{"_id":"8deb61fa38dec45a5dc87d4a1b3a3026","slug":"bluffing-thugs-fled-with-millions-of-jobs","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकरी का झांसा दे लाखों रुपये लेकर ठग फरार ","category":{"title":"Other Archives","title_hn":"अन्य आर्काइव","slug":"other-archives"}}
नौकरी का झांसा दे लाखों रुपये लेकर ठग फरार
bahadurgarh
Updated Sat, 31 May 2014 01:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर की कालोनी रामनगर में किराए के मकान में रहने वाले एक व्यक्ति ने पड़ोसी में रहने वाले कई लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठग कर फरार हो गया। ठगी के शिकार हुए लोगों ने अब पुलिस को शिकायत देकर आरोपी को पकड़ने की गुहार लगाई है। पीड़ित लोगों में कई तो ऐसे हैं जिन्होंने कर्ज लेकर रुपये दिए हैं।
रामनगर के कई लोगों को पड़ोसी करीब 55 वर्षीय व्यक्ति पर भरोसा करना महंगा पड़ गया।
यह व्यक्ति पड़ोसियों से लाखों रुपये ठगकर चंपत हो गया। रामनगर स्थित सुंदर देवी के मकान में गत 28 दिसंबर 2014 को किराये पर रहने के लिए एक व्यक्ति आया। उसने खुद को राजस्थान का मूल निवासी सुखबीर सिंह बताकर सुंदर देवी के मकान में कमरा किराये पर ले लिया। किसी को बताता कि वह केंद्र सरकार के नार्कोटिक्स विभाग में काम करता है तो किसी को दिल्ली में भारतीय खाद्य निगम का कर्मचारी बताता। मीठा बोलकर वह पड़ोसियों को विश्वास में लेता गया। दूसरों के सामने यह दिखाने की कोशिश करता कि उनके दुख से वह बहुत दुखी है और उनके सुख से वह बहुत सुखी है। धीरे-धीरे लोगों को ठगने के लिए आधार तैयार करता गया।
खुद का नाम सुखबीर बताने वाला यह व्यक्ति लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा देने लगा और रुपये ठगने लगा। शहर की एक फैक्ट्री में काम करने वाले रामनगर में रह रहे सचिन त्यागी को उसने रेलवे में सुपरवाइजर की नौकरी दिलाने के बहाने दो लाख 35 हजार रुपये ले लिये। कई हफ्ते तक टरकाने के बाद सचिन को 27 जून की ज्वाइनिंग डेट दी। एक अन्य फैक्ट्री कर्मी सूरज से भी रुपये ठगे और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी ज्वाइन कराने के लिए 19 जून की तारीख दी। किस्मत की मारी विधवा मकान मालकिन सुंदर देवी को भी उसने बरगलाया और उसके नातिन हितेष सैनी को नौकरी दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये ले लिये। हितेष को ज्वाइनिंग के लिए उसने 16 जून की तारीख दी। आनंद से उसकी पत्नी को नौकरी दिलाने के बहाने पैसे ठगे। बुजुर्ग महिला संयोगिता पर उसके बेटे की नौकरी दिलाने के बहाने ठगने का जाल बिछाया। मां-बेटा तैयार नहीं हुए तो मोटा ब्याज दिलाने का झांसा देकर संयोगिता से पैसे ले लिये। इसी तरह मनीष, प्रेमराज और मोहित को भी ठगा।
विज्ञापन
सबसे पहले सचिन को फंसाया
ठग ने सबसे पहले सचिन त्यागी से रुपये लेकर उसे नौकरी ज्वाइन करने की तारीख 27 मई दी थी। जब यह तारीख नजदीक आने लगी तो वह गायब हो गया। गत 26 मई को भी हितेष ने पूछा तो उसने अगले दिन 27 मई को ज्वाइन कराने का आश्वासन दिया। लेकिन 26 मई की शाम को टहलने का बहाना बना अपने कमरे को लाक कर आरोपी घर से निकल गया और उसके बाद से नहीं लौटा है। यहां रहते हुए जिस मोबाइल फोन 8397994144 को वह इस्तेमाल करता था, वो भी स्विच ऑफ है। ठगी के शिकार हुए लोगों ने शुक्रवार को शहर थाने में शिकायत देकर 321 ठग को पकड़ने की गुहार लगाई। पुलिस ने ताला तोड़कर उसके कमरे को खोला तो उसमें कुछ भी नहीं मिला। शहर थाना प्रभारी अजय धनखड़ ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
रामनगर के कई लोगों को पड़ोसी करीब 55 वर्षीय व्यक्ति पर भरोसा करना महंगा पड़ गया।
यह व्यक्ति पड़ोसियों से लाखों रुपये ठगकर चंपत हो गया। रामनगर स्थित सुंदर देवी के मकान में गत 28 दिसंबर 2014 को किराये पर रहने के लिए एक व्यक्ति आया। उसने खुद को राजस्थान का मूल निवासी सुखबीर सिंह बताकर सुंदर देवी के मकान में कमरा किराये पर ले लिया। किसी को बताता कि वह केंद्र सरकार के नार्कोटिक्स विभाग में काम करता है तो किसी को दिल्ली में भारतीय खाद्य निगम का कर्मचारी बताता। मीठा बोलकर वह पड़ोसियों को विश्वास में लेता गया। दूसरों के सामने यह दिखाने की कोशिश करता कि उनके दुख से वह बहुत दुखी है और उनके सुख से वह बहुत सुखी है। धीरे-धीरे लोगों को ठगने के लिए आधार तैयार करता गया।
विज्ञापन
खुद का नाम सुखबीर बताने वाला यह व्यक्ति लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा देने लगा और रुपये ठगने लगा। शहर की एक फैक्ट्री में काम करने वाले रामनगर में रह रहे सचिन त्यागी को उसने रेलवे में सुपरवाइजर की नौकरी दिलाने के बहाने दो लाख 35 हजार रुपये ले लिये। कई हफ्ते तक टरकाने के बाद सचिन को 27 जून की ज्वाइनिंग डेट दी। एक अन्य फैक्ट्री कर्मी सूरज से भी रुपये ठगे और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी ज्वाइन कराने के लिए 19 जून की तारीख दी। किस्मत की मारी विधवा मकान मालकिन सुंदर देवी को भी उसने बरगलाया और उसके नातिन हितेष सैनी को नौकरी दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये ले लिये। हितेष को ज्वाइनिंग के लिए उसने 16 जून की तारीख दी। आनंद से उसकी पत्नी को नौकरी दिलाने के बहाने पैसे ठगे। बुजुर्ग महिला संयोगिता पर उसके बेटे की नौकरी दिलाने के बहाने ठगने का जाल बिछाया। मां-बेटा तैयार नहीं हुए तो मोटा ब्याज दिलाने का झांसा देकर संयोगिता से पैसे ले लिये। इसी तरह मनीष, प्रेमराज और मोहित को भी ठगा।
विज्ञापन
सबसे पहले सचिन को फंसाया
ठग ने सबसे पहले सचिन त्यागी से रुपये लेकर उसे नौकरी ज्वाइन करने की तारीख 27 मई दी थी। जब यह तारीख नजदीक आने लगी तो वह गायब हो गया। गत 26 मई को भी हितेष ने पूछा तो उसने अगले दिन 27 मई को ज्वाइन कराने का आश्वासन दिया। लेकिन 26 मई की शाम को टहलने का बहाना बना अपने कमरे को लाक कर आरोपी घर से निकल गया और उसके बाद से नहीं लौटा है। यहां रहते हुए जिस मोबाइल फोन 8397994144 को वह इस्तेमाल करता था, वो भी स्विच ऑफ है। ठगी के शिकार हुए लोगों ने शुक्रवार को शहर थाने में शिकायत देकर 321 ठग को पकड़ने की गुहार लगाई। पुलिस ने ताला तोड़कर उसके कमरे को खोला तो उसमें कुछ भी नहीं मिला। शहर थाना प्रभारी अजय धनखड़ ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।