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अमेरिका की संस्था ने किया पीजीआई के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग का दौरा
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
Updated Tue, 23 Sep 2014 02:21 AM IST
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अमेरिका की ओनिरिफोर्म संस्था की तीन सदस्यीय टीम ने पीजीआई के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
टीम यहां दाखिल मरीजों से भी बातचीत की। विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने बताया कि हरियाणा में पिछले काफी समय से हेपेटाइटिस सी को खत्म करने के लिए जीवन रेगी स्कीम को जानने के लिए अब विदेशी भी उत्साहित हैं।
सोमवार को अमेरिका की ओनिरिफोर्म संस्था की तरफ से तीन सदस्य डॉ. तोमस के साथ उनकी पत्नी एवलीन और ररिनन लोगन की टीम ने पीजीआई के गैस्ट्रोएंट्रोलोजी विभाग का दौरा किया।
मरीजों से बातचीत के दौरान उन्होंने पाया कि यह योजना पूर्ण रूप से कारगर साबित हो रही है। डॉ. प्रवीण ने बताया कि एवलीन खुद काले पीलिया की मरीज रही हैं और ईलाज के बाद उन्होंने विदेश में काले पीलिया के विरुद्ध ओनिरिफोर्म संस्था चलानी शुरू की। इसी के तहत वह दूसरे देशों में जाकर इस बीमारी के अध्ययन के अलावा डॉक्टर से डिस्कशन करती हैं।
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400 मरीजों का हो चुका है इलाज
डॉ प्रवीण मल्होत्रा ने बताया कि अब तक करीब 400 मरीजों का सफल ईलाज हो चुका है और करीब 650 मरीजों का ईलाज चल रहा है। इस विभाग की सफलता का रेट 90 प्रतिशत है। काला पीलिया संक्रमण से होता है। जिस तरह बार- बार सूई लगाना, किसी दूसरे का शेविंग ब्लेड प्रयोग करना, जिनको बार-बार खून चढ़ाया जाता हो उन्हें, डायलिसिस और थैलीसिमिया के मरीज इस बीमारी की चपेट मे आ सकते हैं।
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टीम यहां दाखिल मरीजों से भी बातचीत की। विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने बताया कि हरियाणा में पिछले काफी समय से हेपेटाइटिस सी को खत्म करने के लिए जीवन रेगी स्कीम को जानने के लिए अब विदेशी भी उत्साहित हैं।
सोमवार को अमेरिका की ओनिरिफोर्म संस्था की तरफ से तीन सदस्य डॉ. तोमस के साथ उनकी पत्नी एवलीन और ररिनन लोगन की टीम ने पीजीआई के गैस्ट्रोएंट्रोलोजी विभाग का दौरा किया।
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मरीजों से बातचीत के दौरान उन्होंने पाया कि यह योजना पूर्ण रूप से कारगर साबित हो रही है। डॉ. प्रवीण ने बताया कि एवलीन खुद काले पीलिया की मरीज रही हैं और ईलाज के बाद उन्होंने विदेश में काले पीलिया के विरुद्ध ओनिरिफोर्म संस्था चलानी शुरू की। इसी के तहत वह दूसरे देशों में जाकर इस बीमारी के अध्ययन के अलावा डॉक्टर से डिस्कशन करती हैं।
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400 मरीजों का हो चुका है इलाज
डॉ प्रवीण मल्होत्रा ने बताया कि अब तक करीब 400 मरीजों का सफल ईलाज हो चुका है और करीब 650 मरीजों का ईलाज चल रहा है। इस विभाग की सफलता का रेट 90 प्रतिशत है। काला पीलिया संक्रमण से होता है। जिस तरह बार- बार सूई लगाना, किसी दूसरे का शेविंग ब्लेड प्रयोग करना, जिनको बार-बार खून चढ़ाया जाता हो उन्हें, डायलिसिस और थैलीसिमिया के मरीज इस बीमारी की चपेट मे आ सकते हैं।