{"_id":"722bd737be34fe016a51c1901ac18eb3","slug":"beauty-and-greenery-thought-eclipse","type":"story","status":"publish","title_hn":" सुंदरता और हरियाली को लगा ‘ग्रहण’","category":{"title":"Other Archives","title_hn":"अन्य आर्काइव","slug":"other-archives"}}
सुंदरता और हरियाली को लगा ‘ग्रहण’
Updated Thu, 24 Apr 2014 01:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नारनौल। शहर में हरियाली और सुंदरता बढ़ाने के लिए पालिका ने पिछले साल कई लाख रुपये खर्च कर पौधे और सेफ्टी जालियां लगवाई थीं। शहर के विभिन्न इलाकों ने तो पौधे दिख रहे हैं और सेफ्टी जालियां भी टूटी-फूटी यहां वहां पड़ी हैं। यह सेफ्टी जालियां डिवाइडर पर पड़ी हैं और इनसे हादसों का डर बना हुआ है।
सौंदर्यीकरण और हरियाली बढ़ाने के लिए नगर परिषद ने वर्ष 2013 में अगस्त माह के बाद करीब पांच लाख रुपये की योजना तैयार की थी। योजना के तहत महेंद्रगढ़ रोड, रेवाड़ी रोड और सिंघाना रोड पर सड़क के डिवाइडर पर करीब 500 पौधे लगाए गए थे।
पौधरोपण के बाद सेफ्टी जालियां लगवाई गईं थी। अभी पांच माह ही बीते थे कि सही संभाल न होने के कारण पौधे सूख गए और जालियां भी टूट गईं।
टाइल हटाकर किया था पौधरोपण
योजना के तहत परिषद ने डिवाइडराें पर लगी टाइलाें का हटाकर पौधरोपण किया था। कई जगह तो नई टाइलाें को ही तोड़ा गया था। वहीं डिवाइडर पर पड़ी पुरानी मिट्टी को निकलवाकर वहां नई मिट्टी डाली गई थी। इस काम पर करीब एक लाख रुपये का खर्च आया था। साथ ही नई टाइलों का भी नुकसान हुआ था।
विज्ञापन
बैंकों के सहयोग से लगी थी जालियां
डिवाइडर के बीच पौधरोपण के बाद नगर परिषद ने बैंकों के सहयोग से सुरक्षा के लिए जालियां लगवाई थी। महेंद्रगढ़ रोड पर विभिन्न प्राइवेट बैंकाें ने पौधों की सुरक्षा के लिए जालियां लगवाईं। सिंघाना रोड और रेवाड़ी रोड पर नगर परिषद ने करीब ढाई से तीन लाख रुपये की लागत से जालियां बनाकर लगाईं थी।
- रोपण के बाद नहीं दिया पानी
नगर परिषद ने इन पौधाें को बरसात के बाद लगाया था। रोपण के बाद काफी कम बारिश हुई। वहीं नगर परिषद या वन विभाग ने भी पौधरोपण के बाद इन पर कोई ध्यान नहीं दिया। इस कारण इन पौधाें पर एक दो बार को छोड़ कभी पानी नहीं मिल पाया। कुछ ही महीनों में इन पौधों ने दम तोड़ दिया और जालियां भी टूट गईं।
भारी वाहन हैं जालियां टूटने का कारण
डिवाइडर पर लगाई जालियों के लिए विभाग ने तकनीकी सलाह नहीं ली। इसके कारण कई जालियां सड़क की ओर ज्यादा झुक गईं। इन जालियां को ट्रैक्टर ट्रालियाें और भारी वाहनों ने तोड़ दिया।
विज्ञापन
सौंदर्यीकरण और हरियाली बढ़ाने के लिए नगर परिषद ने वर्ष 2013 में अगस्त माह के बाद करीब पांच लाख रुपये की योजना तैयार की थी। योजना के तहत महेंद्रगढ़ रोड, रेवाड़ी रोड और सिंघाना रोड पर सड़क के डिवाइडर पर करीब 500 पौधे लगाए गए थे।
विज्ञापन
पौधरोपण के बाद सेफ्टी जालियां लगवाई गईं थी। अभी पांच माह ही बीते थे कि सही संभाल न होने के कारण पौधे सूख गए और जालियां भी टूट गईं।
टाइल हटाकर किया था पौधरोपण
योजना के तहत परिषद ने डिवाइडराें पर लगी टाइलाें का हटाकर पौधरोपण किया था। कई जगह तो नई टाइलाें को ही तोड़ा गया था। वहीं डिवाइडर पर पड़ी पुरानी मिट्टी को निकलवाकर वहां नई मिट्टी डाली गई थी। इस काम पर करीब एक लाख रुपये का खर्च आया था। साथ ही नई टाइलों का भी नुकसान हुआ था।
विज्ञापन
बैंकों के सहयोग से लगी थी जालियां
डिवाइडर के बीच पौधरोपण के बाद नगर परिषद ने बैंकों के सहयोग से सुरक्षा के लिए जालियां लगवाई थी। महेंद्रगढ़ रोड पर विभिन्न प्राइवेट बैंकाें ने पौधों की सुरक्षा के लिए जालियां लगवाईं। सिंघाना रोड और रेवाड़ी रोड पर नगर परिषद ने करीब ढाई से तीन लाख रुपये की लागत से जालियां बनाकर लगाईं थी।
- रोपण के बाद नहीं दिया पानी
नगर परिषद ने इन पौधाें को बरसात के बाद लगाया था। रोपण के बाद काफी कम बारिश हुई। वहीं नगर परिषद या वन विभाग ने भी पौधरोपण के बाद इन पर कोई ध्यान नहीं दिया। इस कारण इन पौधाें पर एक दो बार को छोड़ कभी पानी नहीं मिल पाया। कुछ ही महीनों में इन पौधों ने दम तोड़ दिया और जालियां भी टूट गईं।
भारी वाहन हैं जालियां टूटने का कारण
डिवाइडर पर लगाई जालियों के लिए विभाग ने तकनीकी सलाह नहीं ली। इसके कारण कई जालियां सड़क की ओर ज्यादा झुक गईं। इन जालियां को ट्रैक्टर ट्रालियाें और भारी वाहनों ने तोड़ दिया।