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दौरे पर आए वीसी तो पता चला बिना इलाज कैसे तड़प रहे हैं मरीज

Tue, 23 Sep 2014 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक Updated Tue, 23 Sep 2014 02:23 AM IST
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पीजीआई के आला अधिकारी सोमवार को दौरे पर निकले तो पता चला यहां मरीज इलाज के अभाव में किस तरह तड़प रहे हैं।
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वीसी डॉ. एसएस सांगवान, प्रो वीसी डॉ. वी. के . जैन और एमएस डॉ. अशोक चौहान की टीम ने ओपीडी, इमरजेंसी, लेबर रूम और वार्डों का दौरा किया। वीसी ने माना हालात संभालने की कोशिश की जा रही हैं, लेकिन हालत बहुत खराब है।
बच्चों की ओपीडी में नहीं मिले डाक्टर, फटकार
अधिकारी सबसे पहले रणबीर सिंह ओपीडी में पहुंचे। बच्चों की ओपीडी में एक भी चिकित्सक नहीं मिला। इस पर पीडियाट्रिक्स विभाग के सीनियर कंसलटेंट के बारे में जानकारी हासिल की तो पता चला कि सभी सीनियर चिकित्सक या तो वार्ड में हैं या फिर इमरजेंसी में। डॉक्टर्स के कमरे के बाहर भारी भीड़ थी। उन्होंने आदेश जारी किए कि ओपीडी में यदि एक भी मरीज है तो सीनियर डॉक्टर सीट छोड़कर नहीं जाएंगे। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।
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रेफर नहीं करने के आदेश
प्रो वीसी डॉ. वी. के.जैन ने बताया कि कुलपति ने लेबर रूम में मरीजों का हालचाल जाना। कहा, किसी भी गर्भवती को परेशानी नहीं होनी चाहिए। मरीज को रेफर नहीं किया जाएगा।
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ओपीडी में माइक से संभाली कमान
एमएस डॉ. अशोक चौहान ने बताया कि ओपीडी में मरीजों को इलाज का आश्वासन देने के लिए लगातार माइक से घोषणा की गई। दावा किया कि सोमवार को आम दिनों की भांति जांच की गई। बताया कि ओपीडी में मरीजों की संख्या कम थी, लेकिन आपात विभाग में पहुंच रहे मरीजों में कोई कमी नहीं आई है। यहां सीनियर डॉक्टर कमान संभाल रहे हैं।
सीनियर डॉक्टर आपात विभाग में
चीफ वार्डन डॉ. एस. के. धत्तरवाल ने बताया कि आपात विभाग में किसी भी गंभीर मरीज को कोई हानि न हो इसके लिए रविवार रात को कुलसचिव डॉ. सरला हुड्डा सहित कई सीनियर डॉक्टर देर रात तक ड्यूटी पर रहे।

वर्जन
‘पीजीआई में चिकित्सकों की हड़ताल का असर साफ नजर आ रहा है। प्रयास है कि हालात ठीक रहे, लेकिन है नहीं। बाकी शाम तक हड़ताल को समाप्त कराने का प्रयास किया जाएगा। गंभीर मरीजों की भी संभाल जरूरत के अनुसार नहीं हो पा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का नुकसान ज्यादा हो रहा है। मरीजों की मौत यदि चिकित्सकों के अभाव में हो रही है तो परिवार का मुखिया होने के कारण मैं इसकी नैतिक जिम्मेदारी मानता हूं। प्रयास है कि गंभीर मरीजों को उच्च गुणवत्ता युक्त उपचार दिया जाए।’
डॉ. एस. एस. सांगवान, वीसी, पं. बी. डी. शर्मा हेल्थ विवि, रोहतक।
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