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गुटनिरपेक्ष सम्मेलन का अवकाश
आशुतोष चतुर्वेदी/तेहरान
Updated Thu, 30 Aug 2012 12:00 PM IST
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ऐसा केवल भारत में ही नहीं होता कि कोई त्योहार हो या बड़ा आयोजन छुट्टी पहले हो जाती है। ईरान की राजधानी तेहरान में गुटनिरपेक्ष सम्मेलन के कारण सरकारी अधिकारियों की छुट्टियां लग गई।
ईरान सरकार ने शहर के सभी कार्यालयों में 26 से 31 अगस्त तक सरकारी अवकाश घोषित कर दिया है। साथ ही सभी स्कूल भी बंद हैं। प्रमुख सड़कें आम लोगों के लिए बंद कर दी गईं हैं और बिना पास के उन पर प्रवेश वर्जित है। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे तेहरान में जगह जगह सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और जगह जगह नाके लगे हुए हैं।
चमचमाते चेहरे का राज
यहां महिलाओं के पहनावे को लेकर कड़े नियम है। वे बिना हिजाब के बाहर नहीं निकल सकतीं और वह भी ऐसा कि सिर पूरी तरह ढंका रहे। उनके लिए पूरी बांह का पहनावा जरूरी है। हाथ ढंके होने चाहिए। हालांकि महिलाएं सलवार, जींस या पैंट अपनी इच्छा के अनुसार पहन सकती हैं। महिलाओं का केवल चेहरा नजर आता है। ऐसे में उनका सारा जोर इसे ज्यादा से ज्यादा सजाने में रहता है। यही वजह है कि ईरान में नाक को संवारने के सबसे ज्यादा आपरेशन होते हैं। लड़कियों की नाक पर लगे मेडिकल टेप यह कहानी बयान कर देते हैं, जो आपरेशन के बाद लगाए जाते हैं।
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हम जुदा जुदा हैं
ईरान में लड़कियों और लड़कों के मिलने-जुलने की पाबंदी नहीं है। हर जगह लड़कियां नजर आती हैं। लेकिन लड़कों-लड़कियों के स्कूल अलग-अलग हैं। कोएजूकेशन स्कूल पर पाबंदी है। यहां तक कि विश्वविद्यालयों को लड़के-लड़कियों के लिए अलग-अलग किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी स्तर पर यहां अब भी कॉलेज हैं जहां कोएजूकेशन है। भारत की तरह ईरान में भी पढ़ाई में लड़कियां लड़कों से आगे हैं। सरकार इससे चिंतित है। सरकारी नौकरियों में लड़कियों के प्रवेश के नियम इतने कड़े हैं कि वे उनमें जा नहीं पातीं। सरकार ने हाल में 70 से ज्यादा कोर्स में लड़कियों के प्रवेश पर पाबंदी लगा है ताकि लड़के आगे आ सकें।
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ईरान सरकार ने शहर के सभी कार्यालयों में 26 से 31 अगस्त तक सरकारी अवकाश घोषित कर दिया है। साथ ही सभी स्कूल भी बंद हैं। प्रमुख सड़कें आम लोगों के लिए बंद कर दी गईं हैं और बिना पास के उन पर प्रवेश वर्जित है। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे तेहरान में जगह जगह सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और जगह जगह नाके लगे हुए हैं।
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चमचमाते चेहरे का राज
यहां महिलाओं के पहनावे को लेकर कड़े नियम है। वे बिना हिजाब के बाहर नहीं निकल सकतीं और वह भी ऐसा कि सिर पूरी तरह ढंका रहे। उनके लिए पूरी बांह का पहनावा जरूरी है। हाथ ढंके होने चाहिए। हालांकि महिलाएं सलवार, जींस या पैंट अपनी इच्छा के अनुसार पहन सकती हैं। महिलाओं का केवल चेहरा नजर आता है। ऐसे में उनका सारा जोर इसे ज्यादा से ज्यादा सजाने में रहता है। यही वजह है कि ईरान में नाक को संवारने के सबसे ज्यादा आपरेशन होते हैं। लड़कियों की नाक पर लगे मेडिकल टेप यह कहानी बयान कर देते हैं, जो आपरेशन के बाद लगाए जाते हैं।
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हम जुदा जुदा हैं
ईरान में लड़कियों और लड़कों के मिलने-जुलने की पाबंदी नहीं है। हर जगह लड़कियां नजर आती हैं। लेकिन लड़कों-लड़कियों के स्कूल अलग-अलग हैं। कोएजूकेशन स्कूल पर पाबंदी है। यहां तक कि विश्वविद्यालयों को लड़के-लड़कियों के लिए अलग-अलग किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी स्तर पर यहां अब भी कॉलेज हैं जहां कोएजूकेशन है। भारत की तरह ईरान में भी पढ़ाई में लड़कियां लड़कों से आगे हैं। सरकार इससे चिंतित है। सरकारी नौकरियों में लड़कियों के प्रवेश के नियम इतने कड़े हैं कि वे उनमें जा नहीं पातीं। सरकार ने हाल में 70 से ज्यादा कोर्स में लड़कियों के प्रवेश पर पाबंदी लगा है ताकि लड़के आगे आ सकें।