कठिन समय में राहुल पर दांव

नई दिल्ली Updated Fri, 16 Nov 2012 08:33 PM IST
bets on rahul gandhi in difficult situation
अमूमन चुनाव नजदीक आने पर आनन-फानन में तैयारी करने वाली कांग्रेस ने इस बार समय से बहुत पहले समन्वय समिति और तीन उप समिति गठित कर यह तो मान ही लिया है कि आगामी लोकसभा चुनाव उसके लिए बहुत आसान नहीं होगा। लेकिन आगामी चुनाव की बागडोर राहुल गांधी के हाथों में देकर कांग्रेस ने अपनी ओर से सबसे बड़ा दांव भी चल दिया है, जो प्रत्याशित होने के साथ-साथ संगठन में उन्हें दूसरे नंबर पर लाने का औपचारिक संकेत भी है।

पिछले दिनों केंद्रीय कैबिनेट में हुई फेरबदल में भी उनकी चली ही है। यह संदेश है कि राहुल भविष्य में पार्टी के साथ-साथ सरकार का भी नेतृत्व कर सकते हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कि भ्रष्टाचार और महंगाई के कारण हिली हुई कांग्रेस के पास इस समय राहुल गांधी से बड़ा और संभावनाशील चेहरा दूसरा नहीं है; देश के करीब चालीस प्रतिशत युवा मतदाताओं का समर्थन हासिल करने में वह पार्टी के लिए निस्संदेह तुरूप का पत्ता हो सकते हैं। लेकिन इससे पहले बिहार और उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव अभियानों का नेतृत्व करते हुए उन्होंने अपनी पार्टी को जिस तरह हताश किया है, उससे बहुत उम्मीद नहीं जगती।

हालांकि समन्वय समिति में अनुभवी लोग हैं, वहीं तीन उप समितियों में अनुभवी और युवाओं को साथ रखा गया है। लेकिन चुनाव जीतने के लिए यह काफी नहीं है। बल्कि समन्वय समिति में अहमद पटेल और दिग्विजय सिंह जैसों को देखकर तो यही लगता है कि नया रास्ता बनाने के बजाय कांग्रेस बनी-बनाई लीक पर पुराने लोगों के भरोसे चलना ही पसंद करेगी। विधानसभा और लोकसभा चुनावों में वोटिंग का पैटर्न बेशक एक समान नहीं रहता, लोकसभा चुनाव में तो स्थानीय मुद्दे भी उतने प्रभावी नहीं होते। लेकिन दो चीजें साफ-साफ कांग्रेस के खिलाफ जाती दिखाई देती हैं।

एक तो महंगाई और भ्रष्टाचार आगामी चुनाव में उस पर भारी पड़ने वाला है; अन्ना आंदोलन और अरविंद केजरीवाल के ताजा खुलासे उसे नुकसान पहुंचाएं, तो आश्चर्य नहीं। फिर बिहार और उत्तर प्रदेश में प्रत्याशियों के चयन में कांग्रेस ने जिस अदूरदर्शिता का परिचय दिया था, अगर उसी का दोहराव हुआ और मन-मरजी से ऊपर से प्रत्याशी थोपे गए, तो राहुल को आगे करने का कांग्रेस को शायद ही कोई लाभ मिल पाए। लेकिन पार्टी के बजाय राहुल गांधी के लिए यह अवसर प्रतिष्ठा का मुद्दा ज्यादा है। यह चुनाव एक तरह से आगे की उनकी राजनीति की दिशा तय कर देगा।

Spotlight

Most Read

Other Archives

शहरियों ने कटा दी नाक, सिर्फ 58.89 फीसदी मतदान

बिंदकी समेत अन्य ने की पूरी मेहनत, रहे अव्वल हथगाम ने इस बार भी बाजी मारी, पांच फीसदी उछला

30 नवंबर 2017

Other Archives

35 घायल

28 नवंबर 2017

Related Videos

बॉलीवुड की टॉप हीरोइनों ने करवाई प्लास्टिक सर्जरी, बताइए कौन है सबसे हसीन ?

बॉलीवुड में कुछ सालों से प्लास्टिक सर्जरी करवा कर फीचर्स को और शार्प और सुंदर करने का चलन चल पड़ा है।

19 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper