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बोको हरम
अमर उजाला दिल्ली
Updated Tue, 18 Feb 2014 06:28 PM IST
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नाइजीरिया के एक गांव में संदिग्ध बोको हरम आतंकवादियों ने सौ से अधिक लोगों की हत्या कर दी। बोको हरम नाइजीरिया का एक चरमपंथी संगठन है, जिसने अपने गठन के समय (2001) से ही देश के उत्तरी इलाके और राजधानी अबुजा में कहर बरपा रखा है। सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, संयुक्त राष्ट्र के दफ्तरों और चर्चों पर इसने निरंतर हिंसक हमले किए हैं।
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इस संगठन के आधिकारिक नाम के अनुसार यह धर्म प्रचार एवं जेहाद के लिए संगठित लोगों का समूह है, लेकिन स्थानीय लोग इसे बोको हरम कहते हैं, क्योंकि यह पश्चिमी शिक्षा को अभिशाप मानता है। मोहम्मद यूसुफ नाम के एक व्यक्ति द्वारा गठित इस संगठन का उद्देश्य शुद्ध सरिया कानूनों के आधार पर इस्लामी राज्य की स्थापना करना है। अनुमानतः 2001 से लेकर 2013 तक इसने करीब दसियों हजार लोगों की हत्या कर दी है। नाइजीरिया का उत्तर-पूर्वी राज्य बोर्नो इसका गढ़ माना जाता है, लेकिन अन्य कई राज्यों में भी इसका व्यापक प्रभाव है।
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13 नवंबर, 2013 को अमेरिकी सरकार ने इसे आतंकवादी संगठन करार दिया था। इसके उद्भव की वजह को लेकर मतभेद हैं-कुछ लोग इस संगठन को एक संत से प्रभावित बताते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि इसका जन्म अंतर-नस्लीय विवादों से हुआ है। ह्यूमन राइट्स वाच का दावा है कि बोको हरम बारह वर्ष के बच्चों को भी अपनी सेना के तौर पर इस्तेमाल करता है।
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पिछले वर्ष एमनेस्टी इंटरनेशनल ने नाइजीरिया सरकार पर हिरासत में रखे गए 950 संदिग्ध बोको हरम अतिवादियों की मौत का आरोप लगाया था। चूंकि इस संगठन का कोई केंद्रीय सांगठनिक ढांचा नहीं है और यह छोटे-छोटे समूहों में बंटा है, इसलिए इससे वार्ता करना मुश्किल है।