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बच्ची की मौत, आधी रात को फूटा परिजनों का गुस्सा, डॉक्टर को पीटा
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
Updated Sat, 20 Sep 2014 03:12 AM IST
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पीजीआई में सोनीपत निवासी एक बच्ची की मौत पर परिजन भड़क गए।
गुस्साए परिजनों ने यहां एक डॉक्टर को पीट दिया। शुक्रवार आधी रात को मारपीट से खफा पीजीआई के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक वे काम नहीं करेंगे।
सोनीपत निवासी 13 वर्षीय अंकिता को दो दिन पहले पीजीआई के वार्ड 14 में दाखिल कराया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि शुक्रवार रात साढ़े नौ बजे चिकित्सक उसे दो घंटे में छुट्टी देने की बात कह रहे थे।
उसके आधा घंटे बाद ही अचानक बच्ची की हालत बिगड़ गई। आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टरों को बुलाया तो वे जांच के लिए नहीं आए और आधे घंटे बाद ही बच्ची की मौत हो गई।
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डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची को ब्लड कैंसर था। गुस्साए परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर जसबीर की पिटाई कर दी और ग्लूकोज की बोतल तोड़ कर उनके हाथ पर दे मारी। पीजीआई थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वार्ड में आमने-सामने हुए चिकित्सक और परिजनों का पुलिस ने बीच-बचाव किया। कुछ ही समय बाद बच्ची के परिजन शव लेकर रवाना हो गए। उसके बाद वार्ड के सभी डॉक्टर काम छोड़कर इमरजेंसी में चले गए। वहां तैनात डॉक्टरों के साथ हड़ताल करते हुए इमरजेंसी के बाहर जमकर नारेबाजी की। चिकित्सकों की हड़ताल के कारण पीजीआई इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का उपचार नहीं हो सका।
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गुस्साए परिजनों ने यहां एक डॉक्टर को पीट दिया। शुक्रवार आधी रात को मारपीट से खफा पीजीआई के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक वे काम नहीं करेंगे।
सोनीपत निवासी 13 वर्षीय अंकिता को दो दिन पहले पीजीआई के वार्ड 14 में दाखिल कराया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि शुक्रवार रात साढ़े नौ बजे चिकित्सक उसे दो घंटे में छुट्टी देने की बात कह रहे थे।
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उसके आधा घंटे बाद ही अचानक बच्ची की हालत बिगड़ गई। आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टरों को बुलाया तो वे जांच के लिए नहीं आए और आधे घंटे बाद ही बच्ची की मौत हो गई।
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डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची को ब्लड कैंसर था। गुस्साए परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर जसबीर की पिटाई कर दी और ग्लूकोज की बोतल तोड़ कर उनके हाथ पर दे मारी। पीजीआई थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वार्ड में आमने-सामने हुए चिकित्सक और परिजनों का पुलिस ने बीच-बचाव किया। कुछ ही समय बाद बच्ची के परिजन शव लेकर रवाना हो गए। उसके बाद वार्ड के सभी डॉक्टर काम छोड़कर इमरजेंसी में चले गए। वहां तैनात डॉक्टरों के साथ हड़ताल करते हुए इमरजेंसी के बाहर जमकर नारेबाजी की। चिकित्सकों की हड़ताल के कारण पीजीआई इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का उपचार नहीं हो सका।