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पांच घंटे बंद रहा दिल्ली-पटियाला राजमार्ग
Jind
Updated Tue, 13 May 2014 01:40 AM IST
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चौधरी बीरेंद्र सिंह नर्सिंग कालेज की सैकड़ों छात्राओं ने सोमवार सुबह कालेज प्रबंधन और प्राचार्या अमृता प्रिया पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए दिल्ली-पटियाला राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। छात्राओं के हंगामे के कारण राजमार्ग पांच घंटे तक बंद रहा।
नेशनल हाईवे जींद-नरवाना मार्ग पर राजीव गांधी महाविद्यालय के पास बीरेंद्र सिंह नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने प्रिंसिपल को हटाने की मांग को लेकर पांच घंटे तक रोड जाम रखा।
छात्राओं ने राजीव गांधी महाविद्यालय के सामने सड़क पर अवरोधक डालने के साथ-साथ सड़क के बीचों-बीच बैठकर रोड जाम कर दिया। छात्राओं ने प्रिंसिपल के खिलाफ बैनर लेकर जमकर नारेबाजी की। छात्राओं का साथ देते हुए टीजिंग स्टाफ ने अपने इस्तीफे सौंपे। जाम लगने की सूचना मिलने के बाद डीएसपी नरवाना पूर्ण चंद पंवार पुलिस बल के साथ पहुंचे। डीएसपी के आश्वासन पर भी छात्राएं जाम खुलने के लिए तैयार नहीं हुईं।
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छात्राएं राज्यसभा सांसद बीरेंद्र सिंह को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ी रही। दोपहर डेढ़ बजे जाम नहीं खुलता देख डीएसपी जींद सुरेश कुमार पहुंचे। यहां भारी संख्या में महिला पुलिस बल भी पहुंचा। आधा घंटे तक जब बातचीत के बाद भी छात्राएं जाम खोलने को तैयार नहीं हुई तो पुलिस प्रशासन ने छात्राओं को सड़क से दोनों तरफ करते हुए जाम खुलवाया।
जाम लगा रही छात्राओं ने कहा कि कालेज प्राचार्य उनके साथ दुर्व्यवहार करती हैं। छात्राओं के चरित्र पर तरह-तरह की टिप्पणी तक की जाती है। वहीं छात्राओं के परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रबंध समिति के लोगों को कालेज में अनैतिक रूप से आना-जाना रहता है। जब इसकी शिकायत 11 मई को बीरेंद्र सिंह से करने के लिए स्कूल स्टाफ, छात्राएं पहुंची तो उन्हें शाम चार बजे मिलने का समय दिया गया। शाम चार बजे भी उनसे बीरेंद्र सिंह नहीं मिले। पूरे मामले की जानकारी लिखित रूप में एक पत्र के माध्यम से उन तक पहुंचा दी गई थी। इसके बावजूद भी उन्होंने किसी तरह की जांच कराने के आश्वासन की बात कहने की बजाए यह कहा कि बेशक कॉलेज बंद हो जाए वो प्रिंसिपल को नहीं बदलेंगे। इस तरह का रवैया पूरी तरह से गलत है।
अभद्रभाषा के प्रयोग का आरोप
छात्राओं ने आरोप लगाया कि बीते दिनों एक छात्रा के चरित्र पर सवाल उठाते हुए उसे कालेज से निकाल दिया गया। यहां तक की छात्रा का फार्म भी प्राचार्या ने लेने से मना कर दिया। छात्राओं का आरोप है कि उनके अंक भी कम लगाए जाते हैं। छात्राओं ने कहा कि जीएनएम का कोर्स तीन साल का होता है, लेकिन पांच-पांच तक करवाया जाता है।
बॉक्स
स्टाफ भी छात्राओं के साथ
कॉलेज स्टाफ सदस्यों ने कहा कि उन्होंने राज्यसभा सांसद बीरेंद्र सिंह द्वारा सकारात्मक रुख नहीं अपनाने के कारण त्यागपत्र दिए हैं। उनसे मिलने के लिए छह घंटे तक इंतजार किया। लड़कियों के चरित्र तक पर सवाल उठाए जाते है। स्टाफ ने इस्तीफे दे दिए हैं।
पुलिस प्रशासन पर जबरदस्ती जाम खुलवाने का आरोप
छात्राओं ने कहा कि वो अपनी मांगों को लेकर रोड जाम कर रहे थे। मांगों के समाधान के लिए नर्सिंग कॉलेज की तरफ से कमेटी का कोई भी सदस्य तक नहीं आया। डूमरखां कलां गांव में बीरेंद्र सिंह एवं उनकी पत्नी प्रेमलता मौजूद थी, लेकिन वो भी छात्राओं की समस्याओं को जानने के लिए नहीं पहुंचे। महिला पुलिस कर्मियों के साथ पुलिस कर्मचारियों ने भी उनको सड़क से जबरदस्ती उठाते हुआ। छात्राओं को सड़क से धक्के मार-मार कर दोनों तरफ धकेला गया है जो पूरी तरह से गलत है।
बॉक्स
सभी आरोप निराधार
प्रिंसिपल पर जो शब्द बोलने के आरोप लगाए जा रहे हैं वह निराधार है क्योंकि प्रिंसिपल को इन शब्दों तक का पता नहीं है। हिंदी उन्हें कम आती है। तो वो इस तरह की बातें कैसे कह सकती है। सही बात तो यह है कि अनुशासन बनाए रखने के लिए छात्राओं पर सख्ती बरती जाती है तो वो उसे सहन नहीं होता है। वो चाहते हैं कि जब मन करें वो कॉलेज जाए जब मन करें न जाए। इस तरह से पढ़ाई नहीं हो सकती है।
सज्जन श्योकंद, बीरेंद्र सिंह नर्सिंग कॉलेज कमेटी सदस्य, उचाना।
जाम लगाना गलत
छात्राओं द्वारा अपनी मांगों को लेकर रोड जाम करना गलत है। रोड जाम करने से वाहन चालक के साथ-साथ आम आदमी परेशान रहा है। रोड खुलवाने के लिए किसी तरह की जबरदस्ती नहीं की गई है।
सुरेश कुमार, डीएसपी, जींद।
यहां को निकले वाहन
पांच घंटे तक रहे रोड जाम के चलते नरवाना से आने वाले वाहनों को उचाना कलां से खापड़, बड़ौदा होते हुए जींद निकाला गया, जींद से आने वाले वाहनों को बड़ौदा से घोघड़िया, छातर, करसिंधू, उचाना के रास्ते नरवाना निकाला गया।
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नेशनल हाईवे जींद-नरवाना मार्ग पर राजीव गांधी महाविद्यालय के पास बीरेंद्र सिंह नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने प्रिंसिपल को हटाने की मांग को लेकर पांच घंटे तक रोड जाम रखा।
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छात्राओं ने राजीव गांधी महाविद्यालय के सामने सड़क पर अवरोधक डालने के साथ-साथ सड़क के बीचों-बीच बैठकर रोड जाम कर दिया। छात्राओं ने प्रिंसिपल के खिलाफ बैनर लेकर जमकर नारेबाजी की। छात्राओं का साथ देते हुए टीजिंग स्टाफ ने अपने इस्तीफे सौंपे। जाम लगने की सूचना मिलने के बाद डीएसपी नरवाना पूर्ण चंद पंवार पुलिस बल के साथ पहुंचे। डीएसपी के आश्वासन पर भी छात्राएं जाम खुलने के लिए तैयार नहीं हुईं।
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छात्राएं राज्यसभा सांसद बीरेंद्र सिंह को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ी रही। दोपहर डेढ़ बजे जाम नहीं खुलता देख डीएसपी जींद सुरेश कुमार पहुंचे। यहां भारी संख्या में महिला पुलिस बल भी पहुंचा। आधा घंटे तक जब बातचीत के बाद भी छात्राएं जाम खोलने को तैयार नहीं हुई तो पुलिस प्रशासन ने छात्राओं को सड़क से दोनों तरफ करते हुए जाम खुलवाया।
जाम लगा रही छात्राओं ने कहा कि कालेज प्राचार्य उनके साथ दुर्व्यवहार करती हैं। छात्राओं के चरित्र पर तरह-तरह की टिप्पणी तक की जाती है। वहीं छात्राओं के परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रबंध समिति के लोगों को कालेज में अनैतिक रूप से आना-जाना रहता है। जब इसकी शिकायत 11 मई को बीरेंद्र सिंह से करने के लिए स्कूल स्टाफ, छात्राएं पहुंची तो उन्हें शाम चार बजे मिलने का समय दिया गया। शाम चार बजे भी उनसे बीरेंद्र सिंह नहीं मिले। पूरे मामले की जानकारी लिखित रूप में एक पत्र के माध्यम से उन तक पहुंचा दी गई थी। इसके बावजूद भी उन्होंने किसी तरह की जांच कराने के आश्वासन की बात कहने की बजाए यह कहा कि बेशक कॉलेज बंद हो जाए वो प्रिंसिपल को नहीं बदलेंगे। इस तरह का रवैया पूरी तरह से गलत है।
अभद्रभाषा के प्रयोग का आरोप
छात्राओं ने आरोप लगाया कि बीते दिनों एक छात्रा के चरित्र पर सवाल उठाते हुए उसे कालेज से निकाल दिया गया। यहां तक की छात्रा का फार्म भी प्राचार्या ने लेने से मना कर दिया। छात्राओं का आरोप है कि उनके अंक भी कम लगाए जाते हैं। छात्राओं ने कहा कि जीएनएम का कोर्स तीन साल का होता है, लेकिन पांच-पांच तक करवाया जाता है।
बॉक्स
स्टाफ भी छात्राओं के साथ
कॉलेज स्टाफ सदस्यों ने कहा कि उन्होंने राज्यसभा सांसद बीरेंद्र सिंह द्वारा सकारात्मक रुख नहीं अपनाने के कारण त्यागपत्र दिए हैं। उनसे मिलने के लिए छह घंटे तक इंतजार किया। लड़कियों के चरित्र तक पर सवाल उठाए जाते है। स्टाफ ने इस्तीफे दे दिए हैं।
पुलिस प्रशासन पर जबरदस्ती जाम खुलवाने का आरोप
छात्राओं ने कहा कि वो अपनी मांगों को लेकर रोड जाम कर रहे थे। मांगों के समाधान के लिए नर्सिंग कॉलेज की तरफ से कमेटी का कोई भी सदस्य तक नहीं आया। डूमरखां कलां गांव में बीरेंद्र सिंह एवं उनकी पत्नी प्रेमलता मौजूद थी, लेकिन वो भी छात्राओं की समस्याओं को जानने के लिए नहीं पहुंचे। महिला पुलिस कर्मियों के साथ पुलिस कर्मचारियों ने भी उनको सड़क से जबरदस्ती उठाते हुआ। छात्राओं को सड़क से धक्के मार-मार कर दोनों तरफ धकेला गया है जो पूरी तरह से गलत है।
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सभी आरोप निराधार
प्रिंसिपल पर जो शब्द बोलने के आरोप लगाए जा रहे हैं वह निराधार है क्योंकि प्रिंसिपल को इन शब्दों तक का पता नहीं है। हिंदी उन्हें कम आती है। तो वो इस तरह की बातें कैसे कह सकती है। सही बात तो यह है कि अनुशासन बनाए रखने के लिए छात्राओं पर सख्ती बरती जाती है तो वो उसे सहन नहीं होता है। वो चाहते हैं कि जब मन करें वो कॉलेज जाए जब मन करें न जाए। इस तरह से पढ़ाई नहीं हो सकती है।
सज्जन श्योकंद, बीरेंद्र सिंह नर्सिंग कॉलेज कमेटी सदस्य, उचाना।
जाम लगाना गलत
छात्राओं द्वारा अपनी मांगों को लेकर रोड जाम करना गलत है। रोड जाम करने से वाहन चालक के साथ-साथ आम आदमी परेशान रहा है। रोड खुलवाने के लिए किसी तरह की जबरदस्ती नहीं की गई है।
सुरेश कुमार, डीएसपी, जींद।
यहां को निकले वाहन
पांच घंटे तक रहे रोड जाम के चलते नरवाना से आने वाले वाहनों को उचाना कलां से खापड़, बड़ौदा होते हुए जींद निकाला गया, जींद से आने वाले वाहनों को बड़ौदा से घोघड़िया, छातर, करसिंधू, उचाना के रास्ते नरवाना निकाला गया।