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सस्पेंड किए गए चालक और परिचालक बोले, हमें दबाव में हटाया गया
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 02 Dec 2014 03:05 AM IST
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हाम बेकसूर सां। हामनै तो लड़कों को समझाया था, भाई आराम तै रहो ना तो जमानत भी कोनी होवै।
लड़कियों से चलती बस में मारपीट और छेड़छाड़ के मामले में सस्पेंड किए गए रोडवेज बस के चालक और परिचालक ने खुद को बेकसूर बताया है।
पुलिस और प्रशासन के चौतरफा दबाव में हुई कार्रवाई पर दोनों ने निलंबन को गलत ठहराया है। सोनीपत डिपो की बस नंबर एचआर 69-6150 शुक्रवार दोपहर 12.55 पर रोहतक बस स्टैंड से निकली थी। बस में चालक बलवान सिंह निवासी रिठाल और परिचालक लाभ सिंह निवासी रुखी की ड्यूटी थी।
दैनिक यात्री हैं लड़कियां
परिचालक लाभ सिंह ने बताया कि लड़कियां रोजाना बस में ही सफर करती हैं। पहले कभी इस तरह की कोई हरकत नजर नहीं आई। वे आराम से सफर करती हैं और किसी से ज्यादा बात नहीं करती।
बस चलने से पहले ही होने लगा था विवाद
परिचालक का कहना है कि बस में चढ़ने के दौरान ही सीट को लेकर विवाद हो गया था। वे दोनों बहनें सीट पर बैठी थीं। इसी दौरान एक अन्य महिला आई तो उन्होंने उसे भी बैठाने से मना कर दिया। बाद में महिला को दूसरी सवारियों के साथ बैठा दिया गया। इसी दौरान उन लड़कों ने बोलना शुरू कर दिया तो उन्होंने भी जवाब दे दिया था। थोड़ी बहस होने के बाद दोनों पक्षों को शांत कर दिया गया।
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बोहर के पास समझाया था युवकों को
लाभ सिंह ने बताया कि बोहर के पास उन युवकों व लड़कियों के बीच काफी कहासुनी हो गई थी। बोहर व भालौठ के बीच लड़कियों ने मामले के बारे में बताया तो उसने लड़कों को समझाया था कि वे शांत हो जाएं, नहीं तो जमानत भी नहीं होगी। लड़कियों को भी कहा था कि यदि ये नहीं मानते तो चौकी में ले जाकर बस रोक देंगे। ये भी पूछा था कि 100 नंबर पर फोन कर देते हैं। लेकिन, लड़कियों ने मना कर दिया।
पाकस्मा मोड़ पर टिकट बनाने गया तो हो गया झगड़ा
लाभ सिंह ने कहा कि थोड़ी देर बाद पाकस्मा मोड़ पर सवारियां चढ़ गई और वह टिकट काटने के लिए पीछे चला गया। इसी दौरान लड़कों व लड़कियों में मारपीट हो गई। बस पाकस्मा मोड़ से जीडी गोयनका स्कूल के बीच पहुंची तो गाड़ी स्पीड ब्रेकर पर धीमी हुई थी तो दो युवक उतर कर भाग गए।
मारपीट हुई तो लगा दिया ब्रेक
चालक बलवान ने बताया कि जैसे ही उसने मारपीट होते देखी तो तुरंत ब्रेक लगा दिए। बाद में किसी तरह लड़कियों को शांति से समझाया और गाड़ी को कंसाला चौकी के पास ले जाने लगे। लेकिन, कंसाला अड्डे पर ही पुलिस पहले से आ चुकी थी। वहां भी पुलिस कर्मियों के कहने के बाद ही हम गाड़ी लेकर सोनीपत की ओर गए।
सोनीपत की महिला ने ही बनाई थी वीडियो
परिचालक व चालक ने बताया कि जिस महिला ने मारपीट का वीडियो बनाया था, वह सोनीपत के आईटीआई मोड़ पर उतरी थी। उस महिला ने ही दोनों बहनों को वीडियो बनाकर दिया है। वह महिला भी रोजाना बस से ही आना जाना करती है।
यूनियन ने भी ठहराया गलत
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी महासंघ के रोहतक प्रधान जोगेंद्र बलहारा ने बताया कि लड़कियों से छेड़छाड़ और मारपीट का मामला गलत है। लेकिन, चालक व परिचालक को गलत सस्पेंड किया गया है। उन्होंने लड़कियों की मदद के लिए सभी संभव प्रयास किए थे। जब चालक व परिचालक की गलती नहीं है तो उन्हें तुरंत बहाल किया जाए।
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लड़कियों से चलती बस में मारपीट और छेड़छाड़ के मामले में सस्पेंड किए गए रोडवेज बस के चालक और परिचालक ने खुद को बेकसूर बताया है।
पुलिस और प्रशासन के चौतरफा दबाव में हुई कार्रवाई पर दोनों ने निलंबन को गलत ठहराया है। सोनीपत डिपो की बस नंबर एचआर 69-6150 शुक्रवार दोपहर 12.55 पर रोहतक बस स्टैंड से निकली थी। बस में चालक बलवान सिंह निवासी रिठाल और परिचालक लाभ सिंह निवासी रुखी की ड्यूटी थी।
दैनिक यात्री हैं लड़कियां
परिचालक लाभ सिंह ने बताया कि लड़कियां रोजाना बस में ही सफर करती हैं। पहले कभी इस तरह की कोई हरकत नजर नहीं आई। वे आराम से सफर करती हैं और किसी से ज्यादा बात नहीं करती।
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बस चलने से पहले ही होने लगा था विवाद
परिचालक का कहना है कि बस में चढ़ने के दौरान ही सीट को लेकर विवाद हो गया था। वे दोनों बहनें सीट पर बैठी थीं। इसी दौरान एक अन्य महिला आई तो उन्होंने उसे भी बैठाने से मना कर दिया। बाद में महिला को दूसरी सवारियों के साथ बैठा दिया गया। इसी दौरान उन लड़कों ने बोलना शुरू कर दिया तो उन्होंने भी जवाब दे दिया था। थोड़ी बहस होने के बाद दोनों पक्षों को शांत कर दिया गया।
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बोहर के पास समझाया था युवकों को
लाभ सिंह ने बताया कि बोहर के पास उन युवकों व लड़कियों के बीच काफी कहासुनी हो गई थी। बोहर व भालौठ के बीच लड़कियों ने मामले के बारे में बताया तो उसने लड़कों को समझाया था कि वे शांत हो जाएं, नहीं तो जमानत भी नहीं होगी। लड़कियों को भी कहा था कि यदि ये नहीं मानते तो चौकी में ले जाकर बस रोक देंगे। ये भी पूछा था कि 100 नंबर पर फोन कर देते हैं। लेकिन, लड़कियों ने मना कर दिया।
पाकस्मा मोड़ पर टिकट बनाने गया तो हो गया झगड़ा
लाभ सिंह ने कहा कि थोड़ी देर बाद पाकस्मा मोड़ पर सवारियां चढ़ गई और वह टिकट काटने के लिए पीछे चला गया। इसी दौरान लड़कों व लड़कियों में मारपीट हो गई। बस पाकस्मा मोड़ से जीडी गोयनका स्कूल के बीच पहुंची तो गाड़ी स्पीड ब्रेकर पर धीमी हुई थी तो दो युवक उतर कर भाग गए।
मारपीट हुई तो लगा दिया ब्रेक
चालक बलवान ने बताया कि जैसे ही उसने मारपीट होते देखी तो तुरंत ब्रेक लगा दिए। बाद में किसी तरह लड़कियों को शांति से समझाया और गाड़ी को कंसाला चौकी के पास ले जाने लगे। लेकिन, कंसाला अड्डे पर ही पुलिस पहले से आ चुकी थी। वहां भी पुलिस कर्मियों के कहने के बाद ही हम गाड़ी लेकर सोनीपत की ओर गए।
सोनीपत की महिला ने ही बनाई थी वीडियो
परिचालक व चालक ने बताया कि जिस महिला ने मारपीट का वीडियो बनाया था, वह सोनीपत के आईटीआई मोड़ पर उतरी थी। उस महिला ने ही दोनों बहनों को वीडियो बनाकर दिया है। वह महिला भी रोजाना बस से ही आना जाना करती है।
यूनियन ने भी ठहराया गलत
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी महासंघ के रोहतक प्रधान जोगेंद्र बलहारा ने बताया कि लड़कियों से छेड़छाड़ और मारपीट का मामला गलत है। लेकिन, चालक व परिचालक को गलत सस्पेंड किया गया है। उन्होंने लड़कियों की मदद के लिए सभी संभव प्रयास किए थे। जब चालक व परिचालक की गलती नहीं है तो उन्हें तुरंत बहाल किया जाए।