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कुलीनन खान

Thu, 23 Jan 2014 07:15 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 23 Jan 2014 07:15 PM IST
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cullinan mine

दक्षिण अफ्रीका की कुलीनन खान से एक नीले रंग का दुर्लभ हीरा निकाला गया है, जो 29.6 कैरेट का है। इस खान को प्रिमियर माइन भी कहा जाता है। गाजर के आकार के ज्वालामुखीय गर्दन वाले किंबरलाइट पाइप पर स्थित इस खान से सबसे पहले 1871 में 83.5 कैरेट का हीरा मिला था। लेकिन यहां खुली खुदाई के जरिये खनन का काम 1903 में शुरू हुआ।

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दुनिया का ध्यान इसने पहली बार तब आकर्षित किया, जब 25 जून,1905 को इस खान से 3108 कैरेट का असाधारण हीरा निकला, जो अब तक पाया जाने वाला सबसे बड़ा अनगढ़ हीरा है। तब से लेकर अब तक इस खदान से 12 करोड़ कैरेट हीरा निकाला जा चुका है। यह खान दुनिया भर में नीले हीरे का सबसे बड़ा स्रोत है। इस खान से निकले अन्य महत्वपूर्ण हीरों में 755 कैरेट का गोल्डेन जुबिली, 600 कैरेट का सेंटेनरी और 530 कैरेट का ग्रेट स्टार ऑफ अफ्रीका महत्वपूर्ण हैं। ग्रेट स्टार ऑफ अफ्रीका नामक हीरे को किंग एडवर्ड सप्तम को उपहार में दिया गया था, जो बाद में ब्रिटिश शाही आभूषणों का हिस्सा बन गया। मई, 2009 में भी इस खान में 26.6 कैरेट का अनगढ़ हीरा मिला था, जो एक करोड़ डॉलर में नीलाम हुआ। इस खदान में 507 कैरेट का एक सफेद हीरा भी मिला था।
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वर्ष 2008 में डी बीयर्स नामक कंपनी से पेट्रा डायमंड कंपनी ने इस खदान का 37 फीसदी हिस्सा खरीदा था, जिसे उसने 2009 में बढ़ाकर 74 फीसदी कर लिया। अभी पेट्रा डायमंड कंपनी ही इसका स्वामी है, जो अयस्क पत्थरों को ड्रिलिंग एवं ब्लास्टिंग (ब्लॉक केव माइनिंग मेथड) के जरिये इसमें खनन का काम करती है। इस खदान का जीवन अभी 50 वर्षों से ज्यादा है और यह दुनिया के 25 फीसदी हीरों का उत्पादन करती है।

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