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विज्ञान का चमत्कार, सिर्फ सोचने भर से नियंत्रित होगा बायोनिक पैर
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 16 Jul 2015 05:06 PM IST
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आइसलैंड के शोधकर्ताओं ने अगली पीढ़ी का ऐसा बायोनिक पैर तैयार किया है जो व्यक्ति की सोच से नियंत्रित होगा। इस तकनीक के तहत सर्जरी के जरिए मायोइलेक्ट्रिक सेंसर को व्यक्ति के मांसपेशियों के ऊतकों में लगाया जाएगा जिससे यह तंत्रिकाओं और मस्तिष्क के बीच संकेत को समझने में मदद करेगा।
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पैर की गति एक रिसीवर से जुड़ी होगी और पूरी प्रक्रिया इस तरह से सुव्यवस्थित है कि यह रोगी को अवचेतन रूप से गति करने में मदद करती है।
प्रत्यारोपित किए गए सेंसर कृत्रिम पैर में लगे कम्प्यूटर को बेतार संकेत भेजते हैं जिससे वह अवचेतन अवस्था में आता है और इससे वह पैरों की गति, प्रतिक्रिया के साथ नियंत्रण भी रखता है। इस नई तकनीक को ओसुर कंपनी ने विकसित किया है।
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मस्तिष्क नियंत्रित कृत्रिम अंग प्रोजेक्ट से जुड़े प्रमुख शोधकर्ता थोर्वाल्डुर इंगवर्सन का कहना है कि यह तकनीक उपयोगकर्ता को सहज और एकीकृत अनुभव देती है।
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