फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Other Archives ›   all-set-for-nam-in-tehran

'तेहरान में 'नाम' सम्मेलन US की विफलता'

Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
तेहरान/एजेंसी
तेहरान/एजेंसी Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
all-set-for-nam-in-tehran
ईरान ने कहा है कि देश में 16वें नाम सम्मेलन का आयोजन अमेरिका की ‘धमकी और प्रतिबंध’ वाली नीति को विफल साबित करता है। अरब एवं अफ्रीकी मामलों के उप विदेश मंत्री हुसैन अमीराबदोलाही ने कहा कि क्षेत्र के संकटपूर्ण माहौल में गुट निरपेक्ष देशों के प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का तेहरान में मौजूद होना काफी मायने रखता है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी नाम सम्मेलन में भाग लेने तेहरान पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन


सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने हुसैन के हवाले से खबर दी है कि प्रतिबंध लगाकर ईरान पर दबाव बनाने वाली पश्चिमी नीति बेकार हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की मेजबानी में यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश की स्थिति को मजबूत करेगा जबकि अमेरिका और यूरोपीय संघ कई वित्तीय संकटों से जूझ रहे हैं।
विज्ञापन


पश्चिमी देशों के विरोध के बावजूद नाम सम्मेलन की मेजबानी को तेहरान राजनयिक जीत के तौर पर देख रहा है। पश्चिमी देश ईरान पर आरोप लगाते रहे हैं कि वह परमाणु हथियार विकसित कर रहा है जबकि ईरान का कहना है कि यह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नाम प्रमुख बनेगा ईरान, अमेरिका चिंतित
सम्मेलन के दौरान ईरान अगले तीन वर्षों के लिए नाम के प्रमुख की कमान संभालेगा। इस समय मिस्र के पास नाम की प्रेसीडेंसी है। अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून से सम्मेलन में शामिल न होने को कहा था लेकिन मून ने सबको चौंकाते हुए तेहरान जाने का फैसला कर लिया।

अमेरिका इसलिए भी चिंतित है क्योंकि वह इस मंच को सीरियाई सरकार के लिए समर्थन जुटाने के रूप में देख रहा है। बता दें कि सीरियाई सरकार अल असद का ईरान पक्का समर्थक है। सीरिया के प्रधानमंत्री के भी सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद है। उधर, भारत ने सीरिया में अंतरराष्ट्रीय दखल से सत्ता में परिवर्तन का विरोध किया है।

सैन्य स्थल के दरवाजे खोल सकता है ईरान
गुट निरपेक्ष देशों के प्रतिनिधियों को ईरान अपने सैन्य स्थल का भ्रमण करने की अनुमति दे सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसके पीछे तेहरान की मंशा पश्चिमी देशों के आरोपों को झुठलाने की भी हो सकती है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र इससे भी अधिक की मांग कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निरीक्षक पारचिन बेस तक व्यापक पहुंच बनाने का दबाव बना रहे हैं। आशंका है तेहरान के दक्षिणपूर्व स्थित इस बेस पर परमाणु कार्यक्रम चल रहा है।


‘परमाणु ऊर्जा ईरानियों का अधिकार’
सम्मेलन के मद्देनजर ईरान में सुरक्षा इंतजाम काफी कड़े कर दिए गए हैं। ईरान में फ्लाई ओवर की संख्या अधिक है। फिर भी सड़क पर भीड़ न हो, इसके लिए कार्यालयों में छुट्टी कर दी गई है। इस मंच का पूरा इस्तेमाल कर तेहरान अपनी खूबियों को भी प्रदर्शित करना चाहता है। सड़क के किनारे कई पोस्टर लगाए गए हैं। कहीं ‘परमाणु ऊर्जा ईरानियों का अधिकार’ तो कहीं देश के न्यूक्लियर साइंटिस्ट की हत्या से जुड़ी तसवीरें दिखाई गई हैं। एक जगह लिखा है, गुलाम बनाने से बचो क्योंकि ईश्वर ने आपको स्वतंत्र बनाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed