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1000 रुपये दो, राशन कार्ड लो

Mon, 23 Jun 2014 02:38 AM IST
रोहतक।
रोहतक। Updated Mon, 23 Jun 2014 02:38 AM IST
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सुविधा शुल्क लेकर लोगों को राशन कार्ड बनाने का झांसा देने का मामला सामने आया है। इसके लिए बकायदा लोगों से एक-एक हजार रुपये प्रति राशन कार्ड तय किए गए और एडवांस के तौर पर सभी से पांच-पांच सौ रुपये ले भी लिए गए। लेकिन जब राशन कार्ड और राशन नहीं मिला तो रविवार को आर्य नगर के लोगों का गुस्सा उफान पर आ गया। झांसा देने वाले डिपो संचालक को घेर लिया गया और जमकर खरी-खोटी सुनाई। लोगों को आरोप यह भी है कि डिपो संचालक ने कभी किसी को समय पर राशन दिया ही नहीं।
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अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर में लोगों को झांसे में लेकर सुविधा शुल्क की बिसात पर मूर्ख बनाने का सिलसिला लगातार जारी है। आर्य नगर निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र के राशन डिपो संचालक ने उन्हें नए राशन कार्ड बनाने का झांसा दिया। इसके लिए उसने सभी से एक-एक हजार रुपये मांगे। विश्वास पैदा करने के लिए उसने कहा कि पांच सौ रुपये एडवांस में दो और बाकी राशन कार्ड बनने के बाद देना। कई लोगों ने नए राशन कार्ड के लिए उसे पांच-पांच सौ रुपये दिए, लेकिन जब राशन कार्ड नहीं मिले तो संदेह हुआ। लोगों ने उसे टोकना शुरू कर दिया, लेकिन किसी को कोई संतुष्टिजनक जवाब नहीं मिला।
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...और घेर लिया सड़क पर
रविवार दोपहर करीब दो बजे उक्त डिपो संचालक वीरेंद्र उर्फ पप्पू आर्य नगर वार्ड 18 की गली नंबर एक से जा रहा था। यहां मौजूद लोगों ने जब उसे देखा तो उसे रोक लिया और राशन कार्ड के बारे में सवाल जवाब करने लगे। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि जो राशन कार्ड नि:शुल्क मिलना चाहिए, उसके लिए वीरेंद्र ने एक-एक हजार रुपये मांगें। कई लोगों ने तो यह भी आरोप लगा दिया कि वह लोगों को वक्त पर राशन नहीं देता है। सभी पीड़ित उपभोक्ता अब उसकी शिकायत जिला प्रशासन तक ले जाने की तैयारी में हैं। लोगो की मांग है कि डिपो संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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इनका कहना है
समय पर राशन दिया जाता है। किसी से राशन कार्ड बनाने के लिए कोई रुपये नहीं लिया गए। राशन कार्ड लिस्ट के आधार पर बनता है, इसमें मेरा कोई लेना-देना नहीं है। जो आरोप लगाए जा रहे हैं, इसके लिए मैं जांच करवाने को तैयार हूं।
- वीरेंद्र उर्फ पप्पू, डिपो होल्डर।

बोली अधिकारी
उपभोक्ताओं को कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। इस मामले में जांच होगी, यदि डिपो होल्डर दोषी पाया जाता है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
- डॉ. अनिता खरब, डीएफएससी।
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