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सुधार और सुरक्षा की कवायद पर आईजी की नजर

Sun, 21 Dec 2014 02:39 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/रोहतक
ब्यूरो, अमर उजाला/रोहतक Updated Sun, 21 Dec 2014 02:39 AM IST
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सीआईए स्टाफ में तैनात एएसआई रिश्वत मामले के बाद पुलिस विभाग की छवि सुधारने की कोशिश में आईजी ने अब कड़ा रुख एख्तियार किया है।
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सुरक्षा और विभाग में सुधार की कवायद को लेकर आईजी आलोक  राय  नाखुश हैं। खासकर सीआईए, एसआईटी और स्पेशल स्टाफ की कार्यशैली पर वे पैनी नजर रखे हुए हैं।

रेंज में आने वाले रोहतक, सोनीपत, झज्जर व पानीपत जिलों के स्टाफ में तैनात कर्मियों का वर्क कार्ड आईजी कार्यालय में तैयार किया जा रहा है।

सही तरीके से काम नहीं करने वाले कर्मियों को दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है ताकि उन्हें जांच से हटाकर दूसरे काम में लगाया जा सके। इस सारे मामले में आईजी ने सभी चारों जिलों के एसपी को पत्र लिखकर स्पेशल स्टाफ, सीआईए व एसआईटी में तैनात कर्मियों के वर्क टारगेट भी फिक्स किए हैं।   विजिलेंस द्वारा सीआईए स्टाफ में तैनात एएसआई को 3 लाख रुपये रिश्वत लेते काबू करने के बाद आईजी रेंज आलोक राय ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने रेंज में कार्यरत सभी स्पेशल स्टाफ, सीआईए व एसआईटी में तैनात कर्मियों का रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। वे बारीकी से यह देख रहे हैं कि इन महत्वपूर्ण टीमों में तैनात किए गए कौन कौन से पुलिस अधिकारी ईमानदारी एवं लगन से अपना काम कर रहे हैं और कौन नहीं?
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सोनीपत एसपी से आईजी ने पूछा, क्या कर रहा भारी भरकम स्टाफ  
सोनीपत एसपी को लिखे पत्र में साफ कहा कि वे एसआईटी, सीआईए एवं स्पेशल स्टाफ में तैनात पुलिस अधिकारियों व कर्मियों के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कई मामलों की सूची बनाकर 31 दिसंबर तक उन पर वर्क आउट रिपोर्ट भेजने को कहा है। कहा, अगर सही आउटपुट रिपोर्ट नहीं मिली तो ऐसी अहम जगहों पर लापरवाह किस्म के अधिकारियों की कोई जरूरत नहीं है। मनमाफिक वर्क आउट नहीं मिलने से आईजी ने सोनीपत पुलिस से साफ-साफ पूछा है कि इतना भारी भरकम स्टाफ आखिर कर क्या रहा है? पत्र के साथ आईजी आलोक कुमार राय ने ऐसे कई मामलों की सूची भी बनाकर भेजी है, इनमें केस तो दर्ज हैं, लेकिन उनका आउटपुट कुछ भी नहीं है। इनमें सदर थाना सोनीपत के अलावा पीएस बरौदा, खरखौदा, गन्नौर, मुरथल तथा कुंडली आदि थानों में दर्ज लूट, मर्डर, स्नैचिंग तथा किडनैपिंग मामलों का जिक्र कर आउटपुट पूछा है।
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बैठक में भी लगाई थी फटकार  
रोहतक रेंज के आईजी ने आपराधिक केसों की समीक्षा संबंधी एक बैठक हाल ही में रेंज ऑफिस में बुलाई थी। उनके सामने मातहत अधिकारियों द्वारा गिनवाई गई उपलब्धियों से वे संतुष्ट नहीं हुए और अधिकारियों को साफ कहा कि बेहतर आउटपुट नहीं आने का अर्थ यही माना जाएगा कि उन लोगों में अपने अधीनस्थों से कार्य कराने की पूरी क्षमता है ही नहीं। इस मीटिंग में पड़ी फटकार का ही असर रहा कि रोहतक एवं झज्जर जिलों के सीआईए, एसआईटी तथा स्पेशल स्टाफ सक्रिय हुए और दोनों जिलों में पिछले करीब पंद्रह दिनों में उल्लेखनीय आउटपुट दर्ज हुई है।
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