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58 साल के इतिहास में महेंद्रगढ़ थाने पर पहली बार ताला
Updated Sat, 03 May 2014 01:22 AM IST
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58 साल के इतिहास में महेंद्रगढ़ थाने पर पहली बार ताला
महेंद्रगढ़। जिले का इतिहास अपना अलग ही मायने रखता है। लेकिन शुक्रवार को हुई अजीबों-गरीब घटना के चलते जिले की इतिहास की किताब में एक और नया अध्याय जुड़ गया है। शुक्रवार को गांव बुचौली की महिलाओं ने पुलिस की लचर कार्रवाई का आरोप लगाते हुए पुलिस थाने पर ताला जड़ दिया था। जोकि महेंद्रगढ़ जिले के लिए अपने-आप में एक इतिहास है। इससे पहले जिले के किसी भी थाने पर इस तरह की घटना सामने नहीं आई है।
थाने पर तालाबंदी की घटना से जहां थाने की डीडीआर में एक नई इबारत लिखी गई है। वहीं पुलिस कार्रवाई की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होने भी लाजमी हैं। उल्लेखनीय है कि सन् 1956 में महेंद्रगढ़ थाने की स्थापना हुई थी। स्थापना से लेकर आज तक थाने पर ताला जड़े जाने का यह अपनी तरह का पहला वाक्या है। पढ़ने और सुनने में घटना बड़ी रोचक लगती है कि अपराधियों को कैद करने वाली पुलिस कुछ क्षणों के लिए थाने में ही कैद हो गई।
थाने में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनके थाने में ही वे ताले के अंदर बंद कर दिए जाएगें। बुचौली गांव के गुस्साए लोगों के चलते यह सारा माजरा हुआ। विदित है कि कुछ दिन पहले इसी गांव की लड़की को मेघनपास के तीन लड़कों द्वारा बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का मामला प्रकाश में आया था। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में कौताही बरतने व पुलिस के लचर रवैये से नाराज महिलाओं और ग्रामीणों ने थाने पर ताला जड़ दिया। और आमतौर पर कही जाने वाली कहावत कि उल्टा चोर कोतवाल को डाटे कहावत को सच साबित कर दिया।
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जाम लगाने वाले ग्रामीणों पर दर्ज किया जाएगा केस
शुक्रवार को पुलिस के ढ़ीले रवैये के चलते गांव बुचौली के ग्रामीणों ने जाम लगाया था। उनके खिलाफ जिला पुलिस अधीक्षक ने केस दर्ज करने के आदेश दे दिए है। जिला पुलिस अधीक्षक सिमरनदीप सिंह से बातचीत कि गई तो उन्होंने बताया कि जाम लगाने वाले के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। व पुलिस अधिकारियों की लापरवाही पाई जाती है तो उनके खिलाफ वे विभागीय कार्रवाई अमल में लाएंगें।
थाना प्रभारी को भेजा दस दिन की छुट्टी पर
पुलिस स्टेशन पर थाना पर ताला जड़ने व नारनौल-दादरी हाइवे जाम होने पर जिला पुलिस अधीक्षक सिमरनदीप सिंह ने ने थाना प्रभारी पवन हुड्डा को दस दिन की छुट्टी पर भेज दिया है। व एसआई महिपाल को कार्यकारणी थाना प्रभारी के रूप में भेजा गया है।
महिला पुलिसकर्मियों की कमी खली
गांव बुचौली में महिलाओं पुलिस की कार्रवाई से असंतोष व्यक्त करते हुए दोहपर पुलिस थाने पर ताला जड़ दिया था। व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करती हुई राव तुलाराम चौक पहुंचकर जाम लगा दिया था। जाम में करीब 50 से अधिक महिलाएं थी। लेकिन महिला पुलिसकर्मियों की बात करे वे मात्र दो-तीन ही नजर आई। इसके चलते पुरूष पुलिसकर्मियों ने ही महिलाओं को समझाने का कार्य किया। अगर जाम के दौरान पुलिस के साथ हिंसक घटना या पुलिस के साथ महिलाएं झड़प कर देती तो महिला पुलिस कर्मियों की कमी खलती।
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महेंद्रगढ़। जिले का इतिहास अपना अलग ही मायने रखता है। लेकिन शुक्रवार को हुई अजीबों-गरीब घटना के चलते जिले की इतिहास की किताब में एक और नया अध्याय जुड़ गया है। शुक्रवार को गांव बुचौली की महिलाओं ने पुलिस की लचर कार्रवाई का आरोप लगाते हुए पुलिस थाने पर ताला जड़ दिया था। जोकि महेंद्रगढ़ जिले के लिए अपने-आप में एक इतिहास है। इससे पहले जिले के किसी भी थाने पर इस तरह की घटना सामने नहीं आई है।
थाने पर तालाबंदी की घटना से जहां थाने की डीडीआर में एक नई इबारत लिखी गई है। वहीं पुलिस कार्रवाई की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होने भी लाजमी हैं। उल्लेखनीय है कि सन् 1956 में महेंद्रगढ़ थाने की स्थापना हुई थी। स्थापना से लेकर आज तक थाने पर ताला जड़े जाने का यह अपनी तरह का पहला वाक्या है। पढ़ने और सुनने में घटना बड़ी रोचक लगती है कि अपराधियों को कैद करने वाली पुलिस कुछ क्षणों के लिए थाने में ही कैद हो गई।
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थाने में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनके थाने में ही वे ताले के अंदर बंद कर दिए जाएगें। बुचौली गांव के गुस्साए लोगों के चलते यह सारा माजरा हुआ। विदित है कि कुछ दिन पहले इसी गांव की लड़की को मेघनपास के तीन लड़कों द्वारा बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का मामला प्रकाश में आया था। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में कौताही बरतने व पुलिस के लचर रवैये से नाराज महिलाओं और ग्रामीणों ने थाने पर ताला जड़ दिया। और आमतौर पर कही जाने वाली कहावत कि उल्टा चोर कोतवाल को डाटे कहावत को सच साबित कर दिया।
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जाम लगाने वाले ग्रामीणों पर दर्ज किया जाएगा केस
शुक्रवार को पुलिस के ढ़ीले रवैये के चलते गांव बुचौली के ग्रामीणों ने जाम लगाया था। उनके खिलाफ जिला पुलिस अधीक्षक ने केस दर्ज करने के आदेश दे दिए है। जिला पुलिस अधीक्षक सिमरनदीप सिंह से बातचीत कि गई तो उन्होंने बताया कि जाम लगाने वाले के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। व पुलिस अधिकारियों की लापरवाही पाई जाती है तो उनके खिलाफ वे विभागीय कार्रवाई अमल में लाएंगें।
थाना प्रभारी को भेजा दस दिन की छुट्टी पर
पुलिस स्टेशन पर थाना पर ताला जड़ने व नारनौल-दादरी हाइवे जाम होने पर जिला पुलिस अधीक्षक सिमरनदीप सिंह ने ने थाना प्रभारी पवन हुड्डा को दस दिन की छुट्टी पर भेज दिया है। व एसआई महिपाल को कार्यकारणी थाना प्रभारी के रूप में भेजा गया है।
महिला पुलिसकर्मियों की कमी खली
गांव बुचौली में महिलाओं पुलिस की कार्रवाई से असंतोष व्यक्त करते हुए दोहपर पुलिस थाने पर ताला जड़ दिया था। व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करती हुई राव तुलाराम चौक पहुंचकर जाम लगा दिया था। जाम में करीब 50 से अधिक महिलाएं थी। लेकिन महिला पुलिसकर्मियों की बात करे वे मात्र दो-तीन ही नजर आई। इसके चलते पुरूष पुलिसकर्मियों ने ही महिलाओं को समझाने का कार्य किया। अगर जाम के दौरान पुलिस के साथ हिंसक घटना या पुलिस के साथ महिलाएं झड़प कर देती तो महिला पुलिस कर्मियों की कमी खलती।