फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Other Archives ›   Banks in everybody's reach

सबकी पहुंच में बैंक

Fri, 29 Aug 2014 07:59 PM IST
नई दिल्ली
नई दिल्ली Updated Fri, 29 Aug 2014 07:59 PM IST
विज्ञापन
Banks in everybody's reach
हर परिवार को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री जन धन योजना को सिर्फ इसलिए खारिज नहीं करना चाहिए कि अतिशय राजनीतिक रंग देने के साथ-साथ सरकार इसे आर्थिक समृद्धि के औजार के तौर पर भी पेश कर रही है। बेशक बैंक खाता उपलब्ध करा देना गरीबी खत्म हो जाने की गारंटी नहीं है। पर जिस देश की बड़ी आबादी के लिए बैंक में घुसना अब भी आतंक से कम नहीं है, जहां छोटी-मोटी जरूरत पर साहूकारों से भारी सूद पर कर्ज लेने की मजबूरी आज भी है और जहां बैंक खाता न होने के कारण जरूरतमंदों के हिस्से की सब्सिडी पर सेंध लगने का सिलसिला बरकरार है, वहां एक ऐसी योजना बहुत महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन


आर्थिक सुरक्षा मिलने के साथ-साथ कमजोर तबके को इससे पहचान भी मिलेगी। प्रधानमंत्री ने सही कहा कि बैंक खाते से उन महिलाओं को लाभ होगा, जो घर में गाढ़ी मेहनत की अपनी कमाई नहीं बचा पातीं। इसका बड़ा फायदा यह है कि अब गरीब लोग जरूरत पड़ने पर बैंक से कर्ज ले पाएंगे और उसके बदले उन्हें ब्याज की मोटी दर नहीं चुकानी पड़ेगी। आर्थिक समावेशन की प्रक्रिया को गति देने के लिए भी यह जरूरी कदम है।
विज्ञापन


पिछली यूपीए सरकार ने सब्सिडी के वितरण में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए जिस डाइरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजना की शुरुआत की थी, हर परिवार के पास बैंक खाता न होने की स्थिति में उसका लाभ मिलना नामुमकिन ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में तो यह योजना खासकर महत्वपूर्ण होनी चाहिए, जहां बैंकिंग व्यवस्था बहुत मजबूत नहीं है। बैंक खाते न होने का गरीब लोग कैसा नुकसान उठाते हैं, यह हम पश्चिम बंगाल में चिटफंड कंपनियों की ठगी में देख चुके हैं।


इसके बावजूद इन दो राज्यों की सरकारों ने इस योजना के प्रति इसलिए उदासीनता का परिचय दिया, क्योंकि इसकी शुरुआत एनडीए सरकार ने की है! अलबत्ता ऐसी एक जरूरी और महत्वाकांक्षी योजना शुरू करते हुए मोदी सरकार को भी खुशफहमी से बचना होगा। आखिर इससे पहले हम आधार और डाइरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी यूपीए की महत्वाकांक्षी योजनाओं का हश्र देख चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed