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अब आईसी कॉलेज उतरा सड़क पर
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
Updated Wed, 29 Oct 2014 02:29 AM IST
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जाट कॉलेज के प्रोफेसर की हत्या मामले में पूरे जाट संस्थान के एकजुट होने के ठीक अगले दिन आईसी कॉलेज भी अपनी शिक्षिका की मौत पर न्याय मांगने सड़क पर उतरा।
मंगलवार को आईसी कॉलेज की सैकड़ों छात्राओं ने अपनी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. तमन्ना को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसपी ऑफिस घेर लिया।
सुबह शिक्षकों ने आईजी दफ्तर पहुंच पूरी जांच और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार करने की मांग की तो दोपहर में छात्राएं एसपी ऑफिस पहुंच गई।
नारेबाजी करते हुए एएसपी अभिषेक जोरवाल को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की। आरोप लगाया कि पुलिस ने अब तक की कार्रवाई में कई तत्थों को नजर अंदाज किया है।
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आईसी कॉलेज में मैथ्स की असिस्टेंट प्रोफेसर रही डॉ. तमन्ना ने सागर विला होटल के साथ लगती गली स्थित अपनी ससुराल में दीपावली के दिन आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज किया। डॉ. तमन्ना के भाई ने उसके पति, सास ससूर और ननद के खिलाफ दहेज केलिए परेशान करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने की शिकायत दी। पुलिस ने डॉ. तमन्ना के पति बैंक मैनेजर प्रशांत को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उसकी सास निर्मला, ससुर राजेंद्र और ननद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसी बात को लेकर छात्राओं और शिक्षिकाओं ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। बता दें कि डॉ. तमन्ना की शादी 2005 में प्रशांत के साथ हुई थी और वह चार माह पहले ही हिसार के राजकीय कॉलेज से तबादला होकर आईसी कॉलेज में आई थी।
छात्राएं उतरी सड़क पर
सुबह साढ़े 10 बजे शिक्षिकाओं के आईजी दफ्तर से लौटने के बाद छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया। अपनी हंसमुख और मिलनसार टीचर डॉ. तमन्ना के लिए इंसाफ मांगने दोपहर करीब 12 बजे पांच सौ छात्राएं लघु सचिवालय पहुंच गई। शिक्षिकाएं भी उनके साथ आ गईं। जोरदार नारेबाजी करते हुए शिक्षिका के लिए इंसाफ मांगा।
बेटी के बयान क्यों नहीं लिए?
एएसपी को ज्ञापन सौंपने के साथ ही शिक्षिकाओं ने पुलिस पर कई आरोप भी लगाए। कहा कि पुलिस कुछ लोगों के दबाव में काम कर रही है। मामले को महज एक आत्महत्या का केस बताने की कोशिश की जा रही है। एक शिक्षिका डॉ. दीपा ने बताया कि घटना के बाद से अब तक पुलिस ने डॉ. तमन्ना की सात वर्षीय बेटी के बयान क्यों नहीं लिए? डॉ. सुरेश लाठर ने आरोप लगाया कि तमन्ना के ससुराल वाले उसे दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए थे, लेकिन कब ले गए यह किसी को नहीं पता? आरोप है कि अस्पताल में भी इस तरह का कोई रिकॉर्ड ही नहीं है। सवाल उठाए है कि यदि अस्पताल ले गए थे ता रिकॉर्ड क्यों नहीं है? और नहीं ले गए थे तो ससुराल वालों ने झूठ क्यों कहा? इस तथ्य की भी जांच की जानी चाहिए।
गोली मारने की दी थी धमकी
शिक्षिकाओं ने आरोप लगाया कि ससुराल में डॉ. तमन्ना के साथ मारपीट की जाती। आरोप लगाया कि दीपावली वाले दिन तमन्ना के पति ने उसे खूब पीटा था। जब तमन्ना ने पुलिस में शिकायत देने की बात कही तो उसे गोली मारने की धमकी दी। शिक्षिकाओं का कहना है कि यह बात उसने अपने मायके में भी बताई थी, जिसे रिकॉर्ड किया गया है और इसे आईजी को सौंपा गया है।
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
एएसपी जोरवाल ने ज्ञापन लेने के बाद कहा कि सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पांच शिक्षिकाओं के एक दल को पुलिस अधिकारी के साथ संबंधित थाने में भेजा ताकि जांच कर रहे अधिकारियों को तथ्यों की जानकारी दी जा सके।
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मंगलवार को आईसी कॉलेज की सैकड़ों छात्राओं ने अपनी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. तमन्ना को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसपी ऑफिस घेर लिया।
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सुबह शिक्षकों ने आईजी दफ्तर पहुंच पूरी जांच और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार करने की मांग की तो दोपहर में छात्राएं एसपी ऑफिस पहुंच गई।
नारेबाजी करते हुए एएसपी अभिषेक जोरवाल को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की। आरोप लगाया कि पुलिस ने अब तक की कार्रवाई में कई तत्थों को नजर अंदाज किया है।
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आईसी कॉलेज में मैथ्स की असिस्टेंट प्रोफेसर रही डॉ. तमन्ना ने सागर विला होटल के साथ लगती गली स्थित अपनी ससुराल में दीपावली के दिन आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज किया। डॉ. तमन्ना के भाई ने उसके पति, सास ससूर और ननद के खिलाफ दहेज केलिए परेशान करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने की शिकायत दी। पुलिस ने डॉ. तमन्ना के पति बैंक मैनेजर प्रशांत को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उसकी सास निर्मला, ससुर राजेंद्र और ननद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसी बात को लेकर छात्राओं और शिक्षिकाओं ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। बता दें कि डॉ. तमन्ना की शादी 2005 में प्रशांत के साथ हुई थी और वह चार माह पहले ही हिसार के राजकीय कॉलेज से तबादला होकर आईसी कॉलेज में आई थी।
छात्राएं उतरी सड़क पर
सुबह साढ़े 10 बजे शिक्षिकाओं के आईजी दफ्तर से लौटने के बाद छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया। अपनी हंसमुख और मिलनसार टीचर डॉ. तमन्ना के लिए इंसाफ मांगने दोपहर करीब 12 बजे पांच सौ छात्राएं लघु सचिवालय पहुंच गई। शिक्षिकाएं भी उनके साथ आ गईं। जोरदार नारेबाजी करते हुए शिक्षिका के लिए इंसाफ मांगा।
बेटी के बयान क्यों नहीं लिए?
एएसपी को ज्ञापन सौंपने के साथ ही शिक्षिकाओं ने पुलिस पर कई आरोप भी लगाए। कहा कि पुलिस कुछ लोगों के दबाव में काम कर रही है। मामले को महज एक आत्महत्या का केस बताने की कोशिश की जा रही है। एक शिक्षिका डॉ. दीपा ने बताया कि घटना के बाद से अब तक पुलिस ने डॉ. तमन्ना की सात वर्षीय बेटी के बयान क्यों नहीं लिए? डॉ. सुरेश लाठर ने आरोप लगाया कि तमन्ना के ससुराल वाले उसे दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए थे, लेकिन कब ले गए यह किसी को नहीं पता? आरोप है कि अस्पताल में भी इस तरह का कोई रिकॉर्ड ही नहीं है। सवाल उठाए है कि यदि अस्पताल ले गए थे ता रिकॉर्ड क्यों नहीं है? और नहीं ले गए थे तो ससुराल वालों ने झूठ क्यों कहा? इस तथ्य की भी जांच की जानी चाहिए।
गोली मारने की दी थी धमकी
शिक्षिकाओं ने आरोप लगाया कि ससुराल में डॉ. तमन्ना के साथ मारपीट की जाती। आरोप लगाया कि दीपावली वाले दिन तमन्ना के पति ने उसे खूब पीटा था। जब तमन्ना ने पुलिस में शिकायत देने की बात कही तो उसे गोली मारने की धमकी दी। शिक्षिकाओं का कहना है कि यह बात उसने अपने मायके में भी बताई थी, जिसे रिकॉर्ड किया गया है और इसे आईजी को सौंपा गया है।
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
एएसपी जोरवाल ने ज्ञापन लेने के बाद कहा कि सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पांच शिक्षिकाओं के एक दल को पुलिस अधिकारी के साथ संबंधित थाने में भेजा ताकि जांच कर रहे अधिकारियों को तथ्यों की जानकारी दी जा सके।