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दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में बढ़ा तनाव
बीजिंग/एजेंसी
Updated Tue, 03 Jul 2012 12:00 PM IST
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दक्षिण चीन सागर मसले पर पड़ोसी देशों के साथ बढ़े तनाव के बीच मंगलवार को चीन ने विवादित क्षेत्र में अपने चार सर्विलांस शिप (निगरानी करने वाले जहाज) भेज दिया है। वियतनाम ने भी क्षेत्र में विदेशी पोत के मौजूद होने का दावा किया है।
राडार पर मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह जहाज नांशा द्वीपों पर पहुंच गए, जो विवादित क्षेत्र के बीच का हिस्सा है। सरकारी शिंहुआ समाचार एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि गश्त कर रहे चीन के स्टाफ ने तुरंत चीनी, अंग्रेजी और वियतनामी भाषा में एक संदेश प्रसारित किया। संदेश में चीन ने जिक्सा तथा नांशा द्वीपों की संप्रभुता का दावा किया।
उधर, वियतनाम भी इन द्वीपों पर अपना दावा ठोंकता आ रहा है। एक दिन पहले ही दक्षिण चीन सागर में यांगशू रीफ के पास चीन की टीम ने अभ्यास किया था। दो घंटे में अभ्यास आसानी से पूरा हो गया लेकिन मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर इसमें हिस्सा नहीं ले सके थे। 26 जून को दक्षिण चीन सागर के तटीय शहर सानया से चली टीम अब तक 2,000 नाटिकल मील से अधिक की समुद्री यात्रा कर चुकी है।
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गौरतलब है कि वियतनाम की संसद में एक नया कानून पास होने के बाद चीन ने अपने जहाजों को द्वीपों की ओर भेजा है। इसमें वियतनाम ने इन द्वीपों को अपने विशेष आर्थिक जोन का हिस्सा बताया था। चीन ने तुरंत इस पर विरोध भी जताया था और वियतनाम के राजदूत को तलब कर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। यही नहीं फिलीपींस, ब्रुनेई, मलयेशिया और ताईवान भी दक्षिण सागर के कुछ हिस्सों को अपने विशेष आर्थिक जोन का टुकड़ा बताते रहे हैं। इस पर विवाद बना हुआ है।
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राडार पर मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह जहाज नांशा द्वीपों पर पहुंच गए, जो विवादित क्षेत्र के बीच का हिस्सा है। सरकारी शिंहुआ समाचार एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि गश्त कर रहे चीन के स्टाफ ने तुरंत चीनी, अंग्रेजी और वियतनामी भाषा में एक संदेश प्रसारित किया। संदेश में चीन ने जिक्सा तथा नांशा द्वीपों की संप्रभुता का दावा किया।
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उधर, वियतनाम भी इन द्वीपों पर अपना दावा ठोंकता आ रहा है। एक दिन पहले ही दक्षिण चीन सागर में यांगशू रीफ के पास चीन की टीम ने अभ्यास किया था। दो घंटे में अभ्यास आसानी से पूरा हो गया लेकिन मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर इसमें हिस्सा नहीं ले सके थे। 26 जून को दक्षिण चीन सागर के तटीय शहर सानया से चली टीम अब तक 2,000 नाटिकल मील से अधिक की समुद्री यात्रा कर चुकी है।
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गौरतलब है कि वियतनाम की संसद में एक नया कानून पास होने के बाद चीन ने अपने जहाजों को द्वीपों की ओर भेजा है। इसमें वियतनाम ने इन द्वीपों को अपने विशेष आर्थिक जोन का हिस्सा बताया था। चीन ने तुरंत इस पर विरोध भी जताया था और वियतनाम के राजदूत को तलब कर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। यही नहीं फिलीपींस, ब्रुनेई, मलयेशिया और ताईवान भी दक्षिण सागर के कुछ हिस्सों को अपने विशेष आर्थिक जोन का टुकड़ा बताते रहे हैं। इस पर विवाद बना हुआ है।