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केंद्रीय कर्मियों और पूर्व सैनिकों को दिवाली का तोहफा
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 25 Sep 2012 01:57 AM IST
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डीजल के दामों में बढ़ोतरी और रियायती दर पर सिर्फ छह रसोई गैस सिलेंडर के फैसले के बाद महंगाई से परेशान आम आदमी की सरकार ने भले सुध न ली हो, मगर केंद्रीय कर्मचारियों और पूर्व सैनिकों को त्योहारों से पहले तोहफा दे दिया है। केंद्रीय कर्मियों के महंगाई भत्ते (डीए) में जहां सात फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, वहीं पूर्व सैनिकों को एक रैंक एक पेंशन के लगभग फायदा देने का भी फैसला करते हुए सरकार ने इसके लिए करीब 2300 करोड़ रुपये के पैकेज की मंजूरी दे दी है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट की बैठक में इन दो बड़े फैसलों के साथ महंगाई पर नियंत्रण के लिए दाल और खाद्य तेल की भंडारण सीमा को एक वर्ष के लिए बढ़ाने का भी निर्णय किया गया। इसके अलावा समेकित बाल विकास योजना के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई है। लगभग दो सौ जिलों में चलाई जा रही यह योजना बाल कुपोषण रोकने में मदद करेगी।
वहीं, राज्य बिजली वितरण कंपनियों के वित्तीय पुनर्गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है, जिसके चलते आने वाले दिनों में बिजली की दरें बढ़ना तय है। राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों पर करीब दो लाख करोड़ रुपये के कर्ज के पुनर्गठन के प्रस्ताव की मंजूरी के साथ राज्य सरकारों पर इसका लाभ उठाने के लिए शर्तें लागू की गई हैं। इसके चलते राज्यों को आने वाले दिनों में घाटा कम करने लिए नियमित रूप से बिजली दरें बढ़ानी पड़ेंगी।
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सात फीसदी की बढ़ोतरी के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों का डीए बढ़कर मूल वेतन का 72 फीसदी हो गया है। कैबिनेट के इस फैसले का लाभ 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 30 लाख पेंशन धारकों को मिलेगा। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता इस साल एक जुलाई से लागू होगा। इसके पूर्व सरकार ने मार्च 2012 में डीए में सात फीसदी की बढ़ोतरी की थी। एक जनवरी 2012 से लागू इस फैसले के बाद से केंद्रीय कर्मियों को मूल वेतन का 65 फीसदी डीए मिल रहा था।
इसी तरह सरकार ने सेना में एक पद एक पेंशन की वर्षों पुरानी मांग को काफी हद तक मानते हुए स्वीकार कर लिया है। इसके तहत अब पूर्व सैनिकों को सेवानिवृत्ति के बाद उसी पद के मुताबिक पेंशन मिलेगी। इसके लिए कैबिनेट ने 2300 करोड़ रुपये का पैकेज मंजूर किया है। सरकार की इस नई योजना का लाभ जनवरी 2006 से पहले रिटायर हुए जवानों और अधिकारियों को मिलेगा। अनुमान है कि इसका फायदा करीब 18 लाख पूर्व सैनिकों को मिल सकेगा।
कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने 12वीं पंचवर्षीय योजना में समेकित बाल विकास सेवा योजना (आईसीडीएस) को जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत बच्चों, मातृ देखभाल और बचपन के शुरूआत में शिक्षा पर सर्वाधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके वित्तीय मानक, आवंटन में ईएफसी की सिफारिश के आधार पर अनिवार्य बदलाव किया जाएगा।
वित्त वर्ष 2012-13 में आईसीडीएस की मजबूती और पुनर्गठन के लिए 200 जिलों को लिया जाएगा। जबकि आगामी वित्त वर्ष में जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर पूर्वी राज्यों समेत 200 अतिरिक्त जिले में इसका विस्तार होगा। शेष 243 जिले में उसके आगे के वर्षों में योजना पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। 12वीं पंचवर्षीय योजना में इसके लिए 1,23,580 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया गया है। इससे 10 फीसदी बच्चों के पोषण की कमी पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
दालों के लिए भंडारण सीमा बढ़ाई
खुले बाजार में खाद्य तेल और दाल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए इन पर लगाई गई भंडारण सीमा को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत खाद्य तेल, तिलहन और दालों पर 30 सितंबर 2013 तक मौजूदा भंडारण सीमा लागू रहेगी।
डीए के मायने
यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 10,000 रुपये है तो उसे अब 700 रुपये महंगाई भत्ते के रूप में और मिलेंगे। यानी कुल महंगाई भत्ता 7200 रुपये हो जाएगा।
केंद्रीय कर्मियों के डीए में वृद्धि
केंद्रीय कर्मियों के महंगाई भत्ते में 7 फीसदी की बढ़ोतरी, मूल वेतन का 72 फीसदी हुआ डीए।
50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और करीब 30 लाख पेंशन धारकों को मिलेगा फायदा।
बढ़ोतरी इस साल एक जुलाई से लागू, सरकार पर 7408 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
बिजली क्षेत्र के विकास पर जोर
राज्य बिजली बोर्डों के दो लाख करोड़ रुपये के कर्ज के पुनर्गठन के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। इस कदम से बिजली क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है, लेकिन इससे आने वाले दिनों में बिजली की दरें बढ़ना तय है।
वन रैंक वन पेंशन
18 लाख पूर्व सैन्य कर्मियों को मिलेगा लाभ, 2300 करोड़ रुपये की राशि आवंटित।
क्या हैं इसके मायने
पूर्व सैन्यकर्मियों को एक रैंक और समान अवधि की सेवा के लिए एक समान पेंशन मिलेगी, चाहे उनके रिटायरमेंट के समय में कितना भी अंतर क्यों न हो। इससे यह भी साफ है कि जब पेंशन में बढ़ोतरी होगी तो इसका लाभ पूर्व में रिटायर हुए लोगों को भी मिलेगा।
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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट की बैठक में इन दो बड़े फैसलों के साथ महंगाई पर नियंत्रण के लिए दाल और खाद्य तेल की भंडारण सीमा को एक वर्ष के लिए बढ़ाने का भी निर्णय किया गया। इसके अलावा समेकित बाल विकास योजना के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई है। लगभग दो सौ जिलों में चलाई जा रही यह योजना बाल कुपोषण रोकने में मदद करेगी।
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वहीं, राज्य बिजली वितरण कंपनियों के वित्तीय पुनर्गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है, जिसके चलते आने वाले दिनों में बिजली की दरें बढ़ना तय है। राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों पर करीब दो लाख करोड़ रुपये के कर्ज के पुनर्गठन के प्रस्ताव की मंजूरी के साथ राज्य सरकारों पर इसका लाभ उठाने के लिए शर्तें लागू की गई हैं। इसके चलते राज्यों को आने वाले दिनों में घाटा कम करने लिए नियमित रूप से बिजली दरें बढ़ानी पड़ेंगी।
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सात फीसदी की बढ़ोतरी के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों का डीए बढ़कर मूल वेतन का 72 फीसदी हो गया है। कैबिनेट के इस फैसले का लाभ 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 30 लाख पेंशन धारकों को मिलेगा। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता इस साल एक जुलाई से लागू होगा। इसके पूर्व सरकार ने मार्च 2012 में डीए में सात फीसदी की बढ़ोतरी की थी। एक जनवरी 2012 से लागू इस फैसले के बाद से केंद्रीय कर्मियों को मूल वेतन का 65 फीसदी डीए मिल रहा था।
इसी तरह सरकार ने सेना में एक पद एक पेंशन की वर्षों पुरानी मांग को काफी हद तक मानते हुए स्वीकार कर लिया है। इसके तहत अब पूर्व सैनिकों को सेवानिवृत्ति के बाद उसी पद के मुताबिक पेंशन मिलेगी। इसके लिए कैबिनेट ने 2300 करोड़ रुपये का पैकेज मंजूर किया है। सरकार की इस नई योजना का लाभ जनवरी 2006 से पहले रिटायर हुए जवानों और अधिकारियों को मिलेगा। अनुमान है कि इसका फायदा करीब 18 लाख पूर्व सैनिकों को मिल सकेगा।
कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने 12वीं पंचवर्षीय योजना में समेकित बाल विकास सेवा योजना (आईसीडीएस) को जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत बच्चों, मातृ देखभाल और बचपन के शुरूआत में शिक्षा पर सर्वाधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके वित्तीय मानक, आवंटन में ईएफसी की सिफारिश के आधार पर अनिवार्य बदलाव किया जाएगा।
वित्त वर्ष 2012-13 में आईसीडीएस की मजबूती और पुनर्गठन के लिए 200 जिलों को लिया जाएगा। जबकि आगामी वित्त वर्ष में जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर पूर्वी राज्यों समेत 200 अतिरिक्त जिले में इसका विस्तार होगा। शेष 243 जिले में उसके आगे के वर्षों में योजना पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। 12वीं पंचवर्षीय योजना में इसके लिए 1,23,580 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया गया है। इससे 10 फीसदी बच्चों के पोषण की कमी पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
दालों के लिए भंडारण सीमा बढ़ाई
खुले बाजार में खाद्य तेल और दाल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए इन पर लगाई गई भंडारण सीमा को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत खाद्य तेल, तिलहन और दालों पर 30 सितंबर 2013 तक मौजूदा भंडारण सीमा लागू रहेगी।
डीए के मायने
यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 10,000 रुपये है तो उसे अब 700 रुपये महंगाई भत्ते के रूप में और मिलेंगे। यानी कुल महंगाई भत्ता 7200 रुपये हो जाएगा।
केंद्रीय कर्मियों के डीए में वृद्धि
केंद्रीय कर्मियों के महंगाई भत्ते में 7 फीसदी की बढ़ोतरी, मूल वेतन का 72 फीसदी हुआ डीए।
50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और करीब 30 लाख पेंशन धारकों को मिलेगा फायदा।
बढ़ोतरी इस साल एक जुलाई से लागू, सरकार पर 7408 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
बिजली क्षेत्र के विकास पर जोर
राज्य बिजली बोर्डों के दो लाख करोड़ रुपये के कर्ज के पुनर्गठन के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। इस कदम से बिजली क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है, लेकिन इससे आने वाले दिनों में बिजली की दरें बढ़ना तय है।
वन रैंक वन पेंशन
18 लाख पूर्व सैन्य कर्मियों को मिलेगा लाभ, 2300 करोड़ रुपये की राशि आवंटित।
क्या हैं इसके मायने
पूर्व सैन्यकर्मियों को एक रैंक और समान अवधि की सेवा के लिए एक समान पेंशन मिलेगी, चाहे उनके रिटायरमेंट के समय में कितना भी अंतर क्यों न हो। इससे यह भी साफ है कि जब पेंशन में बढ़ोतरी होगी तो इसका लाभ पूर्व में रिटायर हुए लोगों को भी मिलेगा।