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रिपब्लिकन अधिवेशन के मंच से अरदास
तांपा/एजेंसी
Updated Thu, 30 Aug 2012 12:00 PM IST
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एक सिख ग्रंथी ने पहली बार रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन के मौके पर मंच से अरदास की। विस्कोंसिन गुरुद्वारा हत्याकांड से दुखी सिख समुदाय के प्रति संवेदना जताने के लिए पार्टी ने इन्हें आमंत्रित किया था।
ईश्वर सिंह केंद्रीय फ्लोरिडा के सिख समाज के प्रमुख ग्रंथी हैं, जिन्होंने बुधवार को इस अधिवेशन के दूसरे दिन अमेरिकी राष्ट्रगान के तुरंत बाद संक्षिप्त बयान दिया और फिर अरदास की। सिंह ने कहा कि हम ओक क्रीक के गुरुद्वारे में हुए गोलीकांड के साथ हाल के अन्य हिंसक हमलों से बेहद दुखी हैं।
हमें सभी लोगों के खिलाफ घृणा मिटाकर यह याद रखना है कि असल में हम ईश्वर के सानिध्य में एक ही राष्ट्र हैं। उन्होंने कहा कि शाम हम सब रिपब्लिकन राष्ट्रीय अधिवेशन में अपने देश का भविष्य तय करने के लिए जुटे हैं। हम सभी को प्रेम और एकता का हमेशा ध्यान रखना है। अंत में सिंह ने अरदास की पंक्ति दोहराई-‘नानक नाम चड़दी कला, तेरे भाणे सरबत दा भला’। इसके अंग्रेजी में अनुवाद भी पढ़ा गया।
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ईश्वर सिंह केंद्रीय फ्लोरिडा के सिख समाज के प्रमुख ग्रंथी हैं, जिन्होंने बुधवार को इस अधिवेशन के दूसरे दिन अमेरिकी राष्ट्रगान के तुरंत बाद संक्षिप्त बयान दिया और फिर अरदास की। सिंह ने कहा कि हम ओक क्रीक के गुरुद्वारे में हुए गोलीकांड के साथ हाल के अन्य हिंसक हमलों से बेहद दुखी हैं।
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हमें सभी लोगों के खिलाफ घृणा मिटाकर यह याद रखना है कि असल में हम ईश्वर के सानिध्य में एक ही राष्ट्र हैं। उन्होंने कहा कि शाम हम सब रिपब्लिकन राष्ट्रीय अधिवेशन में अपने देश का भविष्य तय करने के लिए जुटे हैं। हम सभी को प्रेम और एकता का हमेशा ध्यान रखना है। अंत में सिंह ने अरदास की पंक्ति दोहराई-‘नानक नाम चड़दी कला, तेरे भाणे सरबत दा भला’। इसके अंग्रेजी में अनुवाद भी पढ़ा गया।
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