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दवा लेने आई जच्चा को गार्ड ने मारा धक्का, डंडे से पीटा
Sonipat
Updated Thu, 08 May 2014 01:19 AM IST
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बच्चों की दवाई लेने पहुंची प्रसूती महिला की सिविल अस्पताल में तैनात गार्ड ने डंडों से पिटाई कर दी। फिलहाल अस्पताल में ही दाखिल महिला ने 3 मई को ऑपरेशन से दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। जिस समय यह घटना हुई, उस समय उसके परिवार का कोई सदस्य मौके पर मौजूद नहीं था।
सेक्टर-23 निवासी आशा पत्नी दीपक ने गत 3 मई को सिविल अस्पताल में ऑपरेशन से दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। फिलहाल अस्पताल में ही दाखिल महिला ने बताया कि बुधवार दोपहर उसके पास परिवार को कोई सदस्य मौजूद नहीं था। नर्स भी अपने काम में व्यस्त थी।
इसी बीच वह अपने बच्चों के लिए दवाई लेने डिस्पेंसरी चली गई। उसने बताया कि ऑपरेशन होने से वह चल नहीं पा रही थी, इसके बावजूद वह हिम्मत करके बच्चों के लिए दवाई लेने डिस्पेंसरी गई। डिस्पेंसरी पहुंचने पर लंबी लाइन लगी हुई थी। ऑपरेशन के चलते उसको लाइन में खड़े होने में दिक्कत हो रही थी। इसलिए वह डिस्पेंसरी की खिड़की के पास लाइन के साइड में आकर खड़ी हो गई ताकि दवाई जल्दी से मिल सकें।
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यहां पर लाइन में लगी एक अन्य महिला ने उसकी हालत को देखते हुए बच्चों का ओपीडी कार्ड ले लिया और कहा कि मैं तुम्हारी दवाई लेकर देती हूं। इसके चलते वह उस महिला के पास जाकर खड़ी हो गई। इसी दौरान सुरक्षा गार्ड वहां आ पहुंचा और बिना पूछे महिला को धक्के देना शुरू कर दिया। जब वह रोकर आपबीती सुनाने लगी तो भी सुरक्षा गार्ड ने तरस नहीं खाया और डंडे से उसको शहर की तरफ धकेल दिया और जमकर डंडाें से पिटाई कर दी।
डिस्पेंसरी के पास कई बार लोगों की जेब कट चुकी है। जिसको लेकर डिस्पेंसरी के पास गार्ड तैनात किया गया है। प्रसूती महिला के साथ गार्ड द्वारा की गई पिटाई के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। सूचना मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
-अंकित कुमार, चौकी प्रभारी, सिक्का कालोनी
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सेक्टर-23 निवासी आशा पत्नी दीपक ने गत 3 मई को सिविल अस्पताल में ऑपरेशन से दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। फिलहाल अस्पताल में ही दाखिल महिला ने बताया कि बुधवार दोपहर उसके पास परिवार को कोई सदस्य मौजूद नहीं था। नर्स भी अपने काम में व्यस्त थी।
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इसी बीच वह अपने बच्चों के लिए दवाई लेने डिस्पेंसरी चली गई। उसने बताया कि ऑपरेशन होने से वह चल नहीं पा रही थी, इसके बावजूद वह हिम्मत करके बच्चों के लिए दवाई लेने डिस्पेंसरी गई। डिस्पेंसरी पहुंचने पर लंबी लाइन लगी हुई थी। ऑपरेशन के चलते उसको लाइन में खड़े होने में दिक्कत हो रही थी। इसलिए वह डिस्पेंसरी की खिड़की के पास लाइन के साइड में आकर खड़ी हो गई ताकि दवाई जल्दी से मिल सकें।
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यहां पर लाइन में लगी एक अन्य महिला ने उसकी हालत को देखते हुए बच्चों का ओपीडी कार्ड ले लिया और कहा कि मैं तुम्हारी दवाई लेकर देती हूं। इसके चलते वह उस महिला के पास जाकर खड़ी हो गई। इसी दौरान सुरक्षा गार्ड वहां आ पहुंचा और बिना पूछे महिला को धक्के देना शुरू कर दिया। जब वह रोकर आपबीती सुनाने लगी तो भी सुरक्षा गार्ड ने तरस नहीं खाया और डंडे से उसको शहर की तरफ धकेल दिया और जमकर डंडाें से पिटाई कर दी।
डिस्पेंसरी के पास कई बार लोगों की जेब कट चुकी है। जिसको लेकर डिस्पेंसरी के पास गार्ड तैनात किया गया है। प्रसूती महिला के साथ गार्ड द्वारा की गई पिटाई के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। सूचना मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
-अंकित कुमार, चौकी प्रभारी, सिक्का कालोनी