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तेजी आंधी ने बरपाया कहर, एक की मौत
bahadurgarh
Updated Sat, 31 May 2014 01:15 AM IST
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तेज आंधी ने शुक्रवार की शाम जमकर कहर बरपाया। शहर और ग्रामीण क्षेत्र में जगह-जगह पेड़ उखड़े, वहीं बिजली के खंभे और दीवार भी गिर गईं। गांव आसोदा के खेत में बने कमरे की दीवार के नीचे दबने से युवा किसान भूपेंद्र (32) की मौत हो गई। वहीं आसोदा में ही रेलवे ओवर ब्रिज कार्य में जुटे पश्चिम बंगाल निवासी श्रमिक रमेश पर लोहे की चद्दर गिर गई। इससे उसके पांव में काफी चोटें आई। यहीं नहीं गांव मांडोठी में दीवार गिरने को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया। जिसमें एक पक्ष के कई सदस्य घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए ट्रामा सेंटर में लाया गया।
अचालन शुरू हो गई धूल भरी आंधी
शाम के करीब पांच बजे तेज आंधी के साथ आए तूफान से आम जनजीवन काफी प्रभावित रहा। करीब आधा घंटे तक धूल के गुब्बार उड़ते रहे। लोगों के मकानों, दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों में धूल ही धूल दिखाई दी। दुकानदारों ने अपनी दुकानों के शटर डाल दिए। एक बार तो घोर अंधकार छा गया। वाहन चालकों को खासी दिक्कतें हुई। बड़े वाहन चालकों को लाइटें जलाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा तो दुपहिया वाहन चालकों ने अंधड़ में सड़क किनारे अपने वाहन खड़े करने में ही भलाई समझी। क्षेत्र में अनेक हरे-भरे पेड़ उखड़ गए। कई मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात भी बाधित हो गया। लघु सचिवालय परिसर के पास कई पेड़ की भारी-भरकम टहनियां टूटकर नीचे सड़क पर जा गिरी। मगर गनीमत यह रही है कि जिस समय ये पेड़ गिरे उस दौरान यहां कोई चहल कदमी नहीं थी। तूफान के दौरान सड़कें खाली-खाली हो गई। किसी हादसे से बचने के लिए लोग दुबकते नजर आए।
दोपहर बाद आसमान में छाने लगे बादल
शुक्रवार को लोग दोपहर के समय तेज धूप से परेशान रहे। दोपहर ढ़लते-ढ़लते आसमान में बादल छाने लगे और करीब पांच बजे तूफान शुरू हो गया। जो कि करीब 70-80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चला। लोगों ने संभलकर खुद को सुरक्षित स्थान तक पहुंचने का प्रयास किया। इससे जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। आंधी आने से पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए और सड़क यातायात बंद हो गया। शहर के खटीक मोहल्ले में एक दो मंजिला चौपाल की दो दीवारें गिर गई। यहां के निवासियों किशनचंद व देवेंद्र आसीवाल, राजू, शशिकांत, कपिल, कंवर सिंह, जुगनू, जितेंद्र व रेखा ने काफी समय पहले चौपाल निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। मगर अभी तक यह पूरा नहीं हुआ। अब तेज अंधड़ के दौरान इसकी मोन्टी की दीवारें गिर गई। मलबा साथ लगते देवेंद्र के मकान पर भी गिरा। इसे उसके मकान को काफ नुकसान हुआ। गली में खड़ी एक बाइक भी दीवार गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई। तूफान में नेशनल हाईवे पर शहर के लाल चौक के पास लगाए गए मेट्रो के बेरीकेड्स भी गिर गए। गनीमत यह रही कि इनकी चपेट में कोई वाहन नहीं आया। शहर के महाबीर पार्क के साथ से गुजर रही बहादुरगढ़ माइनर के पास एक मकान की छत पर लगे इंटरनेट का टावर का कुछ हिस्सा गिर गया। जिससे एक मकान को भी नुकसान पहुंचा है।
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खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति हुई बाधित
अंधड़ से पहले ही शहर के अधिकांश हिस्से में बिजली गुल हो गई थी। रही सही कसर तूफान ने पूरी कर दी। अनेक स्थानों पर बिजली के खंभे गिरने, तारें टूटने से लोग अंधकार में बैठ गए। लाइट न होने से जहां घरेलू कार्य बाधित हो गए वहीं दुकानदारों व अन्य व्यवसायियों का कार्य पूरी तरह से ठप हो गया। किस-किस जगह पर बिजली समस्या गहराई है इसको लेकर यूएचबीवीएन के अधिकारियों ने नुकसान का पता लगाने के लिए टीम गठित कर दी है। निगम के शहरी डिवीजन वन के उपमंडल अभियंता आशीष धनखड़ का कहना है कि तेज आंधी व तूफान के चलते शहर के कई स्थानों पर बिजली तारें व खंभे टूट गई। नुकसान का पता लगाने के लिए टीम लगा दी गई है। वे बिजली आपूर्ति सुचारु करने के प्रयास में हैं। जल्द ही बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
रेल यातायात पर भी पड़ा असर
आंधी तूफान से दिल्ली-रोहतक रेल लाइन पार यातायात करीब अढ़ाई घंटे तक बाधित रहा। बहादुरगढ़ घेवरा के बीच ट्रैक पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। बहादुरगढ़ स्टेशन पर शेड की चद्दर उखड़ गई। लेकिन बड़ा हादसा टल गया। ओएचई लाइन बंद होने से रेल लाइन की बिजली गुल हो गई। रेलवे स्टेशन अंधेरे में डूब गया। ट्रैक बाधित होने से रोहतक-दिल्ली ईएमयू करीब अढ़ाई घंटे बहादुरगढ़ स्टेशन पर खड़ी रही। कुरुक्षेत्र यात्री गाड़ी और जींद जाखल यात्री गाड़ी भी बीच में ही रोकनी पड़ी। बहादुरगढ़ स्टेशन अधीक्षक यशपाल मीणा ने बताया कि रेलवे ट्रैक साफ होने पर करीब 7 बजे रेल यातायात दुबारा चालू हो पाया।
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अचालन शुरू हो गई धूल भरी आंधी
शाम के करीब पांच बजे तेज आंधी के साथ आए तूफान से आम जनजीवन काफी प्रभावित रहा। करीब आधा घंटे तक धूल के गुब्बार उड़ते रहे। लोगों के मकानों, दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों में धूल ही धूल दिखाई दी। दुकानदारों ने अपनी दुकानों के शटर डाल दिए। एक बार तो घोर अंधकार छा गया। वाहन चालकों को खासी दिक्कतें हुई। बड़े वाहन चालकों को लाइटें जलाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा तो दुपहिया वाहन चालकों ने अंधड़ में सड़क किनारे अपने वाहन खड़े करने में ही भलाई समझी। क्षेत्र में अनेक हरे-भरे पेड़ उखड़ गए। कई मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात भी बाधित हो गया। लघु सचिवालय परिसर के पास कई पेड़ की भारी-भरकम टहनियां टूटकर नीचे सड़क पर जा गिरी। मगर गनीमत यह रही है कि जिस समय ये पेड़ गिरे उस दौरान यहां कोई चहल कदमी नहीं थी। तूफान के दौरान सड़कें खाली-खाली हो गई। किसी हादसे से बचने के लिए लोग दुबकते नजर आए।
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दोपहर बाद आसमान में छाने लगे बादल
शुक्रवार को लोग दोपहर के समय तेज धूप से परेशान रहे। दोपहर ढ़लते-ढ़लते आसमान में बादल छाने लगे और करीब पांच बजे तूफान शुरू हो गया। जो कि करीब 70-80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चला। लोगों ने संभलकर खुद को सुरक्षित स्थान तक पहुंचने का प्रयास किया। इससे जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। आंधी आने से पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए और सड़क यातायात बंद हो गया। शहर के खटीक मोहल्ले में एक दो मंजिला चौपाल की दो दीवारें गिर गई। यहां के निवासियों किशनचंद व देवेंद्र आसीवाल, राजू, शशिकांत, कपिल, कंवर सिंह, जुगनू, जितेंद्र व रेखा ने काफी समय पहले चौपाल निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। मगर अभी तक यह पूरा नहीं हुआ। अब तेज अंधड़ के दौरान इसकी मोन्टी की दीवारें गिर गई। मलबा साथ लगते देवेंद्र के मकान पर भी गिरा। इसे उसके मकान को काफ नुकसान हुआ। गली में खड़ी एक बाइक भी दीवार गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई। तूफान में नेशनल हाईवे पर शहर के लाल चौक के पास लगाए गए मेट्रो के बेरीकेड्स भी गिर गए। गनीमत यह रही कि इनकी चपेट में कोई वाहन नहीं आया। शहर के महाबीर पार्क के साथ से गुजर रही बहादुरगढ़ माइनर के पास एक मकान की छत पर लगे इंटरनेट का टावर का कुछ हिस्सा गिर गया। जिससे एक मकान को भी नुकसान पहुंचा है।
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खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति हुई बाधित
अंधड़ से पहले ही शहर के अधिकांश हिस्से में बिजली गुल हो गई थी। रही सही कसर तूफान ने पूरी कर दी। अनेक स्थानों पर बिजली के खंभे गिरने, तारें टूटने से लोग अंधकार में बैठ गए। लाइट न होने से जहां घरेलू कार्य बाधित हो गए वहीं दुकानदारों व अन्य व्यवसायियों का कार्य पूरी तरह से ठप हो गया। किस-किस जगह पर बिजली समस्या गहराई है इसको लेकर यूएचबीवीएन के अधिकारियों ने नुकसान का पता लगाने के लिए टीम गठित कर दी है। निगम के शहरी डिवीजन वन के उपमंडल अभियंता आशीष धनखड़ का कहना है कि तेज आंधी व तूफान के चलते शहर के कई स्थानों पर बिजली तारें व खंभे टूट गई। नुकसान का पता लगाने के लिए टीम लगा दी गई है। वे बिजली आपूर्ति सुचारु करने के प्रयास में हैं। जल्द ही बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
रेल यातायात पर भी पड़ा असर
आंधी तूफान से दिल्ली-रोहतक रेल लाइन पार यातायात करीब अढ़ाई घंटे तक बाधित रहा। बहादुरगढ़ घेवरा के बीच ट्रैक पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। बहादुरगढ़ स्टेशन पर शेड की चद्दर उखड़ गई। लेकिन बड़ा हादसा टल गया। ओएचई लाइन बंद होने से रेल लाइन की बिजली गुल हो गई। रेलवे स्टेशन अंधेरे में डूब गया। ट्रैक बाधित होने से रोहतक-दिल्ली ईएमयू करीब अढ़ाई घंटे बहादुरगढ़ स्टेशन पर खड़ी रही। कुरुक्षेत्र यात्री गाड़ी और जींद जाखल यात्री गाड़ी भी बीच में ही रोकनी पड़ी। बहादुरगढ़ स्टेशन अधीक्षक यशपाल मीणा ने बताया कि रेलवे ट्रैक साफ होने पर करीब 7 बजे रेल यातायात दुबारा चालू हो पाया।