{"_id":"1e1f9a41b64c1f2e690935b8381d4a8f","slug":"iimt-house-auentetion-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईएमटी में भूमि अधिग्रहित लोगों को मिलेगी रिहायशी जगह","category":{"title":"Other Archives","title_hn":"अन्य आर्काइव","slug":"other-archives"}}
आईएमटी में भूमि अधिग्रहित लोगों को मिलेगी रिहायशी जगह
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
Updated Tue, 09 Sep 2014 02:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुड़गांव की तर्ज पर दिल्ली बाईपास पर बसाए गए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप का विस्तार का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।
तीसरे फेज का डेवलपमेंट के कार्य के लिए 20 अगस्त को वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है। तीसरे फेज के लिए 928 एकड़ जमीन का डी-मार्केशन किया गया है।
इस तीसरे फेज में खास बात यह है कि अगले दो साल में बेसिक सुविधाएं सड़क, बिजली, पानी की सुविधाओं को मुहैया कराने के साथ ग्रुप हाउसिंग प्लॉट के अलावा जिन लोगों की भूमि अधिग्रहण की गई है उन्हें भी बसाया जाएगा। इस पर अनुमानित खर्च 259 करोड़ रुपये होगा।
इस डेवलपमेंट का निर्माण कार्य एलएंडटी एजेंसी को दिया गया है।
हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रीयल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने दो फेज में लगभग काम पूरा कर लिया है। वही तीसरे फेज में आईएमटी का विकास होने से यहां के लोगों को ज्यादा फायदा मिलेगा। लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
ये है तीसरे फेज का मॉडल
तीसरे फेज में तीन सेक्टर 30-सी, बी, ई होंगे। इसमें नेशनल हाइवे-10 की तरफ फ्रंट पर ग्रुप हाउसिंग के लिए जमीन चिह्नित की गई है। एचएसआईडीसी अधिकारियों के मुताबिक तीसरे फेज में ग्रुप हाउसिंग पर ज्यादा जोर है।
विज्ञापन
इसके लिए 228 एकड़ जमीन रहेगी। इसमें कॉमार्शियल प्लाटों के लिए 79 एकड़, जमीन अधिग्रहित लोगों के आवास के लिए 60 और स्कूल के लिए 7 एकड़ जमीन निर्धारित की गई है। 131 एकड़ जमीन में इंडस्ट्री रहेगी। वहीं यहां पर पार्क की भी जमीन निर्धारित की गई है।
पहले दो फेज की यह है स्थिति
एचएसआईडीसी की ओर से यहां दो फेज में पहले डेवलपमेंट किया जा चुका है। पहले फेज में 4 हजार एकड़ में डेवलपमेंट किया गया तो दूसरे फेज में 1900 एकड़ में। यहां एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी जैसी कंपनियां आ चुकी है। दूसरे फेज में ग्रुप हाउसिंग के लिए जमीन निर्धारित की गई थी, लेकिन अभी उसके डेवलपमेंट का कुछ कार्य बाकी है। अभी क्षेत्र में कई प्लॉट खाली भी हैं।
वर्जन...।
तीसरे फेज के लिए टेंडर हो चुके हैं। जल्द काम भी शुरू हो जाएगा। इससे यहां के लोगों को फायदा मिलेगा।
रविंद्र सिंह, सीनियर मैनेजर, एचएसआईडीसी
विज्ञापन
तीसरे फेज का डेवलपमेंट के कार्य के लिए 20 अगस्त को वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है। तीसरे फेज के लिए 928 एकड़ जमीन का डी-मार्केशन किया गया है।
इस तीसरे फेज में खास बात यह है कि अगले दो साल में बेसिक सुविधाएं सड़क, बिजली, पानी की सुविधाओं को मुहैया कराने के साथ ग्रुप हाउसिंग प्लॉट के अलावा जिन लोगों की भूमि अधिग्रहण की गई है उन्हें भी बसाया जाएगा। इस पर अनुमानित खर्च 259 करोड़ रुपये होगा।
इस डेवलपमेंट का निर्माण कार्य एलएंडटी एजेंसी को दिया गया है।
हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रीयल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने दो फेज में लगभग काम पूरा कर लिया है। वही तीसरे फेज में आईएमटी का विकास होने से यहां के लोगों को ज्यादा फायदा मिलेगा। लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
विज्ञापन
ये है तीसरे फेज का मॉडल
तीसरे फेज में तीन सेक्टर 30-सी, बी, ई होंगे। इसमें नेशनल हाइवे-10 की तरफ फ्रंट पर ग्रुप हाउसिंग के लिए जमीन चिह्नित की गई है। एचएसआईडीसी अधिकारियों के मुताबिक तीसरे फेज में ग्रुप हाउसिंग पर ज्यादा जोर है।
विज्ञापन
इसके लिए 228 एकड़ जमीन रहेगी। इसमें कॉमार्शियल प्लाटों के लिए 79 एकड़, जमीन अधिग्रहित लोगों के आवास के लिए 60 और स्कूल के लिए 7 एकड़ जमीन निर्धारित की गई है। 131 एकड़ जमीन में इंडस्ट्री रहेगी। वहीं यहां पर पार्क की भी जमीन निर्धारित की गई है।
पहले दो फेज की यह है स्थिति
एचएसआईडीसी की ओर से यहां दो फेज में पहले डेवलपमेंट किया जा चुका है। पहले फेज में 4 हजार एकड़ में डेवलपमेंट किया गया तो दूसरे फेज में 1900 एकड़ में। यहां एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी जैसी कंपनियां आ चुकी है। दूसरे फेज में ग्रुप हाउसिंग के लिए जमीन निर्धारित की गई थी, लेकिन अभी उसके डेवलपमेंट का कुछ कार्य बाकी है। अभी क्षेत्र में कई प्लॉट खाली भी हैं।
वर्जन...।
तीसरे फेज के लिए टेंडर हो चुके हैं। जल्द काम भी शुरू हो जाएगा। इससे यहां के लोगों को फायदा मिलेगा।
रविंद्र सिंह, सीनियर मैनेजर, एचएसआईडीसी