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जम्मू-कश्मीर में सरकार

Wed, 18 Feb 2015 08:00 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 18 Feb 2015 08:00 PM IST
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Government in Jammu & kashmir

जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन में पहले ही बहुत विलंब हो चुका है, जो न सिर्फ मतदाताओं की उम्मीदों की अनदेखी है, बल्कि यह सूबे को वित्तीय मुश्किलों में डालने जैसा कदम भी है। अब अगर न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की असहमति के कारण सरकार गठन संसद के बजट सत्र से पहले मुश्किल नजर आ रहा है, तो यह और भी दुर्भाग्यपूर्ण है। बेशक इस गतिरोध के लिए केवल भाजपा जिम्मेदार नहीं है; अब तो पीडीपी ने भी सख्त रुख अपना लिया है। पर राज्य में सरकार गठन को राजनीतिक महत्वाकांक्षा के रूप में पहले भाजपा ने देखा। दिल्ली का विधानसभा चुनाव उसके लिए जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन के लिए तत्काल पहल करने से ज्यादा जरूरी हो गया। उसे लगा था कि दिल्ली का नतीजा उसके अनुकूल हुआ, तो वह पीडीपी पर दबाव बना सकेगी।

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पर अब जब दिल्ली के नतीजे से हताश भाजपा जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन की संभावनाएं तलाश रही हैं, तब अनुच्छेद 370 और अफस्पा जैसे विवादास्पद मुद्दों पर संघ की असहमति ने भाजपा को मुश्किल में डाल दिया है। पीडीपी और भाजपा का सूबे में सरकार बनाना आसान काम नहीं है, खासकर तब, जब कई मुद्दों पर दोनों की सोच अलग-अलग है। पर चूंकि पीडीपी को कश्मीर और भाजपा को जम्मू के मतदाताओं ने जनादेश दिया है, ऐसे में, दोनों मिलकर सरकार बनाएं, तो वह राज्य का बेहतर प्रतिनिधित्व करेगी।
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तथ्य यह है कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से संघ का हस्तक्षेप बढ़ गया है। संघ चूंकि भाजपा का पितृ संगठन है, इसलिए यह उस पर दबाव बनाएगा ही। पर सरकार चलाने की जिम्मेदारी भाजपा की है, इसलिए फैसला उसे करना होगा कि जम्मू-कश्मीर के हित में क्या है। इस मामले में अटल बिहारी वाजपेयी के रास्ते पर आगे बढ़ने का उसके पास ऐतिहासिक मौका है। बेशक अफस्पा को हटाने की पीडीपी की शर्त पर सहमत होना भी आसान नहीं। पर विवाद तो तब हल होंगे, जब दोनों पार्टियां गंभीरता का परिचय दें।
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जब राज्यसभा चुनाव के बाद विधान परिषद के चुनाव में दोनों पार्टियों में सहमति बन सकती है, तो सरकार गठन में क्यों नहीं बन सकती? अब भी देर नहीं हुई है, राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को दरकिनार कर, दोनों को सरकार गठन की दिशा में संजीदगी का परिचय देना चाहिए।

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