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भाजपा सरकार की एमडीयू को पहली सौगात

Tue, 28 Oct 2014 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक Updated Tue, 28 Oct 2014 02:23 AM IST
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प्रदेश की भाजपा सरकार ने अपनी पहली सौगात एमडीयू की झोली में डाली है।
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प्रदेश सरकार ने पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. मंगलसेन के नाम से एमडीयू परिसर में शोधपीठ शुरू करने की घोषणा की है। एमडीयू में डॉ. मंगलसेन शोधपीठ शुरू होने से शोधपीठों की संख्या 9 हो जाएगी।
आठ शोधपीठों में से दो ही सक्रिय
एमडीयू में आठ शोधपीठ सर चौधरी छोटूराम चेयर, अंबेडकर चेयर, पंडित जवाहरलाल नेहरू चेयर, वाल्मीकि चेयर, महर्षि दयानंद चेयर, सूर्य कवि पंडित लख्मीचंद चेयर, चौधरी रणवीर सिंह चेयर और संत कबीर चेयर हैं। इनमें दो ही पूरी तरह सक्रिय हैं और पंडित जवाहर लाल नेहरू चेयर बंद हो गई है। एमडीयू के जनसंचार निदेशक सुनित मुखर्जी ने बताया, 1980 में  एस.आर. मेहरोत्रा इस चेयर के अध्यक्ष थे। तब यह चेयर सक्रिय थी, लेकिन उनके बाद यह चेयर बंद हो गई।
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छह शोध पीठ में नहीं है स्टाफ
सात चेयर में से केवल चौधरी रणवीर सिंह में नियमित स्टाफ है। कामरेड ज्ञानसिंह इसके अध्यक्ष हैं। बाकी छह चेयर में अध्यक्ष और स्टाफ अतिरिक्त प्रभार के तौर पर लगाए गए हैं। इन चेयरों की स्थिति ज्यादा ठीक नहीं है।
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यह चाहिए स्टाफ
सुनित मुखर्जी ने बताया कि सही ढंग से एक चेयर चलाने के लिए एक प्रोफेसर, एक रिसर्च असिस्टेंट के अलावा एक डाटा एंट्री ऑपरेटर, एक प्यून का होना जरूरी है। सरकार को इन पदों की स्वीकृति देनी होगी। पद सृजित होने और नियुक्ति के बाद चेयर का सालाना बजट भी नियमित मिलना जरूरी है। ऐसा होने पर ही शोधपीठ में होने वाले कार्यक्रमों के अलावा रिसर्च वर्क पर भी काम हो सकेगा।

कौन है डॉ. मंगलसेन
हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. मंगलसेन हिंदू शिक्षण संस्थान, रोहतक से सक्रिय रूप से जुड़े रहे थे। वे एलएन हिंदू कॉलेज, रोहतक के संस्थापक भी थे। कुलपति एच.एस. चहल ने कहा, एमडीयू में डॉ. मंगलसेन चेयर की स्थापना के साथ सामाजिक समरसता और सामुदायिक विकास की अवधारणा को बल मिलेगा।
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