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क्रिकेट नहीं कबड्डी होगा नंबर वन
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
Updated Thu, 06 Nov 2014 08:54 AM IST
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प्रो कबड्डी में चमक बिखरने के बाद एशियाड में भारत की झोली में सोना डालने वाले कबड्डी टीम के कप्तान राकेश और राष्ट्रीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य कविता सिवास बुधवार को एमडीयू आए।
दोनों खिलाड़ी नॉर्थ जोन वुमेन इंटर यूनिवर्सिटी कबड्डी चैंपियनशिप में बतौर गेस्ट शामिल होने पहुंचे। इन खिलाड़ियों ने कबड्डी के भविष्य को लेकर बातचीत की।
राष्ट्रीय पुरुष कबड्डी टीम के कप्तान राकेश का कहना है कि प्रो कबड्डी अब टी-20 क्रिकेट के बाद दूसरे नंबर पर लोगों की पसंद रहा है। हालांकि आने वाले वक्त में यह नंबर वन का खेल होगा। राकेश कहते हैं कि अभी भी कबड्डी में बहुत सी कमियां है। अच्छे कोच, अच्छे फिजियो, सभी सेंटरों में मैट फेसिलिटी सहित कई चीजें हैं जिनकी दरकार है। इन्हें दूर करने के बाद ही इस खेल का भविष्य बेहतर हो पाएगा।
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वहीं टीम की सदस्य कविता सिवाच कहती हैं कि मार्च में महिला प्रो कबड्डी भी होना है। इसका फायदा हरियाणा की लड़कियों को तो मिलेगा ही देश के अन्य क्षेत्रों की लड़कियों को भी करिअर बनाने का मौका मिलेगा। कविता का कहना है कि कबड्डी में करिअर बनाने का सवाल अब पुराना हो गया है। अब गांवों में बैट बाल से खेलने के बजाय बच्चे कबड्डी खेलते नजर आने लगे हैं।
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दोनों खिलाड़ी नॉर्थ जोन वुमेन इंटर यूनिवर्सिटी कबड्डी चैंपियनशिप में बतौर गेस्ट शामिल होने पहुंचे। इन खिलाड़ियों ने कबड्डी के भविष्य को लेकर बातचीत की।
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राष्ट्रीय पुरुष कबड्डी टीम के कप्तान राकेश का कहना है कि प्रो कबड्डी अब टी-20 क्रिकेट के बाद दूसरे नंबर पर लोगों की पसंद रहा है। हालांकि आने वाले वक्त में यह नंबर वन का खेल होगा। राकेश कहते हैं कि अभी भी कबड्डी में बहुत सी कमियां है। अच्छे कोच, अच्छे फिजियो, सभी सेंटरों में मैट फेसिलिटी सहित कई चीजें हैं जिनकी दरकार है। इन्हें दूर करने के बाद ही इस खेल का भविष्य बेहतर हो पाएगा।
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वहीं टीम की सदस्य कविता सिवाच कहती हैं कि मार्च में महिला प्रो कबड्डी भी होना है। इसका फायदा हरियाणा की लड़कियों को तो मिलेगा ही देश के अन्य क्षेत्रों की लड़कियों को भी करिअर बनाने का मौका मिलेगा। कविता का कहना है कि कबड्डी में करिअर बनाने का सवाल अब पुराना हो गया है। अब गांवों में बैट बाल से खेलने के बजाय बच्चे कबड्डी खेलते नजर आने लगे हैं।