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आर्थिक संकट में है दुनिया, जी-20 से मदद की आस

लॉस कैबोस/एजेंसी Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
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जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने रविवार को यहां पहुंचे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आशा है कि दो दिवसीय यह सम्मेलन मौजूदा वैश्विक आर्थिक संकट से उबरने के अर्थपूर्ण रास्ते तलाशेगा और आर्थिक विकास बहाल करेगा। प्रधानमंत्री ने सान जोस डेल कैबो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के तत्काल बाद संवाददाताओं से कहा, "विश्व गहरे संकट में है। आशा है कि जी-20 दुनिया को संकट से उबारने के लिए रचनात्मक प्रस्तावों के साथ सामने आएगा।"
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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार से बातचीत और मुलाकातों में व्यस्त हो जाएंगे। सबसे पहले वह ब्रिक्स के नेताओं- ब्राजील के राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा- के साथ बैठक करेंगे।
अधिकारियों ने कहा कि शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के साथ ही मनमोहन सिंह सोमवार को अन्य नेताओं से भी मिलने वाले हैं। इन नेताओं में मेक्सिको के राष्ट्रपति फेलिप काल्डेरॉन और जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ भी उनकी अनौपचारिक मुलाकात की सम्भावना है। द्विपक्षीय बातचीत बुधवार तक जारी रहेगी।
भारतीय पक्ष ने जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले कुछ सकारात्मक संकेत महसूस किए हैं, क्योंकि ग्रीस में संसदीय चुनाव के परिणाम संकेत कर रहे हैं कि कर्ज के बोझ से दबा यह देश यूरोजोन में बना रह सकता है।

वास्तव में मेक्सिको के लिए रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने स्थिति पर चिंता जाहिर की थी। मनमोहन सिंह ने कहा था, "यूरोप की यह स्थिति खासतौर से चिंताजनक है, क्योंकि यूरोप वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक बड़ी हिस्सेदारी रखता है, तथा भारत का एक प्रमुख व्यापारिक और निवेश साझेदार है।"

प्रधानमंत्री ने कहा था, "वहां लगातार समस्या बने रहने से वैश्विक बाजार मंद होगा और हमारे आर्थिक विकास पर उसका विपरीत असर पड़ेगा। हम आशा करते हैं कि यूरोपीय नेता वित्तीय समस्याओं के समधान के लिए ठोस कार्रवाई करेंगे।"
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