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Hindi News ›   News Archives ›   Other Archives ›   Government will have to obey the rules

मानने पड़ेंगे सरकारी नियम

Fri, 23 May 2014 01:27 AM IST
Updated Fri, 23 May 2014 01:27 AM IST
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निजी स्कूलों में नियम 134ए को लागू कराने के लिए जिला प्रशासन स्कूलों के प्रति सख्त हो चला है। बृहस्पतिवार को डीआरडीए के सभागार में आयोजित निजी स्कूल संचालकों की बैठक में डीसी राजीव रतन ने निजी स्कूल संचालकों को दो टूक कहा कि उन्हें सरकारी आदेश मानने पड़ेंगे। ऐसा नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
डीसी ने कहा कि नियम 134ए के तहत अपने-अपने स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर गरीब बच्चों को दाखिला दें। जो भी स्कूल संचालक सरकार के नियमों की अवेहलना करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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 प्राइवेट स्कूल राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं एवं आदेशों की सही-सही पालना सुनिश्चित नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायतें भी मिली हैं कि राजपत्रित अवकाश के दिनों में भी निजी स्कूल खुले रहते हैं। निजी स्कूल संचालकों को निर्देश देते हुए डीसी ने कहा कि जिला उपायुक्त होने के नाते केंद्र व राज्य सरकार के जायज निर्देशों को जिले में लागू कराना उनका फर्ज है। इस राय को मेरी हिदायत समझा जाए या आदेश, लेकिन सभी निजी स्कूल संचालकों को अपने विद्यालय में गरीब बच्चों को नियम 134ए के तहत निर्धारित सीटों पर दाखिला देना सुनिश्चित करें और राजपत्रित अवकाश के दिनों में स्कूल हर हाल में बंद रहने चाहिए। अन्यथा सरकार के नियमों का पालन न करने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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क्राईस्ट राजा स्कूल को लगाई फटकार
डीसी ने अपने संबोधन में कहा कि बैठक में पहुंचने का समय 11 बजे का था, लेकिन मैं 45 मिनट लेट पहुंचा हूं। इसको लेकर निजी स्कूल संचालकों को बुरा लगा होगा। इस पर स्कूल संचालकों ने हामी भरी। इस पर डीसी ने कहा कि जिस प्रकार मेरे देरी से पहुंचने पर आपको परेशानी हुई है, उसी प्रकार जब गरीब परिवारों के अभिभावक स्कूलों के चक्कर लगाते हैं। उन्हें भी बुरा लगता है। डीसी महोदय ने क्राईस्ट राजा कान्वेंट स्कूल की प्रतिनिधि को फटकार लगाते हुए कहा कि उनके स्कूल की काफी समय से शिकायतें आ रही हैं, जिसमें सरकार के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। गरीब बच्चों व उनके अभिभावकों के अपने स्कूल में दाखिले के लिए चक्कर कटवाए जा रहे हैं। कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर स्कूल प्रशासन अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीसी द्वारा राजपत्रित अवकाश के अनुपालन के आदेश पर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन प्रधान ने कहा कि सरकारी स्कूलोें में अवकाशों की संख्या ज्यादा है। निजी स्कूलों में इतने अवकाश करना मुमकिन नहीं है, इतने अवकाश करने की स्थिति में निजी स्कूलों का पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाएगा। इस पर डीसी ने कहा कि सभी अवकाशों की बजाए राजपत्रित अवकाश के दिन निजी स्कूल बंद रखे जाएं। गौरतलब है कि फसली अवकाश के दौरान कई निजी स्कूल खुले रहे थे। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद कई स्कूलों को नोटिस दिए गए हैं।  
जिला प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पूर्व प्रधान वजीर सिंह ढांडा ने उपायुक्त को बताया कि शुरुआत में नियम 134ए के अनुसार गरीब बच्चों के दाखिले करने में कुछ त्रुटियां थी। निजी स्कूल संचालक काफी समय पहले ही आरटीई लागू कराने के पक्ष में थे। अब जिले के क्राईस्ट राजा कान्वेंट स्कूल को छोड़कर सभी निजी स्कूलों ने सरकार द्वारा निर्धारित सीटों पर गरीब परिवारों के बच्चों के दाखिले कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ गरीब परिवारों के बच्चे जो फार्म नहीं भर पाए थे, उनको भी बीपीएल कार्ड के आधार पर निजी स्कूलों में दाखिले दिए गए हैं। जिले के सभी निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार निजी स्कूलों में सीसी टीवी कैमरें लगाए जा चुक हैं तथा प्रत्येक स्कूल ने अपनी ई-मेल आईडी भी बना ली है।  इस तरह से प्राइवेट स्कूल सरकार द्वारा जारी आदेशों का पालन कर रहे हैं। वजीर सिंह ढांडा ने कहा कि एनसीसी व एनएसएस योजनाओं का लाभ केवल राजकीय शिक्षा संस्थानों के ही विद्यार्थियों को ही मिल रहा है। निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को स्काउट्स गाइडस व सरकारी योजनाओं का निशुल्क लाभ मिलना चाहिए। सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए पूर्व प्रधान ने कहा कि पिछले दिनों जुलाना के निजी स्कूल संचालक व उसके लड़के पर जानलेवा हमला हुआ था। जानलेवा हमला करने के दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। इस पर डीसी ने उपयुक्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि निजी स्कूलों द्वारा फार्म नंबर 6 भी भरकर संबंधित बीईओ कार्यालय में पहुंचा दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 26 से 29 मई तक स्थानीय मोती लाल नेहरू पब्लिक स्कूल में स्काउट्स एंड गाइड का प्रशिक्षण देने के लिए एक जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन पुलिस अधीक्षक बलवान सिंह राणा और समापन कार्यक्रम समारोह में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी हरलीन ए शर्मा बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगी। स्काउट्स एंड गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रथम चरण में प्रत्येक स्कूल से एक-एक अध्यापक को प्रशिक्षित किया जाएगा। उसके उपरांत प्रशिक्षित अध्यापक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में छठी से 12वीं कक्षा तक की छात्राएं भाग लेंगी। उन्हाेंने स्काउट्स गाइड के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थी जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जाते हैं। उन्हाेंने इनस्पायर्ड अवार्ड योजना के बारे में भी विस्तार से बताते हुए कहा कि इस योजना के तहत जिला के एक हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। उन्हाेंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए स्कूल संचालक वेबसाइट पर अपने-अपने स्कूलाें को रजिस्टर्ड करवाएं। वर्ष 2014 से इस योजना को ऑन लाइन कर दिया गया है।

बृहस्पतिवार को हुई बैठक में स्कूल संचालकों को सख्त आदेश दिए गए हैं। इसमें छुट्टियों के दिनों में स्कूल खुले रखने और नियम 134ए के तहत दाखिले में लापरवाही के मामले सामने आए हैं। इस मामले में क्राइस्ट राजा स्कूल को नोटिस भी दिया गया है, लेकिन अभी तक उसका जवाब नहीं आया है। निजी स्कूलों से सरकारी नियम सख्ती से पालन करवाए जाएंगे।
जोगेंद्र हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी।  
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