आइफोन 4-एस: कितना बेहतर है पिछले मॉडल से

Kriyanshu Saraswat Updated Wed, 08 Aug 2012 05:08 PM IST
i phone 4s upgrades
यह स्वाभाविक है कि दूरदृष्टा स्टीव जॉब्स ने तेजी से बढ़ते प्रतिस्पर्धियों को देखते हुए जब आइफोन 4-एस की परिकल्पना की होगी तो उसमें ऐसे फीचर जरूर तलाशे होंगे, जो पिछले प्रोडक्ट्स की तरह मील का पत्थर साबित हो और उनके ग्राहकों के अनुभव संसार में कुछ नया जोड़ सके। गैजेट्स एक्सपर्ट के ठंडे स्वागत के बावजूद आइफोन 4-एस की बिक्री ने नया रिकार्ड बनाया। अब जो आइफोन 4 खरीदने की तैयारी में थे, उनके सामने पहली दुविधा यह है कि सीधे बाजार जाकर आइफोन का मौजूदा वर्जन उठा लाएं या फिर एडवांस फीचर वाले 4-एस का इंतज़ार करें। दूसरी दुविधा इससे विकट है, आइफोन 4-एस की शुरुआती कीमत ही काफी ज्यादा है, क्या उन्हें कुछ ऐसा मिलेगा जिसके लिए इतनी रकम खर्च भी की जाए?

बेहतर होगा कि दोनों के फीचर्स पर एक नजर डालें और यह समझने की कोशिश करें कि मौजूदा मॉडल से यह कितना बेहतर साबित होगा। सबसे पहले बात होती है फोन के लुक की, तो देखने में दोनों ही एक जैसे हैं, ऊंचाई और मोटाई भी समान है। दोनों में सफेद तथा काले रंग का विकल्प मौजूद है। बस वजन में आइफोन 4-एस थोड़ा भारी है, मगर अंतर इतना कम है कि आपको पता भी न लगे, और हां, दोनों का स्क्रीन साइज़ और रिज़ोल्यूशन भी समान है। अब आइए ऐपल के दावों पर नजर डालते हैं। पहले ए-4 प्रोसेसर का इस्तेमाल होता था, नए मॉडल में डुएल-कोर ए-5 प्रोसेसर का इस्तेमाल होगा जो पिछले से दोगुनी रफ्तार का है। दावा तो यह भी है कि ग्राफिक्स की परफारमेंस के मामले में 4-एस पिछले मॉडल से सात गुना ज्यादा तेज है। पिछले मॉडल की तरह 4-एस भी माइक्रो एसडी को सपोर्ट नहीं करता, लिहाजा फोन की स्मृति को विस्तार नहीं दिया जा सकता। वैसे तो दोनों का बैटरी बैकअप बेहतर है मगर नए मॉडल का स्टैंडबाय टाइम घट गया है।

एक नजर उन खूबियों पर डालते हैं जो सचमुच इस फोन को पिछले से बेहतर बनाती हैं। इसमें सबसे प्रमुख है सिरी, यानी कि एक ऐसा फीचर जो आपके मौखिक निर्देशों को समझेगा और उसके अनुसार उसे मशीन की भाषा में अनुदित करेगा। ऐपल का कहना है कि निर्देश देने के लिए आप वैसे ही बोलें जैसे की सामान्य तौर पर बोलते हैं और इसकी मदद से फोन कॉल करें, संदेश भेजें, मीटिंग शिड्यूल बनाएं, यह बिल्कुल वैसे ही होगा कि आप अपने फोन से बातचीत कर रहे हैं। दूसरी बड़ी खूबी है इसका कैमरा। इसमें आठ मेगापिक्सेल का कैमरा है जो फुल एचडी वीडियो भी तैयार कर सकता है। कैमरा क्वालिटी बेहतर करने के साथ-साथ ऐपल ने 4-एस में छायाकारी के शौकीनों लिए कई नए फीचर्स जोड़े हैं। और अंत में 4-एस के आखिरी मगर अहम फीचर आइ-क्लाउड को भी देखते चलें। यह उन लोगों के लिए एक शानदार फीचर है जो ऐपल के अन्य प्रोडक्ट्स पर भी काम करते हैं। यह एप्लीकेशंस, तस्वीरें और डाक्यूमेंट को एक साथ आइपैड, आइफोन और मैकबुक पर शेयर करता है।

कोई संदेह नहीं कि आइफोन 4-एस में कुछ ऐसे फीचर हैं जो पिछले मॉडल्स पर भारी पड़ते हैं और इनके लिए इंतजार किया जा सकता है। हालांकि आइफोन अपनी जिन बुनियादी खूबियों के लिए पहचाना जाता है, वह आइफोन 4 या आइफोन 3-जीएस में भी मौजूद हैं। फैसला तो आखिर आपके ही हाथ में है।

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