फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Other Archives ›   Begioning with victory

जीत से शुरुआत

Sun, 15 Feb 2015 08:32 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 15 Feb 2015 08:32 PM IST
विज्ञापन
Begioning with victory

विश्व कप क्रिकेट में भारत की इससे बेहतर शुरुआत नहीं हो सकती थी। पहले ही मैच में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी को पराजित कर महेंद्र सिंह धोनी के धुरंधरों न सिर्फ विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ जीत का अपना रिकॉर्ड बरकरार रखा है, बल्कि यह विजय टूर्नामेंट में टीम इंडिया का मनोबल ऊंचा करने की भी वजह बनेगी।

विज्ञापन


विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच यह छठी भिड़ंत थी। ऐसी हर भिड़ंत बेहद रोमांचक होती है। लेकिन यह कदाचित पहला अवसर था, जब पाकिस्तान की बल्लेबाजी शुरू होने के साथ ही मैच धीरे-धीरे एकतरफा और भारत के पक्ष में झुकता चला गया। पाकिस्तान की मौजूदा टीम बेशक उतनी शक्तिशाली नहीं मानी जाती, लेकिन पिछले कुछ समय से भारत का खराब प्रदर्शन भी चिंता की वजह बना हुआ था। इसके बावजूद विश्व कप के पहले मैच में भारतीय टीम की लय लौटी है, तो यह आश्वस्त करने वाली बात है।
विज्ञापन


भारत की इस जीत में पूरी टीम का योगदान रहा है; कमतर आंकी जाने वाली हमारी गेंदबाजी ने जहां पाकिस्तान को लक्ष्य से छिहत्तर रन पहले ऑल आउट कर दिया, वहीं विराट कोहली, सुरेश रैना और शिखर धवन की बल्लेबाजी और धोनी की कप्तानी ने जीत को सुगम बनाया। पर इस जीत के अगर कोई नायक हैं, तो वह निर्विवाद रूप से विराट कोहली हैं, जो बड़े मैचों में हमेशा कसौटी पर खरे उतरते हैं। विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ सचिन तेंदुलकर के सर्वोच्च रनों का रिकॉर्ड तोड़कर शतक बनाने वाले वह पहले भारतीय बने, तो एकदिवसीय क्रिकेट में सौरव गांगुली के बाईस शतकों की बराबरी भी उन्होंने कर डाली। अलबत्ता बड़ी जीत के बावजूद खुशफहमी से बचने की जरूरत है, क्योंकि यह पहला ही मैच था, और उछाल वाली पिचों पर आगे टीम इंडिया के सामने बड़ी चुनौतियां होंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस जीत को न सिर्फ खेल भावना से लेने की जरूरत है, बल्कि यह भारत और पाकिस्तान के बीच बेहतर रिश्ता कायम करने का अवसर भी होना चाहिए, क्योंकि खेल दिलों और देशों को जोड़ते हैं। विश्व कप से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाक प्रधानमंत्री के साथ बातचीत की पहल इसी उद्देश्य से की थी। इसलिए बेहतर यही होगा कि यह अवसर सीमा के उस पार तोड़फोड़ या पाक सैनिकों की हताश गोलीबारी के बजाय आपसी दोस्ती और विश्वास का जरिया बने।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed