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जयंत सिन्हा का बजट धमाका

Wed, 20 Jan 2016 10:42 AM IST
आशुतोष चतुर्वेदी/ अमर उजाला, दिल्ली
आशुतोष चतुर्वेदी/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 20 Jan 2016 10:42 AM IST
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 Jayant Sinha budget speech

आम बजट को लेकर आम आदमी से लेकर खास आदमी तक में एक उत्सुकता रहती है। इस दौरान सबकी निगाहें वित्त मंत्री पर रहती हैं। इस दौरान वित्त मंत्रालय एक किले में तब्दील हो जाता है और वित्त मंत्रालय के कर्मचारी किसी से मिल जुल नहीं पाते कि कहीं बजट लीक न हो जाए।

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इसकी तारीख को लेकर भी उत्सुकता रहती है कि यह कब पेश किया जाएगा। इतनी महत्वपूर्ण तारीख का एलान भी वित्त मंत्री ही करते हैं यानी यह जिम्मा वित्त मंत्री अरुण जेटली का रहता। लेकिन हाल में वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने मीडिया से बातचीत में बजट की तारीख की घोषणा कर दी और बता दिया कि 29 फरवरी को यह पेश किया जाएगा। बताते हैं कि उनकी घोषणा से वित्त मंत्रालय में हड़कंप मच गया। अरुण जेटली को विधिवत यह घोषणा करनी थी लेकिन मुशायरा लूट ले गए जयंत सिन्हा। जितने मुंह उतनी बातें, कुछ विश्लेषक इसे जयंत सिन्हा के कद बढ़ने का संकेत भी मान रहे हैं।
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प्रभु की टिवटरगिरी से परेशान रेल मंत्रालय


सुरेश प्रभु को शिव सेना के विरोध के बावजूद बड़े गाजे बाजे के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेल मंत्रालय सौंपा था। लेकिन मामला जम नहीं पाया और रेल मंत्रालय की हालत खराब है। इधर सुर्खियां बटोरने के लिए मंत्रालय ने नया तरीका ईजाद किया है जो टिवटर होकर जाता है। रेल मंत्री के टिवटर पर किसी ने अपनी निजी परेशानी बतायी कि बच्चे का डायपर नहीं मिल रहा। तुरंत रेल मंत्री से निर्देश आता है कि डायपर पहुँचाओ, सारा रेल महकमा बच्चे को डायपर उपलब्ध कराने में लग जाता है। इसको मीडिया में खूब बढ़ा चढ़ाकर पेश किया जाता है, इसके बाद तो टिवटर की झड़ी लग जाती है, लेकिन इसका फायदा उन्हीं लोगों को है जो टेक सेवी हैं। लिखित और मौखिक शिकायतों की कोई सुनवाई नहीं है, ट्रेनें लेट चल रही हैं, स्टेशनों की साफ सफाई का बुरा हाल है, लेकिन उसकी ओर देखने वाला कोई नहीं है।
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सम विषम की बीमारी


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कारों को लेकर सम विषम फार्मूला हिट रहा। अब उन्होंने दो महीने बाद इसे फिर लागू करने की घोषणा कर दी है। बस इंतजार बच्चों के इम्तिहान होने का है, उसके बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। बच्चों के इम्तिहान का बवाल खत्म और तब तक नई बसें भी आ जाएंगी। लेकिन दिल्ली में सफलता के बाद सम विषम फार्मूले की बीमारी चल निकली है, मुंबई हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इसको मुंबई में लागू करने की संभावनाओं के बारे में पूछा है तो यूपी के कई शहरों में इसको लेकर सुगबुगाहट है। हरियाणा के रोहतक में भी सम विषम लागू करने घोषणा कर दी गई है, पर यह केवल ऑटो पर ही लागू होगी।

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