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पाकः ISI अफसरों के खिलाफ मामला दर्ज

Wed, 01 Aug 2012 12:00 PM IST
इसलामाबाद/एजेंसी
इसलामाबाद/एजेंसी Updated Wed, 01 Aug 2012 12:00 PM IST
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पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार देश की खुफिया एजेंसी आईएसआई और मिलिट्री इंटेलीजेंस के महानिरीक्षकों और उप निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन अधिकारियों पर प्रतिबंधित संगठन के एक सदस्य के अपहरण के आरोप हैं। पाकिस्तान के ‘द न्यूज’ दैनिक ने यह खबर दी है।
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रिपोर्ट में बताया गया है कि हिज्ब-उत-तहरीर के प्रवक्ता नावेद बट के अपहरण के संबंध में यह मामला उनकी पत्नी सादिया राहत द्वारा 26 जून को लाहौर में लियाकताबाद पुलिस थाने में दर्ज कराया गया। हालांकि इस मामले की प्राथमिकी को सील कर दिया गया है, लेकिन इसकी एक प्रति जियो न्यूज चैनल ने हासिल की है जो ‘द न्यूज’ की तरह जंग मीडिया समूह का हिस्सा है।
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क्या है प्राथमिकी
प्राथमिकी में रावलपिंडी तथा लाहौर स्थित आईएसआई और मिलिट्री इंटेलीजेंस के महानिदेशकों और उप निदेशकों को आरोपी बनाया गया है। इसमें कहा गया है कि दस से 15 अज्ञात लोगों ने कथित रूप से 11 मई को बट के घर के बाहर से उनका अपहरण कर लिया और उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। बट की बीवी सादिया के मुताबिक, उसने इस मसले में इसलामाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस इकबाल हामीदुर रेहमान ने संपर्क किया था, उन्होंने लाहौर पुलिस को आदेश दिया था कि जल्द से जल्द बट को बरामद किया जाए।
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जस्टिस इकबाल ने यह मामला जस्टिस शौकत अजीज सिद्दिकी के पास भेज दिया था। सिद्दिकी ने 15 दिनों के भीतर बट को खोजने का पुलिस को आदेश दिया था। आगामी 10 अगस्त तक वह मीयाद खत्म होने जा रही है, लेकिन अभी भी बट का कुछ भी पता नहीं है।

पुलिस अधीक्षक का तबादला
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मामला दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक अतहर वाहिद को सक्रिय ड्यूटी से हटा दिया गया और ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी बना दिया गया है। अखबार ने पुलिस के सूत्रों के हवाले से बताया कि किसी को भी एफआईआर के संकेत नहीं मिले हैं और इसकी एक भी कॉपी किसी भी अधिकारी को नहीं भेजी गई है। मालूम हो कि वाहीद वही अधिकारी हैं, जिन्होंने 2007 में गुजरानवाला में कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने से इनकार कर दिया था।


ये राजनीतिक कार्यकर्ता वकीलों और नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं द्वारा तत्कालीन चीफ जस्टिस इफ्तिकार मोहम्मद चौधरी को देश के सैनिक शासक परवेज मुशर्रफ द्वारा पद से हटाए जाने का विरोध में चलाए जा रहे आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे। वाहिद का एक बार पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की सुरक्षा करने वाले अधिकारियों से भी विवाद हो गया था।
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