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बिहार का संकट

Sun, 08 Feb 2015 08:38 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 08 Feb 2015 08:38 PM IST
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Crisis of Bihar

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी जदयू के बीच आपसी तकरार जिस खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है, वह राजनीति में सत्ता संघर्ष का एक और दिलचस्प उदाहरण है। करीब पांच साल पहले नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई थी, लेकिन नरेंद्र मोदी का विरोध करते हुए भाजपा से अलग होने के बाद उन्होंने सत्ता के लिए उन लालू यादव से हाथ मिलाया, जो बिहार की राजनीति में उनके घोर प्रतिद्वंद्वी माने जाते रहे। और अब मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी पार्टी के निर्देश के बावजूद न सिर्फ पद छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं, बल्कि कुर्सी बचाने के लिए उसी भाजपा की मदद लेने के लिए राजी हैं!

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पिछले साल लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी की दुर्गति के बाद नीतीश कुमार ने महादलित जीतनराम मांझी को एक मोहरे के तौर पर ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाया था। अब नीतीश इस आधार पर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर दोबारा बैठना चाहते हैं कि मांझी ने सरकार की छवि खराब कर दी है। पर सवाल यह है कि मांझी को मुख्यमंत्री पद से हटाकर नीतीश राज्य के दलितों के बीच क्या संदेश देंगे।
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इसमें शक नहीं कि मुख्यमंत्री बनने के बाद से जीतनराम मांझी अपने कामकाज के बजाय ऊटपटांग बयानों के कारण ही लगातार चर्चा में रहे हैं। इसी कारण जदयू के भीतर से उन्हें हटाने की मांग उठ रही है। दिल्ली में आप ने भाजपा को जैसी टक्कर दी है, उसे देखते हुए विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में मोदी-विरोधी ताकत को बल प्रदान करने के लिए भी नीतीश कुमार मोर्चा संभालना चाहते हैं। इसीलिए जदयू नेतृत्व मांझी के खिलाफ आक्रामक भी है।
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दूसरी ओर भाजपा जदयू में पड़ी फूट का फायदा उठाने में लगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद आत्मविश्वास से भरे मांझी को इसलिए भरोसा हुआ है कि उनकी नाव नहीं डूब सकती। हालांकि मुख्यमंत्री पद की कुर्सी की इस लड़ाई में संख्याबल नीतीश कुमार के साथ दिखता है, पार्टी भी उनके साथ है, और विधानसभाध्यक्ष ने भी जदयू विधायक दल के नेता के तौर पर उनके नाम को मंजूरी दे दी है।


इस मोड़ पर बिहार के मुख्यमंत्री का फैसला सिर्फ राज्यपाल ही कर सकते हैं, पर जिस दौर में राजनीति अपने स्वार्थ से आगे नहीं देखती, उसमें कौन कह सकता है कि विधानसभा चुनाव से पहले ही बिहार एक नई किस्म की अस्थिरता में नहीं फंस जाएगा!

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