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फिर साथ कैसे बैठेंगे

Tue, 19 Aug 2014 07:40 PM IST
नई दिल्ली
नई दिल्ली Updated Tue, 19 Aug 2014 07:40 PM IST
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How then will sit together

पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित की हुर्रियत नेताओं से मुलाकात के बाद भारत ने दोनों देशों के विदेश सचिवों की वार्ता को रद्द कर पड़ोसी देश को कड़ा संदेश दिया है कि अपने अंदरूनी मामलों में वह किसी भी तरह की दखल बर्दाश्त नहीं करेगा और उसे देश की चुनी हुई सरकार और अलगाववादियों में से किसी एक को ही चुनना होगा। मगर मोदी सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद दोनों देशों के संबंधों के मद्देनजर अब इस स्थिति से पीछे लौटना सरकार के लिए काफी मुश्किल होगा।

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मोदी सरकार का यह रुख पिछली तमाम सरकारों से अलग है, जो पाकिस्तानी नेताओं और राजनयिकों से कश्मीरी अलगाववादी नेताओं की मुलाकातों का विरोध तो करती थीं, मगर ऐसी मुलाकातों को खास तवज्जो नहीं देती थीं। सरकार का यह रुख प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में दिखाई गई उदारता से भी उलट दिखता है, जिसमें सार्क देशों के अन्य नेताओं के साथ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को भी आमंत्रित किया गया था। इसके जरिये मोदी ने यह संदेश दिया था कि क्षेत्रीय सहयोग उनकी प्राथमिकता में है।
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हालांकि यह भी सच है कि उस वक्त भारत आए नवाज शरीफ ने अलगाववादी नेताओं से मिलने से परहेज किया था। यह भी किसी से छिपा नहीं है कि मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में आने का फैसला करने में शरीफ को दो दिन लग गए थे! जाहिर है, नवाज शरीफ की मुश्किलें भी कम नहीं हैं, वह पाकिस्तान की सत्ता का अकेला केंद्र नहीं हैं। उनके खिलाफ तहरीक ए इंसाफ के नेता इमरान खान के साथ ही मौलवी ताहिर अल कादिरी ने भी मोर्चा खोल रखा है।
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इसके अलावा पाकिस्तानी फौज और आईएसआईए के साथ ही कट्टरपंथियों का जो दबाव है, सो अलग। निश्चय ही इस घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में यह भी देखने की जरूरत है कि ऐसे समय, जब दोनों देशों के बीच वार्ता की प्रक्रिया पटरी पर लौटती दिख रही थी, पाकिस्तान की ओर से लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर भड़काने वाली कार्रवाई जारी है।


दरअसल पाकिस्तान में ऐसी ताकतें कम नहीं हैं, जो कभी नहीं चाहतीं कि दोनों देशों की लोकतांत्रिक सरकारें शांति प्रक्रिया की ओर आगे बढ़ें। इसके बावजूद अपने अंतर्विरोधों से घिरी पाकिस्तानी सरकार को भी यह समझने की जरूरत है कि भारत के खिलाफ भड़काने वाली कार्रवाई कर उसे कुछ हासिल नहीं होगा।

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