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खेल से खिलवाड़

Fri, 06 Sep 2013 07:53 PM IST
नई दिल्ली
नई दिल्ली Updated Fri, 06 Sep 2013 07:53 PM IST
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joke with game

भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के पिछले वर्ष दिसंबर में हुए चुनावों के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने इस पर न केवल ऐतराज किया था, बल्कि दागी पदाधिकारियों को नहीं हटाए जाने की वजह से आईओए को निलंबित भी कर दिया था।

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मगर इन नौ महीनों के बाद भी यदि आईओए के कर्ताधर्ता अपनी जिद पर अड़े हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय कायदों और ओलंपिक चार्टर तक को मानने को तैयार नहीं हैं, तो इसमें उनकी देशभक्ति से कहीं अधिक, इस संघ पर कब्जे की उनकी नीयत का सवाल है।
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आईओए की नीयत पर इसलिए संदेह हो रहा है, क्योंकि इसमें आय से अधिक संपत्ति के मामले के आरोपी अभय चौटाला और हजारों करोड़ के राष्ट्रमंडल खेल घोटाले के सिलसिले में जेल जा चुके ललित भनोट जैसे लोग शीर्ष पदों पर बैठे हुए हैं।
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आईओए का इतिहास पलटकर देखें, तो सहज ही सुरेश कलमाड़ी जैसे दागियों के नाम सामने आ जाते हैं, जिन्होंने भारत में खेलों की प्रतिष्ठा को गहरा धक्का पहुंचाया है। यदि आईओसी खेल संघों में साफ-सुथरे प्रशासन और उच्च नैतिक मानदंडों की बात कर रहा है, तो इसमें गलत क्या है?

खेल संघों पर रसूखदारों के दबदबे का यह हाल है कि आईओसी की सख्ती के बावजूद खेल मंत्रालय तक आईओए पर किसी तरह का दबाव नहीं बना सका। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का मामला हमारे सामने है ही, जहां एन श्रीनिवासन ने अदालती आदेश तक को धता बताने की कोशिश की थी।

वाकई समय आ गया है, जब खेल संघों को राजनीति और गिरोहबंदी से मुक्त किया जाए। इस दिशा में जितनी देर होगी, उतना ही खेलों और खिलाड़ियों को नुकसान होगा और देश की प्रतिष्ठा को आंच आएगी। आईओसी ने आईओए को 15 दिसंबर तक अपने संविधान में बदलाव कर नए चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं।

खेल मंत्रालय को चाहिए कि बात और बिगड़ने से पहले वह आगे आकर पहल करे। दुखद यह है कि इस टकराव में कोई खिलाड़ियों के बारे में नहीं सोच रहा है, जबकि सबसे अधिक खामियाजा उन्हें ही भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि वह अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में भारत के प्रतिनिधि के बतौर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत हैसियत से शामिल हो सकते हैं।


किसी भारतीय एथलीट के लिए इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है कि वह किसी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में पदक जीतता भी है, तो वहां तिरंगा नहीं फहराया जाएगा और न ही उसके सम्मान में राष्ट्रधुन बजाई जाएगी!

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