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ईओ और हुडा के संपदा अधिकारी पर हर्जाना

Mon, 28 Apr 2014 12:55 AM IST
Jind
Jind Updated Mon, 28 Apr 2014 12:55 AM IST
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आरटीआई के तहत समय पर सूचना नहीं देने पर राज्य जन सूचना आयोग ने कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद जींद (ईओ) और संपदा अधिकारी शहरी विकास प्राधिकरण जींद पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। हर्जाने की राशि हाउसिंग बोर्ड निवासी आरटीआई कार्यकर्ता राममेहर वर्मा को देने के आदेश जारी किए हैं।

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इसके अतिरिक्त समय पर सूचना नहीं पर आयोग ने क्रमांक नं. 5448/एसआईसी/2014/4-1 ए के माध्यम से कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद जींद के कार्यकारी अधिकारी वीपी सांगवान और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण जींद के संपदा अधिकारी अमृता सिवाच पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाने का नोटिस भी जारी किया है। राज्य सूचना आयोग ने नौ मई तक नोटिस का जवाब देने और दोनों अधिकारियों को 19 जून को व्यक्तिगत रूप से आयोग के सामने उपस्थित रहने के आदेश भी जारी किए हैं।
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यह जानकारी मांगी थी
हाउसिंग बोर्ड निवासी आरटीआई कार्यकर्ता राममेहर वर्मा ने 16 जून 2013 को उपायुक्त कार्यालय में आवेदन कर जानकारी मांगी थी कि जींद शहर में कितनी सरकारी जमीन है।
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 उस जमीन पर किसका कब्जा है। राममेहर वर्मा ने यह जानकारी भी मांगी थी कि नगर परिषद जींद और हुडा प्रशासन के अंतर्गत आने वाली कितनी जमीन खाली है। यह जमीन कहां-कहां है? आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा मांगी सूचना को उपायुक्त कार्यालय द्वारा 25 जून 2012 को पत्र क्रमांक 315 के तहत सूचना अधिकार अधिनियम के माध्यम से कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद जींद और हुडा के संपदा अधिकारी को पूर्ण सूचना देने के निर्देश दिये थे।
 उपायुक्त के आदेशों की परवाह नहीं कर कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद और हुडा के संपदा अधिकारी ने निर्धारित समय में कोई भी सूचना आवेदक को उपलब्ध नहीं करवाई। इसके फलस्वरूप आवेदक ने 27 अगस्त को प्रथम अपील अधिकारी कम नगराधीश जींद के पास प्रथम अपील दायर की। अपील की सुनवाई कर नगराधीश ने 18 सितंबर 2013 को कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद और हुडा के संपदा अधिकारी को एक सप्ताह के अंदर पूर्ण सूचना देने के आदेश दिये थे।


आयोग ने लिया संज्ञान
प्रथम अपील अधिकारी कम नगराधीश के आदेशों के बावजूद सूचना नहीं मिलने के कारण आरटीआई कार्यकर्ता ने 26 अक्तूबर 2013 को राज्य जन सूचना आयुक्त के पास द्वितीय अपील दायर की। इस पर राज्य सूचना आयुक्त सेवानिवृत्त मेजर जनरल जेएस कुंडू की अदालत ने 27 मार्च को सुनवाई के दौरान कड़ा संज्ञान लिया। समय पर सूचना उपलब्ध नहीं करवाने पर कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद और सूचना एवं संपदा अधिकारी शहरी विकास प्राधिकरण जींद को जुर्माना लगाने का नोटिस जारी किया है। कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद को एक हजार रुपये आवेदनकर्ता राममेहर वर्मा को हर्जाने के रूप में 15 मई तक देने के आदेश भी जारी किए हैं। 

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