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जापानियों ने विवादित द्वीप पर झंडा फहराया
सेनकाकू द्वीप/एजेंसी
Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
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जापान के सैकड़ों लोगों ने रविवार को चीन के साथ विवाद चल रहे द्वीप पर झंडा फहराया। इस घटना के बाद चीन के विभिन्न शहरों में जापान विरोधी प्रदर्शन हुए। माना जा रहा है कि इस घटना से दोनों देशों के संबंध और खराब हो सकते हैं।
उधर दक्षिणी गुवांगझू में जापानी वाणिज्य दूतावास के पास सैकड़ों लोगों ने चीनी झंडा लहराते हुए जापान को विवादित द्वीप छोड़ने की चेतावनी दी। एएफपी संवाददाता के अनुसार जापान के एक दक्षिणपंथी समूह के दर्जनों सदस्य करीब 20 नावों के बेड़े के साथ तट पर पहुंचे। इसमें कार्यकर्ता और करीब आठ सांसद भी थे।
यह जापान द्वारा प्रशासित क्षेत्र का हिस्सा है लेकिन चीन भी इस पर दावा करता आया है। चीन ने अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई के प्रति आगाह भी किया था। रिपोर्ट के मुताबिक जापानी तट रक्षकों ने कथित रूप से कार्यकर्ताओं को कुछ घंटे बिताने की स्वीकृति दी थी।
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द्वीप पर पहुंचे टोक्यो के एक स्थानीय राजनीतिज्ञ इजी कोसाका ने कहा कि समूह ने तट पर जापानी झंडा फहराया है। उन्होंने कहा कि बेशक यह जापानी क्षेत्र है। पहाड़ों पर हमने जापानी तरीके से बने घरों के खंडहर भी देखे हैं। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि जापानी सरकार इन द्वीपों के लिए कुछ भी नहीं कर रही है। दल में शामिल एक अन्य राजनीतिज्ञ केनिची कोजिमा ने यात्रा शुरू होने से पहले बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हम यह दिखाना चाहते हैं कि ये द्वीप हमारे हैं।
गैस भंडार पर दोनों देशों की नजर
टोक्यो और बीजिंग के बीच इस द्वीप को लेकर काफी समय से विवाद है। जापान में इस द्वीप को सेनकाकू और चीन में डिआयू के नाम से जाना जाता है। द्वीप के पास समुद्र में भारी मात्रा में गैस भंडार होने से दोनों देशों की नजर इस क्षेत्र पर है।
दोनों देशों के बीच तनाव उस समय बढ़ गया जब चीन के 14 लोगों के एक समूह ने दो दिन पहले जापान के समुद्र तटीय गार्ड को चकमा देकर विवादित द्वीप पर चीनी झंडा फहरा दिया। बाद में जापानी पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर वापस भेज दिया था।
इसके बाद जापान में भी खलबली मची और जापानियों के एक दल ने द्वीप पर जाने का फैसला किया। चीन ने जापान को ऐसा नहीं करने की चेतावनी भी दी। पर चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए 100 से अधिक राष्ट्रवादी जापानी रविवार को द्वीप पर पहुंच गए और जापान का झंडा फहराया।
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उधर दक्षिणी गुवांगझू में जापानी वाणिज्य दूतावास के पास सैकड़ों लोगों ने चीनी झंडा लहराते हुए जापान को विवादित द्वीप छोड़ने की चेतावनी दी। एएफपी संवाददाता के अनुसार जापान के एक दक्षिणपंथी समूह के दर्जनों सदस्य करीब 20 नावों के बेड़े के साथ तट पर पहुंचे। इसमें कार्यकर्ता और करीब आठ सांसद भी थे।
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यह जापान द्वारा प्रशासित क्षेत्र का हिस्सा है लेकिन चीन भी इस पर दावा करता आया है। चीन ने अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई के प्रति आगाह भी किया था। रिपोर्ट के मुताबिक जापानी तट रक्षकों ने कथित रूप से कार्यकर्ताओं को कुछ घंटे बिताने की स्वीकृति दी थी।
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द्वीप पर पहुंचे टोक्यो के एक स्थानीय राजनीतिज्ञ इजी कोसाका ने कहा कि समूह ने तट पर जापानी झंडा फहराया है। उन्होंने कहा कि बेशक यह जापानी क्षेत्र है। पहाड़ों पर हमने जापानी तरीके से बने घरों के खंडहर भी देखे हैं। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि जापानी सरकार इन द्वीपों के लिए कुछ भी नहीं कर रही है। दल में शामिल एक अन्य राजनीतिज्ञ केनिची कोजिमा ने यात्रा शुरू होने से पहले बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हम यह दिखाना चाहते हैं कि ये द्वीप हमारे हैं।
गैस भंडार पर दोनों देशों की नजर
टोक्यो और बीजिंग के बीच इस द्वीप को लेकर काफी समय से विवाद है। जापान में इस द्वीप को सेनकाकू और चीन में डिआयू के नाम से जाना जाता है। द्वीप के पास समुद्र में भारी मात्रा में गैस भंडार होने से दोनों देशों की नजर इस क्षेत्र पर है।
दोनों देशों के बीच तनाव उस समय बढ़ गया जब चीन के 14 लोगों के एक समूह ने दो दिन पहले जापान के समुद्र तटीय गार्ड को चकमा देकर विवादित द्वीप पर चीनी झंडा फहरा दिया। बाद में जापानी पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर वापस भेज दिया था।
इसके बाद जापान में भी खलबली मची और जापानियों के एक दल ने द्वीप पर जाने का फैसला किया। चीन ने जापान को ऐसा नहीं करने की चेतावनी भी दी। पर चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए 100 से अधिक राष्ट्रवादी जापानी रविवार को द्वीप पर पहुंच गए और जापान का झंडा फहराया।