फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Other Archives ›   Eco-friendly battery is powered with seeds and pine resin

जर्जर हो चुकी बैटरी को दोबारा इस तरह काम में लें

Fri, 03 Oct 2014 07:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 03 Oct 2014 07:34 AM IST
विज्ञापन
Eco-friendly battery is powered with seeds and pine resin

आजकल लीथियम बैटरी को काफी सक्षम माना जाता है। लीथियम की कमर्शियल माइनिंग करने योग्य संसाधन सीमित हैं। ऐसे में भविष्य में इस पर निर्भरता सवालों से घिरी हुई है।

विज्ञापन


इसी बात को ध्यान में रखकर लंबे समय तक एनर्जी स्टोरेज के लिए पर्यावरण हितैषी विकल्प तलाशे जा रहे हैं। इस दिशा में अब काम करते हुए स्वीडन की ऐंगस्ट्रोम लैब के वैज्ञानिकों ने बैटरी का एक बेहतर विकल्प पेश किया है।
विज्ञापन


मोबाइल चार्जिंग के 5 नायाब तरीके

यह बैटरी ऐसे बायोलॉजिकल मैटेरियल पर आधारित होगी, जिसे आसानी से रिसाइकिल किया जा सकता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इन नई बैट्रीज में एनर्जी कंटेंट लीथियम बैट्रीज की तरह ही होगा। यूरोपियन फलीदार पौधे ऐल्फैल्फ और पाइन रेजिन जैसे मैटेरियल की मदद से यह बैटरी बनाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


शोधकर्ताओं ने दिखाया कि जर्जर हो चुकी बैट्रीज से निकाले गए लीथियम का इस्तेमाल नए ढंग से किस तरह किया जा सकता है। बस इसमें कुछ बायो-मैटेरियल मिलाने की जरूरत होगी। इसके बाद बैटरी 99 प्रतिशत पहले की तरह ही काम करने लगेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed