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‘सीएम’ सिटी में खानापूर्ति बना पीएम का भाषण
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
Updated Sat, 06 Sep 2014 02:57 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण दूरदर्शन चैनल पर शुरू ही हुआ था कि टेलीविजन की आवाज में दिक्कत आने लगी।
काफी मशक्कत के बाद आवाज साफ हुई थी, तो पिक्चर दिखाई देनी बंद हो गई। और जब पिक्चर दिखाई देनी शुरू हुई तो इसी बीच लाइट गुल। अब बच्चों को मजबूरन हॉल में लाइट के इंतजार में बैठना पड़ा।
इसी बीच रेडियो पर पीएम का भाषण बच्चों ने सुनाना चाहा तो, बारिश के चलते चैनल नहीं पकड़ा। चैनल पकड़ा तो आवाज साफ नहीं। आखिरकार, स्कूल संचालकों को एक घंटे के बाद विद्यार्थियों की छुट्टी ही करनी पड़ी।
कुछ ऐसे ही हालातों से बीता शिक्षक दिवस के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन।
पांच सितंबर को एक इतिहास बनने जा रहा था। सभी स्कूलों में शिक्षकों को सम्मान दिया जाना था, प्रतियोगिताएं होनी थी, सामूहिक भोज चलना था और पौने दो घंटे का होना था पीएम का संबोधन भी...।
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इस ऐतिहासिक दिन को अमर उजाला की टीम जब कैमरे में कैद करने निकली तो तस्वीर कुछ और ही थी। जिले के 741 निजी और सरकारी स्कूलों में 100 फीसदी विद्यार्थियों की उपस्थिति के बीच मनाए जाने वाले इस उत्सव में केवल 50 फीसदी बच्चे ही पहुंचे। पांच दिनों से जिले के स्कूलों में शिक्षक दिवस की तैयारियों को लेकर भाग दौड़ कर रहा शिक्षा विभाग की हकीकत भी कुछ और ही दिखाई दी। अधिकतर निजी स्कूलों में सुबह 12:30 से दोपहर 4 बजे तक बच्चों की छुट्टी का सिलसिला जारी रहा तो सरकारी स्कूलों में जनरेटर और इंवर्टर का इंतजाम न होने के कारण बच्चे पीएम का संदेश नहीं सुन सके। और तो और जिन स्कूलों में प्राचार्यों व विद्यार्थियों ने पौने दो घंटे पीएम का कार्यक्रम सुना तो वह इस कार्यक्रम के बारे में ही नहीं बता पाए। ऐसे में सीएम सिटी में ही पीएम का भाषण खानापूर्ति बन कर रह गया।
तोड़ दिया अधिकारियों का भरोसा
शिक्षाधिकारियों ने शहर के स्कूलों पर विश्वास करते हुए कार्यक्रम का निरीक्षण ही नहीं किया। आलम ये रहा कि बेफ्रिक होकर स्कूल संचालकों ने पीएम के भाषण में औपचारिकता ही दिखाई।
शिक्षा अधिकारियों, नोडल ऑफिसर और सीनियर लेक्चरर द्वारा गांव के स्कूलों में कार्यक्रम का निरीक्षण किया था। जहां अधिकतर निजी स्कूलों का निरीक्षण नोडल ऑफिसर व सीनियर लेक्चरर ने किया, वहीं शिक्षा अधिकारियों का फोकस गांव के स्कूलों में रहा।
भाषण सुनने से पहले ही स्कूल बंद
दिल्ली रोड, जींद रोड व गोहाना रोड स्थित अधिकतर निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को एक घंटा ही पीएम का भाषण सुनाया गया और छुट्टी कर दी गई। जींद रोड स्थित जेड ग्लोबल स्कूल में दोपहर 12:30 बजे ही छुट्टी कर दी गई। यहां के प्रभारी को तो प्रोगाम की जानकारी थी।
इसके अलावा दोपहर 4:17 बजे, सुखपुरा चौक पर आईबी, शिक्षा भारती, एमडीएस, केडी, एमडीएन, ओजोन इंटरनेशनल स्कूल की बच्चों से भरी बसें दिखाईं दीं।
भाषण के दौरान बच्चों ने पेड़ाें की कटाई की
दोपहर 3:25 बजे पीएम के भाषण के दौरान भिवानी रोड स्थित रावमावि में बच्चे पेड़ाें की कटाई करते दिखे। वहीं नए बस स्टैंड समीप राप्रापा में छात्र परिसर में खेलते हुए दिखाई दिये।
वहीं, सुखपुरा चौक स्थित राउवि के बच्चे सड़कों पर घूमते तो लाढोत रोड स्थित केडी हाई स्कूल की छात्राएं छुट्टी के बाद घर जाती हुई दिखाई दीं। यही नहीं, नए बस स्टैंड समीप सेंट पॉल स्कूल के हॉल में छोटे बच्चों ने पीएम का भाषण सुना और सीनियर क्लासेज के बच्चे नहीं दिखाई दिए। पूछने पर इंचार्ज ने नॉन अटेंडिंग बताया।
सीएम के भाषण को लेकर रहा भ्रम
स्कूलों में दोपहर 12 बजे सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के भाषण को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही, जबकि यह कार्यक्रम पहले ही रद्द हो चुका था। स्कूलों के प्राचार्यों ने एक दूसरे को फोन कर सीएम के कार्यक्रम होने की जानकारी ली।
बॉक्स
ये भी खूब रही...
1 प्रीत विहार कॉलोनी स्थित न्यू हरियाणा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के कैंपस में बारिश के चलते पानी भर गया। ऐसे में स्कूल की छुट्टी करनी पड़ी।
2. राजकीय मिडिल विद्यालय, पुरानी जेल रोड में 190 में से 87 बच्चों ने उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन बारिश के कारण स्कूल के परिसर और कक्षा कमरों में पानी भर गया। इससे पहली व दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों की छुट्टी करनी पड़ी। हालांकि, मिडिल की इंचार्ज अनिता दहिया पीएम का भाषण सुनने वालों की उपस्थिति 80 बता रही थी, हालांकि वास्तविक संख्या काफी कम थी।
3. राप्रापा, हनुमान कॉलोनी की प्राचार्या शांति देवी ने 316 में से 270 बच्चों की उपस्थिति बताई, लेकिन कार्यक्रम सिर्फ 40 बच्चे ही सुन रहे थे। यहां पीएम का भाषण बच्चों के बैठने के लिए दरी तक की व्यवस्था नहीं की गई थी। वहीं, बार-बार बिजली के खलल डालने से छात्र पूरा कार्यक्रम नहीं सुन पाएं।
4. कच्चा बेरी रोड स्थित राकवमावि में बार-बार सैटेलाइट में दिक्कत आने के कारण टीवी बंद रहने से छात्राओं को बंद टीवी के सामने ही बैठना पड़ा।
5. अधिकतर स्कूलों में चौथी कक्षा तक के बच्चों की छुट्टी रही, जबकि हनुमान कालोनी स्थित जीआरएम स्कूल में नर्सरी व केजी कक्षा के नौनिहालों को छुट्टी न होने के कारण परेशानी उठानी पड़ी
6. लाढोत रोड स्थित केवीएम पब्लिक स्कूल में गए तो चौकीदार ने बताया कि अंदर कोई नहीं है। दो बजे ही छुट्टी कर दी गई और प्राचार्या अभी गईं हैं।
7.सुखपुरा चौक स्थित राउवि में तीन टेलीविजन का प्रबंध किया गया, लेकिन परिसर में बच्चों को टीवी ठीक से दिखाई नहीं दिया तो उन्होंने बाहर घूमकर, खेलकर व आपस में बातें कर समय बिताया। एक कमरे में तो टीवी बंद था और छात्राएं उसे निहार रही थी।
वर्जन
लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
इस बार का शिक्षक दिवस पीएम के भाषण के चलते यादगार बन गया, काफी अच्छा उनका भाषण था। मैंने पहरावर, मायना, खेड़ीसाध और करौंथा के स्कूलों का दौरा किया। इस कार्यक्रम को लेकर तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी गई थी, लेकिन कुछ स्कूलों के प्राचार्यों की लापरवाही ने इसमें खलल डाला है। वह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होगी।
-सत्यवती नांदल, जिला शिक्षा अधिकारी, रोहतक।
रिपोर्ट आते ही होगी कार्रवाई
मैंने किलोई, भालोठ, मकड़ौली, जसिया, घिलौड़ और घिलौड़ कलां और सांघी के स्कूलों का दौरा किया, यहां तो रिपोर्ट ठीक थी। शहर के स्कूलों में निरीक्षण के लिए नोडल ऑफिसर और सीनियर लेक्चरर की ड्यूटी लगा रखी थी, तो ये रिपोर्ट वह एबीआरसी को देंगे। फिर मुझे यह रिपोर्ट मिलनी है। अभी तो इस बारे में कुछ कह नहीं सकता, लेकिन रिपोर्ट आते ही स्कूलों पर सख्त कार्रवाई होगी।
-विरेंद्र मलिक, खंड शिक्षा अधिकारी, रोहतक।
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काफी मशक्कत के बाद आवाज साफ हुई थी, तो पिक्चर दिखाई देनी बंद हो गई। और जब पिक्चर दिखाई देनी शुरू हुई तो इसी बीच लाइट गुल। अब बच्चों को मजबूरन हॉल में लाइट के इंतजार में बैठना पड़ा।
इसी बीच रेडियो पर पीएम का भाषण बच्चों ने सुनाना चाहा तो, बारिश के चलते चैनल नहीं पकड़ा। चैनल पकड़ा तो आवाज साफ नहीं। आखिरकार, स्कूल संचालकों को एक घंटे के बाद विद्यार्थियों की छुट्टी ही करनी पड़ी।
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पांच सितंबर को एक इतिहास बनने जा रहा था। सभी स्कूलों में शिक्षकों को सम्मान दिया जाना था, प्रतियोगिताएं होनी थी, सामूहिक भोज चलना था और पौने दो घंटे का होना था पीएम का संबोधन भी...।
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तोड़ दिया अधिकारियों का भरोसा
शिक्षाधिकारियों ने शहर के स्कूलों पर विश्वास करते हुए कार्यक्रम का निरीक्षण ही नहीं किया। आलम ये रहा कि बेफ्रिक होकर स्कूल संचालकों ने पीएम के भाषण में औपचारिकता ही दिखाई।
शिक्षा अधिकारियों, नोडल ऑफिसर और सीनियर लेक्चरर द्वारा गांव के स्कूलों में कार्यक्रम का निरीक्षण किया था। जहां अधिकतर निजी स्कूलों का निरीक्षण नोडल ऑफिसर व सीनियर लेक्चरर ने किया, वहीं शिक्षा अधिकारियों का फोकस गांव के स्कूलों में रहा।
भाषण सुनने से पहले ही स्कूल बंद
दिल्ली रोड, जींद रोड व गोहाना रोड स्थित अधिकतर निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को एक घंटा ही पीएम का भाषण सुनाया गया और छुट्टी कर दी गई। जींद रोड स्थित जेड ग्लोबल स्कूल में दोपहर 12:30 बजे ही छुट्टी कर दी गई। यहां के प्रभारी को तो प्रोगाम की जानकारी थी।
इसके अलावा दोपहर 4:17 बजे, सुखपुरा चौक पर आईबी, शिक्षा भारती, एमडीएस, केडी, एमडीएन, ओजोन इंटरनेशनल स्कूल की बच्चों से भरी बसें दिखाईं दीं।
भाषण के दौरान बच्चों ने पेड़ाें की कटाई की
दोपहर 3:25 बजे पीएम के भाषण के दौरान भिवानी रोड स्थित रावमावि में बच्चे पेड़ाें की कटाई करते दिखे। वहीं नए बस स्टैंड समीप राप्रापा में छात्र परिसर में खेलते हुए दिखाई दिये।
वहीं, सुखपुरा चौक स्थित राउवि के बच्चे सड़कों पर घूमते तो लाढोत रोड स्थित केडी हाई स्कूल की छात्राएं छुट्टी के बाद घर जाती हुई दिखाई दीं। यही नहीं, नए बस स्टैंड समीप सेंट पॉल स्कूल के हॉल में छोटे बच्चों ने पीएम का भाषण सुना और सीनियर क्लासेज के बच्चे नहीं दिखाई दिए। पूछने पर इंचार्ज ने नॉन अटेंडिंग बताया।
सीएम के भाषण को लेकर रहा भ्रम
स्कूलों में दोपहर 12 बजे सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के भाषण को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही, जबकि यह कार्यक्रम पहले ही रद्द हो चुका था। स्कूलों के प्राचार्यों ने एक दूसरे को फोन कर सीएम के कार्यक्रम होने की जानकारी ली।
बॉक्स
ये भी खूब रही...
1 प्रीत विहार कॉलोनी स्थित न्यू हरियाणा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के कैंपस में बारिश के चलते पानी भर गया। ऐसे में स्कूल की छुट्टी करनी पड़ी।
2. राजकीय मिडिल विद्यालय, पुरानी जेल रोड में 190 में से 87 बच्चों ने उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन बारिश के कारण स्कूल के परिसर और कक्षा कमरों में पानी भर गया। इससे पहली व दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों की छुट्टी करनी पड़ी। हालांकि, मिडिल की इंचार्ज अनिता दहिया पीएम का भाषण सुनने वालों की उपस्थिति 80 बता रही थी, हालांकि वास्तविक संख्या काफी कम थी।
3. राप्रापा, हनुमान कॉलोनी की प्राचार्या शांति देवी ने 316 में से 270 बच्चों की उपस्थिति बताई, लेकिन कार्यक्रम सिर्फ 40 बच्चे ही सुन रहे थे। यहां पीएम का भाषण बच्चों के बैठने के लिए दरी तक की व्यवस्था नहीं की गई थी। वहीं, बार-बार बिजली के खलल डालने से छात्र पूरा कार्यक्रम नहीं सुन पाएं।
4. कच्चा बेरी रोड स्थित राकवमावि में बार-बार सैटेलाइट में दिक्कत आने के कारण टीवी बंद रहने से छात्राओं को बंद टीवी के सामने ही बैठना पड़ा।
5. अधिकतर स्कूलों में चौथी कक्षा तक के बच्चों की छुट्टी रही, जबकि हनुमान कालोनी स्थित जीआरएम स्कूल में नर्सरी व केजी कक्षा के नौनिहालों को छुट्टी न होने के कारण परेशानी उठानी पड़ी
6. लाढोत रोड स्थित केवीएम पब्लिक स्कूल में गए तो चौकीदार ने बताया कि अंदर कोई नहीं है। दो बजे ही छुट्टी कर दी गई और प्राचार्या अभी गईं हैं।
7.सुखपुरा चौक स्थित राउवि में तीन टेलीविजन का प्रबंध किया गया, लेकिन परिसर में बच्चों को टीवी ठीक से दिखाई नहीं दिया तो उन्होंने बाहर घूमकर, खेलकर व आपस में बातें कर समय बिताया। एक कमरे में तो टीवी बंद था और छात्राएं उसे निहार रही थी।
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लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
इस बार का शिक्षक दिवस पीएम के भाषण के चलते यादगार बन गया, काफी अच्छा उनका भाषण था। मैंने पहरावर, मायना, खेड़ीसाध और करौंथा के स्कूलों का दौरा किया। इस कार्यक्रम को लेकर तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी गई थी, लेकिन कुछ स्कूलों के प्राचार्यों की लापरवाही ने इसमें खलल डाला है। वह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होगी।
-सत्यवती नांदल, जिला शिक्षा अधिकारी, रोहतक।
रिपोर्ट आते ही होगी कार्रवाई
मैंने किलोई, भालोठ, मकड़ौली, जसिया, घिलौड़ और घिलौड़ कलां और सांघी के स्कूलों का दौरा किया, यहां तो रिपोर्ट ठीक थी। शहर के स्कूलों में निरीक्षण के लिए नोडल ऑफिसर और सीनियर लेक्चरर की ड्यूटी लगा रखी थी, तो ये रिपोर्ट वह एबीआरसी को देंगे। फिर मुझे यह रिपोर्ट मिलनी है। अभी तो इस बारे में कुछ कह नहीं सकता, लेकिन रिपोर्ट आते ही स्कूलों पर सख्त कार्रवाई होगी।
-विरेंद्र मलिक, खंड शिक्षा अधिकारी, रोहतक।