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छेड़छाड़ मामले में दोनों पक्षों की सहमति से हो सकता है समझौता

Sun, 28 Dec 2014 03:02 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/रोहतक
ब्यूरो, अमर उजाला/रोहतक Updated Sun, 28 Dec 2014 03:02 AM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार गुप्ता ने कहा कि संज्ञेय अपराधों में समझौता दोनों पक्षों की सहमति से संभव है।
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लेकिन गंभीर अपराधों में समझौता नहीं हो सकता। छेड़छाड़ की धारा 354 संज्ञेय अपराधों की श्रेणी में आती है। इसलिए ऐसे मामलों में समझौते की संभावना दोनों पक्षों की सहमति से संभव है।

समाज की भलाई को देखते हुए न्यायालय में लंबित कई ऐसे मामले हैं, जिनमें राजीनामा हो सकता है। राजीनामे से समाज में भाईचारा भी बना रहता है। न्यायालयों में चल रहे कई किस्म के मामले राजीनामा हो सकने वाली श्रेणी में आते हैं। सेशन जज गुप्ता शनिवार को अपने चैंबर में पत्रकारवार्ता में बोल रहे थे।
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ये है 33 सदस्यीय समिति का मानना
बस में छेड़छाड़ मामले में शुक्रवार को कंसाला में 33 सदस्यीय कमेटी गठित की गई। कमेटी दोनों पक्षों से बात कर समझौते का प्रयास करेगी। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर जाकर युवाओं को जागरूक भी करेगी। कमेटी संयोजक सूरजभान ने कहा कि जिला सेशन जज के बयान ने उनकी उम्मीदें बढ़ा दी हैं। 
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