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वर्जीनिया फायरिंग में बचे लोग चाहते हैं गन लॉ कानून
वाशिंगटन/एजेंसी
Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
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वर्ष 2007 में वर्जीनिया टेक गोलीबारी मामले में बच गए लोगों और पीड़ितों के परिवार वालों ने संयुक्त रूप से राष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीदवारों से अपील की है कि वे अमेरिका के बंदूक नियंत्रण कानूनों में व्याप्त खामियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं, ताकि हाल ही में गुरुद्वारे में हुई हत्याओं जैसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
मालूम हो कि वर्ष 2007 में 23 वर्षीय सेउंग हुई चो ने वर्जिनिया पॉलिटेकनिक संस्थान और वर्जिनिया में ही स्टेट यूनिवर्सिटी इन ब्लैक्सबर्ग में गोलीबारी की थी, जिसमें एक भारतीय छात्र समेत 32 लोग मारे गए थे। उसने बाद में खुद को भी गोली मार ली थी।
वर्तमान राष्ट्रपति बराक ओबामा और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार मिट रोमनी को भेजे गए एक जैसे पत्रों में इस घटना के पीड़ितों के परिवार वालों और बचे लोगों ने याद दिलाया कि कड़े बंदूक नियंत्रण कानूनों के अभाव में ओक क्रीक गुरुद्वारे जैसी घटनाएं होती रहेंगी। उन्होंने कह कि अब समय आ गया है कि हमारे देश के बंदूक कानूनों की खामियों को दूर किया जाए।
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मालूम हो कि वर्ष 2007 में 23 वर्षीय सेउंग हुई चो ने वर्जिनिया पॉलिटेकनिक संस्थान और वर्जिनिया में ही स्टेट यूनिवर्सिटी इन ब्लैक्सबर्ग में गोलीबारी की थी, जिसमें एक भारतीय छात्र समेत 32 लोग मारे गए थे। उसने बाद में खुद को भी गोली मार ली थी।
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वर्तमान राष्ट्रपति बराक ओबामा और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार मिट रोमनी को भेजे गए एक जैसे पत्रों में इस घटना के पीड़ितों के परिवार वालों और बचे लोगों ने याद दिलाया कि कड़े बंदूक नियंत्रण कानूनों के अभाव में ओक क्रीक गुरुद्वारे जैसी घटनाएं होती रहेंगी। उन्होंने कह कि अब समय आ गया है कि हमारे देश के बंदूक कानूनों की खामियों को दूर किया जाए।
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