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घर के पास ही घूमता रहा आरोपी, योजना ही बनी फंसने का आधार

Fri, 19 Sep 2014 02:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक Updated Fri, 19 Sep 2014 02:45 AM IST
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सेक्टर-4 निवासी सरकारी ठेकेदार के इकलौते बेटे प्रथम का अपहरण एकाएक नहीं हुआ।
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आरोपी जितेंद्र पूरी योजना बनाकर आया था। स्कूल बस पहुंचने से पहले ही बच्चे के घर के बाहर पहुंच गया और जैसे ही बच्चा पहुंचा उसे उठाया और डिग्गी में डालकर फरार हो गया।

लेकिन, उसकी यह योजना ही उसके फंसने का आधार बन गई। वहां घरों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों ने उसकी हर हरकत को कैद कर लिया। इससे पुलिस को हुलिए और अपहरणकर्ता की गाड़ी का पता लग गया।  घटना के अनुसार 2 बजकर 29 मिनट पर आरोपी जितेंद्र अपनी सेंट्रो गाड़ी को लेकर कोठी नंबर 255 के बाहर पहुंच गया था। गाड़ी खड़ी की और मोबाइल लेकर इधर से उधर घूमता रहा। 2 बजकर 36 मिनट पर एकाएक कार में बैठा और बहुत तेजी से कार को दौड़ाते हुए नजर आया।
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गेट पर जूता मिला तो हुई अपहरण की आशंका
प्रथम का अपहरण कर जितेंद्र वहां से निकल गया, लेकिन परिवार वालों को पता तक नहीं चला। बताया जा रहा है कि प्रथम श्री राम ग्लोबल स्कूल में प्रथम कक्षा में पढ़ता है। वह रोजाना करीब पौने 3 बजे से 3 बजे के बीच में घर पहुंचता था। 2 बजकर 50 मिनट पर उसकी मां गेट पर पहुंची तो देखा कि गेट के बाहर ही बच्चे का जूता पड़ा हुआ है। आशंका हुई तो तुरंत पति को सूचना दी।
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सीसीटीवी फुटेज देखी तो चला पता
बच्चे का जूता मिलने के बाद परिजनों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो पता चला कि प्रथम का अपहरण कर लिया गया है। 3 बजकर 12 मिनट पर पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी गई। जिस समय सूचना मिली उस समय सभी पुलिस अधिकारी प्रशासनिक भवन में चुनावों को लेकर चल रही बैठक में थे। सूचना मिलते ही तुरंत सभी पुलिस अधिकारी बैठक छोड़कर निकल लिए।

नाकाबंदी की तो शहर से बाहर नहीं निकल पाया आरोपी  
एसपी सौरभ सिंह के अनुसार अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सारे शहर में जबरदस्त तरीके से नाकाबंदी कर दी और तुरंत पुलिस की टीमें बच्चे के घर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने वहां सीसीटीवी फुटेज निकाली। जांच के दौरान सामने आया कि कार का पिछला शीशा काले रंग का था। इसके अलावा कार का मेड, उसकी नंबर प्लेट टूटी हुई आदि का पता लग गया। इसके साथ ही आरोपी जितेंद्र ने वहां घर के सामने कई चक्कर काटे थे, जिससे उसका हुलिया भी पुलिस को पता लग गया। बस इसके बाद पुलिस की साइबर सेल की टीम भी वहां पहुंच गई। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के मोबाइल नंबर से उसकी लोकेशन ट्रैप कर ली। इस सारे खेल के बीच आरोपी पुलिस को गच्चा देकर यहां से वहां तो भगाता रहा, लेकिन शहर से बाहर नहीं निकल पाया।
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