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उच्च दर्जे के हों छात्रावास, टॉप टेन में गिना जाए पीजीआई
ब्यूरो, अमर उजाला/रोहतक
Updated Mon, 22 Dec 2014 03:05 AM IST
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मैं चाहता हूं कि संस्थान के छात्रावास उच्च दर्जे के हों, ताकि भावी डॉक्टरों का मन खुश रहे। हरियाणा सरकार के सहयोग से मैं कोशिश करूंगा कि पीजीआई की गिनती देश के पहले दस उच्च चिकित्सा संस्थानों में हो।
यह कहना है वर्ष 1971 बैच के पीजीआई के छात्र और हाल में हिसार के विधायक कमल गुप्ता का। वे रविवार को पीजीआई में 1971 बैच की एलुमनी मीट में बोल रहे थे।
छात्र जीवन की यादों में सोए दिग्गज
एलुमनी मीट में पहुंचे दिग्गज पीजीआई में बीते छात्र जीवन की यादों में खो गए। कहा कि कार्यवाहक कुलपति डॉ. वी. के. जैन और निदेशक डॉ. चांद सिंह ढुल अच्छा काम कर रहे हैं और उनकी इच्छा है कि संस्थान का और अधिक विकास हो। कार्यवाहक कुलपति डॉ. वी. के. जैन ने कहा कि वे काफी खुशी हैं कि वे अपने से एक बैच जूनियर साथियों से एक बार फिर मिल रहे हैं। वे संस्थान की कमियों के बारे में बताएं ताकि प्राथमिकता के आधार पर उन्हें दूर कर सकें। निदेशक डॉ. चांद सिंह ढुल ने कहा कि उन्हें एक बार फिर से अपने पुराने साथियों से मिलकर काफी अच्छा लग रहा है।
जिन्होंने की एलुमनी मीट की शुरुआत, वे ही आए मेहमान बनकर
पीजीआई में एलुमनी मीट की शुरुआत 1986 में डॉ. कमल गुप्ता व हिसार से अन्य साथियों ने की थी। उसके बाद सूरजकुंड व करनाल में भी यह एलुमनी मीट हुईं। उनकी आज यह चौथी एलुमनी मीट है। डॉ. चांद सिंह ढुल ने बताया कि सभी एलुमनी ने छात्रावास, डिसेक्शन हॉल, ऑडिटोरियम व नई ओपीडी का भ्रमण किया।
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अपने कमरों में पहुंचे एलुमनी, आंखें हुईं नम
दिग्गजों ने सभी छात्रावासों में जा कर अपने-अपने कमरों को देखा। कई छात्र पुरानी यादों में खो गए, जिससे उनकी आंखें तक नम हो गई। मंच का संचालन डॉ. नित्यानंद ने किया। डॉ. चांद सिंह ढुल ने बताया कि डॉ. जसनीत कमल नारंग सहित दो डॉक्टर विदेश से इस एलुमनी में हिस्सा लेने आए हैं। इस अवसर पर डॉ. पी. एस. गहलोत, डॉ. एसपीएस यादव, डॉ. एसपी गुलाटी, डॉ. मोहिंद्र कुमारबिशभनोई मौजूद रहे।
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मैं चाहता हूं कि संस्थान के छात्रावास उच्च दर्जे के हों, ताकि भावी डॉक्टरों का मन खुश रहे। हरियाणा सरकार के सहयोग से मैं कोशिश करूंगा कि पीजीआई की गिनती देश के पहले दस उच्च चिकित्सा संस्थानों में हो।
यह कहना है वर्ष 1971 बैच के पीजीआई के छात्र और हाल में हिसार के विधायक कमल गुप्ता का। वे रविवार को पीजीआई में 1971 बैच की एलुमनी मीट में बोल रहे थे।
छात्र जीवन की यादों में सोए दिग्गज
एलुमनी मीट में पहुंचे दिग्गज पीजीआई में बीते छात्र जीवन की यादों में खो गए। कहा कि कार्यवाहक कुलपति डॉ. वी. के. जैन और निदेशक डॉ. चांद सिंह ढुल अच्छा काम कर रहे हैं और उनकी इच्छा है कि संस्थान का और अधिक विकास हो। कार्यवाहक कुलपति डॉ. वी. के. जैन ने कहा कि वे काफी खुशी हैं कि वे अपने से एक बैच जूनियर साथियों से एक बार फिर मिल रहे हैं। वे संस्थान की कमियों के बारे में बताएं ताकि प्राथमिकता के आधार पर उन्हें दूर कर सकें। निदेशक डॉ. चांद सिंह ढुल ने कहा कि उन्हें एक बार फिर से अपने पुराने साथियों से मिलकर काफी अच्छा लग रहा है।
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जिन्होंने की एलुमनी मीट की शुरुआत, वे ही आए मेहमान बनकर
पीजीआई में एलुमनी मीट की शुरुआत 1986 में डॉ. कमल गुप्ता व हिसार से अन्य साथियों ने की थी। उसके बाद सूरजकुंड व करनाल में भी यह एलुमनी मीट हुईं। उनकी आज यह चौथी एलुमनी मीट है। डॉ. चांद सिंह ढुल ने बताया कि सभी एलुमनी ने छात्रावास, डिसेक्शन हॉल, ऑडिटोरियम व नई ओपीडी का भ्रमण किया।
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अपने कमरों में पहुंचे एलुमनी, आंखें हुईं नम
दिग्गजों ने सभी छात्रावासों में जा कर अपने-अपने कमरों को देखा। कई छात्र पुरानी यादों में खो गए, जिससे उनकी आंखें तक नम हो गई। मंच का संचालन डॉ. नित्यानंद ने किया। डॉ. चांद सिंह ढुल ने बताया कि डॉ. जसनीत कमल नारंग सहित दो डॉक्टर विदेश से इस एलुमनी में हिस्सा लेने आए हैं। इस अवसर पर डॉ. पी. एस. गहलोत, डॉ. एसपीएस यादव, डॉ. एसपी गुलाटी, डॉ. मोहिंद्र कुमारबिशभनोई मौजूद रहे।