनों तरफ से करीब चार-चार लोग घायल हो गए। झगड़े के समय फायरिंग भी हुई तथा जिसमें एक व्यक्ति को बंदूक से निकली गोली के छर्रे भी लगे। घटना के बाद परिजनों द्वारा घायलों को गोहाना के सरकारी अस्पताल में लाया गया। जहां से उन्हें रोहतक के पीजीआई रेफर कर दिया।
गांव शामड़ी भूरान पाने के सरपंच ईश्वर सिंह का बेटा नरेंद्र, सरपंच के चाचा का लड़का सुरेंद्र पुत्र सूबे सिंह और रोहतास धान की फसल में उगे खरपतवार (घास-फूस) को खेत से निकालने गए थे। सरपंच ईश्वर सिंह ने बताया कि जब वह खरपतवार को बाहर निकाल कर दोनों खेत के बीच में बने बांध (ढोले) पर रख रहे थे तो पड़ोस के किसानों ने इस पर एतराज जताया। उन्होंने कहा कि इतना कहने के बाद उन्होंने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में फायरिंग भी हुई। जिसमें बंदूक से निकली गोली के छर्रे सरपंच के बेटे नरेंद्र को लगे। वह घायल हो गया। उसके बाद दूसरे पक्ष के किसानों ने रोहतास और सुरेंद्र की धुनाई की।
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वही पास में अपने खेत में काम कर रहे जितेंद्र पुत्र ईश्वर ने अपने भाइयों को पिटते हुए देखा तो वह उन्हें छुड़वाने के लिए वहां पर पहुंचा लेकिन उसकी भी धुनाई कर दी। सुरेंद्र ने बताया कि गांव के ही हुकुमचंद, राजेश, मोनू के साथ अन्य लोगों ने उन पर डंडे, लाठियों और बंदूक के साथ वार किया और जान से मारने की कोशिश की। सूत्रों से पता चला कि दूसरे पक्ष के किसान भी घायल है। सरपंच को मामले की सूचना मिली और मौके पर पहुंचे। घायलों को सरकारी अस्पताल में लाया गया जहां से चिकित्सकों ने उनकी हालत को गंभीर देखते हुए रोहतक के पीजीआई रेफर कर दिया।
संघर्ष के संबंध में दूसरे पक्ष के हुकुमचंद का कहना है कि उनके द्वारा सरपंच ईश्वर के खिलाफ आरटीआई लगाई गई थी। जिसके चलते उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने अपने बचाव में हवाई फायर किया न कि किसी पर गोली चलाई।
दूसरी ओर इस मामले में डीएसपी राजीव देशवाल का कहना है कि उनको दो पक्षों में झगड़े की सूचना मिली है और वह मामले की जांच कर रहे है। दोनो पक्षों के लोगोें से मामले को लेकर बातचीत की जा रही है।
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इस मामले को लेकर पहले हुई कहासुनी बाद में दोनों पक्षों के बीच खून संघर्ष में तब्दील हो गई और दोनों तरफ से करीब चार-चार लोग घायल हो गए। झगड़े के समय फायरिंग भी हुई तथा जिसमें एक व्यक्ति को बंदूक से निकली गोली के छर्रे भी लगे। घटना के बाद परिजनों द्वारा घायलों को गोहाना के सरकारी अस्पताल में लाया गया। जहां से उन्हें रोहतक के पीजीआई रेफर कर दिया।
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गांव शामड़ी भूरान पाने के सरपंच ईश्वर सिंह का बेटा नरेंद्र, सरपंच के चाचा का लड़का सुरेंद्र पुत्र सूबे सिंह और रोहतास धान की फसल में उगे खरपतवार (घास-फूस) को खेत से निकालने गए थे। सरपंच ईश्वर सिंह ने बताया कि जब वह खरपतवार को बाहर निकाल कर दोनों खेत के बीच में बने बांध (ढोले) पर रख रहे थे तो पड़ोस के किसानों ने इस पर एतराज जताया। उन्होंने कहा कि इतना कहने के बाद उन्होंने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में फायरिंग भी हुई। जिसमें बंदूक से निकली गोली के छर्रे सरपंच के बेटे नरेंद्र को लगे। वह घायल हो गया। उसके बाद दूसरे पक्ष के किसानों ने रोहतास और सुरेंद्र की धुनाई की।
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वही पास में अपने खेत में काम कर रहे जितेंद्र पुत्र ईश्वर ने अपने भाइयों को पिटते हुए देखा तो वह उन्हें छुड़वाने के लिए वहां पर पहुंचा लेकिन उसकी भी धुनाई कर दी। सुरेंद्र ने बताया कि गांव के ही हुकुमचंद, राजेश, मोनू के साथ अन्य लोगों ने उन पर डंडे, लाठियों और बंदूक के साथ वार किया और जान से मारने की कोशिश की। सूत्रों से पता चला कि दूसरे पक्ष के किसान भी घायल है। सरपंच को मामले की सूचना मिली और मौके पर पहुंचे। घायलों को सरकारी अस्पताल में लाया गया जहां से चिकित्सकों ने उनकी हालत को गंभीर देखते हुए रोहतक के पीजीआई रेफर कर दिया।
संघर्ष के संबंध में दूसरे पक्ष के हुकुमचंद का कहना है कि उनके द्वारा सरपंच ईश्वर के खिलाफ आरटीआई लगाई गई थी। जिसके चलते उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने अपने बचाव में हवाई फायर किया न कि किसी पर गोली चलाई।
दूसरी ओर इस मामले में डीएसपी राजीव देशवाल का कहना है कि उनको दो पक्षों में झगड़े की सूचना मिली है और वह मामले की जांच कर रहे है। दोनो पक्षों के लोगोें से मामले को लेकर बातचीत की जा रही है।