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बुकरूः बच्चों का साहित्य उत्सव

Sat, 23 Nov 2013 02:44 PM IST
अमर उजाला/दिल्ली
अमर उजाला/दिल्ली Updated Sat, 23 Nov 2013 02:44 PM IST
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बच्चों का साहित्य उत्सव बुकरू इस साल छठे वर्ष में प्रवेश कर रहा है।

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23-24 नवंबर को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स में होने वाले इस उत्सव में देश-विदेश के बाल साहित्य के लेखक, चित्रकार, कवि, किस्सागो एवं प्रकाशक शिरकत करते हैं।

इस बार इसमें दुनिया भर के करीब सौ से ज्यादा वक्ताओं को आमंत्रित किया गया है।

वर्ष 2008 में जब मात्र तीन महीनों की तैयारी में बुकरू ट्रस्ट द्वारा इस बाल साहित्य उत्सव की शुरुआत की गई थी, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि यह इतना लोकप्रिय उत्सव बन जाएगा।
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पिछले वर्ष इसमें भागीदारी करने वाले बच्चों की संख्या दस हजार से ज्यादा थी, जबकि इस वर्ष उससे ज्यादा बच्चों के इसमें हिस्सा लेने की संभावना है।

यह देश का संभवतः सबसे बड़ा बाल साहित्य उत्सव है, जिसका मुख्य मकसद बच्चों की कल्पनाशीलता एवं रचनात्मक उड़ान को पंख देना एवं उन्हें पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रेरित करना है।
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इस उत्सव में बच्चे अपने अभिभावकों के साथ आते हैं, दुनिया भर से आए विशिष्ट अतिथियों से मिलते, बात करते, कार्यशाला में हिस्सा लेते, किस्से-कहानियां सुनते एवं मजा करते हैं।

नई दिल्ली स्थित बुकरू ट्रस्ट बच्चों के लिए अच्छा साहित्य सामने लाने को प्रतिबद्ध है। इस ट्रस्ट के साथ कई जाने-माने लेखक, चित्रकार, किस्सागो, रंगमंच के कलाकार, प्रकाशक एवं स्कूल जुड़े हुए हैं।


इस वर्ष विदेशों से जो मेहमान इस उत्सव में शिरकत करने वाले हैं, उनमें ब्रिटेन से सैली गार्डनर, जर्मनी से कोर्नेलिया फंक, पाकिस्तानी-कनाडाई लेखक मुशर्रफ अली फारूकी और रुख्साना खान आदि प्रमुख हैं।

यह उत्सव दिल्ली के अलावा श्रीनगर एवं पुणे में भी आयोजित किया जाता है।

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