दमदार पेस
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टेनिस जैसे दमखम वाले खेल में जहां, तीस वर्ष की उम्र के आते-आते अधिकांश खिलाड़ी कोर्ट से बाहर हो जाते हैं, 41 वर्षीय लिएंडर पेस ने मार्टिना हिंगिस के साथ ऑस्ट्रेलियाई ओपन के मिश्रित युगल का खिताब जीतकर अपने नाम 15वां ग्रैंड स्लैम किया है। हैरत यह भी है कि पेस के साथ पहली बार जोड़ी बनाने वाली मार्टिना हिंगिस ने छह वर्ष तक कोर्ट से बाहर रहने के बाद 2013 में ही वापसी की है। पेस और हिंगिस की सातवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने तीसरी वरीयता प्राप्त डेनियल नेस्टर और क्रिस्टीना म्लाडेनोविक की जोड़ी को पराजित किया।
बेशक, टेनिस के एकल मुकाबलों से मिश्रित या युगल मुकाबलों की तुलना नहीं की जा सकती, पर लिएंडर पेस ने अपनी जोड़ियों के जरिये बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। यह मामूली बात नहीं है कि 1990 में पहली बार विबंडलन में जूनियर का खिताब जीतने वाले लिएंडर पेस आज ढाई दशक बाद भी टेनिस कोर्ट पर दमखम दिखा रहे हैं। हैरत की बात नहीं कि इतने लंबे सफर में वह युगल मुकाबलों के लिए जहां विभिन्न देशों के करीब सौ खिलाड़ियों के साथ जोड़ी बना चुके हैं, तो मिश्रित युगल में 24 महिला खिलाड़ी उनका साथ दे चुकी हैं!
जाहिर है, इतने सारे खिलाड़ियों के साथ तालमेल सिर्फ खेल के जरिये नहीं बन सकता। एक साक्षात्कार में पेस ने कहा था कि वह हमेशा सकारात्मक सोच और उत्कृष्ट प्रदर्शन की चाह के साथ कोर्ट में उतरते हैं। वास्तव में उनकी सबसे चर्चित जोड़ीदार मार्टिना नवरातिलोवा आज भी उनकी तारीफ करते नहीं थकतीं, तो नवरातिलोवा की हमनाम मार्टिना हिंगिस भी मजाक में ही सही, पेस से कह चुकी हैं कि अच्छा होता कि वह दस वर्ष पहले जोड़ी बना लेते! टेनिस के कुछ विश्लेषक यह भी कहते हैं कि पेस की सफलता के पीछे उनकी जोड़ीदारों का कौशल भी कम जिम्मेदार नहीं है। लेकिन यदि पेस के खेल में कोई खोट होती, तो क्या वह इतने लंबे समय तक कोर्ट में बने रहते?
पांच वर्ष पूर्व 12वां ग्रैंड स्लैम जीतने के बाद जब भारतीय टेनिस एसोसिएशन ने पेस के सम्मान में एक कार्यक्रम आयोजित किया था, तो एक और दिग्गज रामनाथन कृष्णन ने कहा था कि 1990 के दशक में विश्वनाथन आनंद और सचिन तेंदुलकर के साथ लिएंडर पेस के रूप में तीन महान खिलाड़ी उभरे थे, जो आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। वाकई उनकी बात में दम है।